उन्नत भू-स्थानिक तकनीकों पर दस दिवसीय समर स्कूल प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन      Publish Date : 24/09/2026

उन्नत भू-स्थानिक तकनीकों पर दस दिवसीय समर स्कूल प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ के कृषि महाविद्यालय में मृदा विज्ञान विभाग एवं मृदा जल संरक्षण अभियांत्रिकी विभाग द्वारा UPCAR के वित्तीय सहयोग से “मृदा कार्बन निर्धारण एवं डिजिटल मृदा मानचित्रण हेतु उन्नत भू-स्थानिक तकनीकें” विषय पर आयोजित दस दिवसीय समर स्कूल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ।

समापन समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. त्रिवेणी दत्त ने की। अपने संबोधन में कुलपति ने कहा कि क्षमता निर्माण विश्वविद्यालय की प्रमुख गतिविधियों में से एक है तथा ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों, वैज्ञानिकों एवं शोधार्थियों को नवीन तकनीकों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कार्यक्रम के लिए UPCAR से वित्तीय सहयोग प्राप्त करने तथा प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए आयोजकों को बधाई दी और उत्कृष्ट समर स्कूल के आयोजन की सराहना की।

कार्यक्रम का स्वागत संबोधन अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डॉ. रामजी सिंह ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम के महत्व तथा कृषि में उन्नत भू-स्थानिक तकनीकों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

प्रशिक्षण की रिपोर्ट डॉ. विकास सिंह द्वारा प्रस्तुत की गई। उन्होंने बताया कि 15 से 24 सितंबर 2026 तक आयोजित प्रशिक्षण में राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, महाराष्ट्र एवं उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान GIS, रिमोट सेंसिंग, डिजिटल मृदा मानचित्रण, जियोस्टैटिस्टिक्स, मृदा कार्बन आकलन एवं आधुनिक डेटा-आधारित तकनीकों पर विशेषज्ञ व्याख्यानों के साथ व्यावहारिक एवं हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को मृदा एवं प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक आकलन, मृदा कार्बन प्रबंधन तथा डिजिटल मृदा मानचित्रण में आधुनिक भू-स्थानिक तकनीकों के उपयोग की जानकारी प्रदान की गई। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त व्यावहारिक अनुभवों एवं तकनीकी ज्ञान को अपने-अपने संस्थानों में शोध एवं शिक्षण कार्य में उपयोगी बताया।

डॉ. ज्ञानेश्वर नामदेव जगताप, सहायक प्राध्यापक, दापोली, महाराष्ट्र, सहित तीन अन्य प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के पाठ्यक्रम की उपयोगिता, विशेषज्ञों द्वारा दिए गए व्याख्यानों की गुणवत्ता तथा विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई आवास, भोजन एवं अन्य आतिथ्य सुविधाओं की सराहना की।

समारोह का संचालन डॉ. चित्रा शुक्ला ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अधिष्ठाता प्रौद्योगिकी महाविद्यालय डॉ. जयवीर सिंह ने प्रस्तुत किया। उन्होंने कुलपति, विश्वविद्यालय प्रशासन, UPCAR, सभी विशेषज्ञों, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

समापन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. वी. पी. सिंह, विभिन्न महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, निदेशक, विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक, शिक्षक एवं आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के पाठ्यक्रम निदेशक एवं मृदा विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. उदय प्रताप शाही ने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य वैज्ञानिकों, शिक्षकों एवं शोधार्थियों को आधुनिक भू-स्थानिक तकनीकों में दक्ष बनाना तथा जलवायु-स्मार्ट एवं सतत कृषि, मृदा कार्बन प्रबंधन एवं डिजिटल मृदा सूचना प्रणाली के क्षेत्र में क्षमता निर्माण करना था।

समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षण में सफलतापूर्वक भाग लेने के लिए प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। UPCAR के सहयोग से आयोजित यह समर स्कूल मृदा विज्ञान एवं कृषि अनुसंधान में आधुनिक डिजिटल एवं भू-स्थानिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण क्षमता निर्माण कार्यक्रम के रूप में संपन्न हुआ।