
कृषि विश्वविद्यालय में समस्त छात्रों के लिए एआई पढ़ाई Publish Date : 27/10/2026
कृषि विश्वविद्यालय में समस्त छात्रों के लिए एआई पढ़ाई
कृषि विश्वविद्यालय के सभी छात्रों को पढ़ाई जाएगी। एआई तकनीकी उपयोगिता सिद्व
-डॉक्टर त्रिवेणी दत्त, कुलपति
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती उपयोगिता को देखते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल, कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ त्रिवेणी दत्त ने विश्वविद्यालय के सभी छात्रों को एआई तकनीकी विषय को पढ़ाने की अनुमति दे दी है तथा स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक महाविद्यालय के कोर्स में इस तकनीक को शामिल करते हुए सभी छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाए, जिससे छात्र इसका उपयोग कर सकें।
कुलपति डॉ त्रिवेणी दत्त ने कहा कि वर्तमान समय में एआई के बारे में छात्रों को जानना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से इस मॉड्यूल को विश्वविद्यालय के कोर्स में शामिल किया जा रहा है। इसमें एआई सिर्फ तकनीकी विषय या कोडिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों को अपने आस-पास की घटनाओं को देखने, पैटर्न पहचानने, सवाल पूछने गलतियों की जांच करने और अपने विवेक से निर्णय लेना सीखने की भी कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले छात्रों को बताया जाएगा कि एआई हमारे जीवन में आ चुका है। इसमें मशीन कैसे उदाहरण के साथ समझाती है? एआई से कैसे निजी जिंदगी में खतरा है? अपनी निजी जानकारियों, जिम्मेदारी और अधिकार आम जिंदगी में ए आई टूल से काम करना आज के बारे में उदाहरण सहित छात्र छात्राओं को बताया जाएगा।
एआई पर भरोसा कब और कैसे करें ये भी बताया जाएगा

कॉलेज ऑफ बॉयोटेक्नोलॉजी के डीन डॉक्टर आर एस सेंगर ने बताया वि0वि0 के कुलपति डॉ॰ त्रिवेणी दत्त के दिशा निर्देश के अनुसार प्रत्येक महाविद्यालय के छात्र छात्राओं को केवल नए मॉड्यूल का मकसद छात्रों को केवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल का इस्तेमाल करना सिखाना ही नहीं है, बल्कि यह समझाना भी है कि वे तकनीकें कैसे काम करती हैं। इसके साथ ही छात्रों को यह भी सिखाया जाएगा कि आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस, जवाबों पर कब भरोसा करना चाहिए और इनका सुरक्षित व जिम्मेदार इस्तेमाल कैसे किया जाए।
अब छात्र एक दूसरे से इससे संबंधित विषयों पर परिचर्चा, मजेदार प्रयोगों, एक्टिविटी और खुद सोच विचार करके आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के मूल नियमों पर आसानी से अपनी समझ को बढ़ा सकेंगे।