कृषि विश्वविद्यालय द्वारा रवि फसलों के बीज की बिक्री प्रारंभ      Publish Date : 19/10/2026

कृषि विश्वविद्यालय द्वारा रवि फसलों के बीज की बिक्री प्रारंभ

सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा रवि फसलों के उच्च गुणवत्तायुक्त बीज की बिक्री प्रारंभ कर दी गई है। बीज बिक्री केंद्र के नोडल अधिकारी डॉक्टर एल. के. गंगवार ने बताया कि फसलों से अधिक उत्पादन प्राप्त करने हेतु उनकी उन्नतशील प्रजातियों का चयन आवश्यक है। साथ ही चयनित उन्नतशील प्रजातियों का गुणवत्तायुक्त बीज का उपयोग करके ही अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

किसानों को उच्च गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराने की दिशा निर्देश में कृषि विश्वविद्यालय, मेरठ के कुलपति डॉक्टर त्रिवेणी दत्त के मार्गदर्शन में विशेष ध्यान दिया जा रहा है जिसके अंतर्गत शोध निदेशालय द्वारा विश्वविद्यालय फार्म पर फसलों के विशेषज्ञों व वैज्ञानिकों की देखरेख में विभिन्न फसलों की उन्नति प्रजातियों का गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन करके उच्च गुणवत्तायुक्त बीज विश्वविद्यालय के बीज विधान संयंत्र पर तैयार किया जाता है।

                                

विश्वविद्यालय के बीज बिक्री केंद्र पर गेहूं की बुवाई की विभिन्न उन्नतशील प्रजातियों डीबीडब्ल्यू-303, डीबीडब्ल्यू-327, डीबीडब्ल्यू-370, डीबीडब्ल्यू-187, डीबीडब्ल्यू-222, पी डब्लूबी-826, पीबीडब्ल्यू-872, 752, डब्लू डीबीडब्ल्यू-173, पीबीडब्ल्यू-226, डब्ल्यूएच-1270, जेकेडब्ल्यू-261, एच डी-3385 एवं एच डी3386 का उच्च गुणवत्तायुक्त बीज किसी विश्वविद्यालय के बीज बिक्री केंद्र पर किसानों हेतु उपलब्ध कराया गया है।

इसके साथ ही सरसों, चना, मसूर का भी उच्च गुणवत्तायुक्त बीज बिक्री के लिए बीज बिक्री केंद्र पर उपलब्ध है। बीजों की बिक्री के लिए 40 किलो तथा सरसों के लिए 1/2 किलो और मसूर चने के लिए पाँच किलो की पैकिंग तैयार की गई है। गेहूं प्रतिकिलो ग्राम साठ रुपए की दर से एवं काली और पीली सरसों क्रमश एक से चालीस रुपये और एक से तीस रुपये की दर से एवं मसूर 155 रुपए तथा चना130 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से दिया जा रहा है।

यह बीज किसानों को विश्वविद्यालय के पुराना परिसर स्थित बीज बिक्री केंद्र से प्रथम आओ। प्रथम पाव के आधार पर प्राप्त किया जा रहा है। यह बीज बीज बिक्री केंद्र पर 22 अक्टूबर2026 से किसानों को उपलब्ध रहेगा।