
कृषि विश्वविद्यालय का रजत जयंती समारोह Publish Date : 02/10/2026
कृषि विश्वविद्यालय का रजत जयंती समारोह
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कृषि विश्वविद्यालय में आज विश्वविद्यालय स्थापना दिवस एवं रजत जयंती उत्सव का हुआ आयोजन
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आज गांधी हाल में स्थापना दिवस एवं रजत जयंती उत्सव का आयोजन मान्य जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह एवम कुलपति डॉक्टर त्रिवाणी दत्त द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। उन्होंने गांधी जयंती के अवसर पर गांधी जी लाल बहादुर शास्त्री एवं सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया एवं फूल अर्पित किया।
इसके लिए गांधी हाल में स्थापना दिवस एवं भारत जयंती समारोह का शुभारंभ सरस्वती प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर प्रारंभ किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय मंत्री जलशक्ति उत्तर प्रदेश स्वतंत्र देव सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि किस विश्वविद्यालय के बच्चे अनुशासित हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था के प्रति समर्पण भाव से कार्य करना चाहिए तो पढ़ाई की यात्रा में विराम नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि ज्ञान, विज्ञान और तकनीक को किसान तक पहुंचाने का कार्य किया जाना चाहिए। आज के युग में ड्रोन टेक्नोलॉजी सेंसर, टेक्नोलॉजी एआई डिजिटल टेक्नोलॉजी, को किसानों की ताकत बढ़ाने के लिए प्रयोग किया जाना चाहिए, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी हो सकें। उन्होंने कहा, कम पानी वाली प्रजातियों का विकास किया जाए, जिससे पर ड्रॉप मोर क्रॉप पर और अधिक ध्यानदेना चाहिए। उन्होंने कहा, किसानों को वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग अधिक से अधिक किया जाना चाहिए, जिससे कम क्षेत्रफल में गुणवत्तायुक्त अधिक उत्पादन लिया जा सकें। उन्होंने कहा, खेत का पानी खेत में रुका जाना चाहिए और प्रत्येक खेत पर मेढ़ हो और उस पर एक पेड़ हो इस ओर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें नदियों को प्रदूषित होने से बचाना है और इस पर और अधिक कार्य करने की आवश्यकता है, क्योंकि नदिया देवताओं की नसें हैं। इस पर सभी को ध्यानदेना होगा। यदि नदियां प्रदूषित होंगी, तो पर्यावरण पर उसका प्रभाव बुरा पड़ेगा। नदियों तथा तालाब के किनारे कोई मकान नहीं बनना चाहिए। इस बात पर जोर दिया
उन्होंने छात्रों से कहा कि वो डिग्री लेने के उपरांत जल से प्यार करें। वृक्ष से प्यार करें जल और वृक्ष के पास बैठकर बातें करें।
तो उनके मन में इनके प्रति संरक्षण का भाव और अधिक जागृत होगा।