कृषि विश्वविद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवकों ने किया पौधरोपण      Publish Date : 12/10/2026

कृषि विश्वविद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवकों ने किया पौधरोपण

  • जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवकों ने किया पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त के दिशा निर्देशन में जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रथम वर्ष के एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए महाविद्यालय परिसर के हरित क्षेत्र में पौधरोपण किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा परिसर को हरा-भरा बनाए रखने के लिए प्रेरित करना रहा।

                        

कार्यक्रम महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आर. एस. सेंगर के दिशा निर्देशन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. पंकज चौहान, डॉ. अमित कुमार बालियान, डॉ. रेखा दीक्षित, डॉ. बुद्धेश गौतम, डॉ. नीलेश कपूर, डॉ. पुरुषोत्तम, डॉ. निधि सिंह, डॉ. दीपाली सिंह, एवं प्रोफेसर रविंद्र कुमार का मार्गदर्शन एवं सहयोग रहा।

प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों को वृक्षों के पर्यावरणीय महत्व से अवगत कराते हुए बताया कि पौधे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, वायु की गुणवत्ता सुधारने और जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने पौधरोपण के साथ-साथ पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता पर भी बल दिया।

                   

कार्यक्रम में प्रथम वर्ष के एनएसएस स्वयंसेवकों रेमजिम गुप्ता, हर्ष उपाध्याय, अम्बिका श्रीवास्तव, आदित्य गुप्ता एवं प्रियांशी सहित अन्य प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने सहभागिता की। वहीं, महाविद्यालय के वरिष्ठ विद्यार्थियों आदित्य सिंह चौहान एवं संकेत शर्मा ने कार्यक्रम के आयोजन एवं व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान करते हुए प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के साथ समन्वय स्थापित किया। सभी की सहभागिता से पौधरोपण गतिविधि संपन्न हुई और विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश मिला।

इस आयोजन के माध्यम से राष्ट्रीय सेवा योजना के सामाजिक एवं पर्यावरणीय उद्देश्यों को प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने तथा अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं हरा-भरा बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।