
हरियाणा के गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी! Publish Date : 12/09/2026
हरियाणा के गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी!
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बिजाई, रटून मैनेजमेंट समेत कई कृषि यंत्रों पर मिलेगा अनुदान-
अगर आप एक गन्ना किसान है और गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद ही लाभकारी है। हरियाणा राज्य सरकार ने गन्ना किसानों के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है, जिसके तहत किसानों को आधुनिक बिजाई, रटून मैनेजमेंट और कृषि यंत्रों पर मिलेगी भारी सब्सिडी का लाभ।
कब से शुरु होगी आवेदन प्रक्रिया और कितना मिलेगा अनुदान?
गन्ना किसानों के लिए राहत की खबर समने आ रही है कि इस बार किसानों को कृषि यंत्रों पर भारी अनुदान मुहैया कराया जाएगा और यह सौगात हरियाणा सरकार राज्य के किसानों को “गन्ने में कृषि यंत्रों का मशीनीकरण” (Mechanization in Sugarcane Implements) योजना के तहत प्रदान करेंगी। इस नई मुहिम की शुरुआत किसानों के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने वर्ष 2026-27 में शुरु की है, जिसके अंर्तगत किसानों को आधुनिक बिजाई, रटून मैनेजमेंट और कृषि यंत्रों पर भारी सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
किसानों को किन कृषि यंत्रों पर मिलेगी सब्सिडी की छूट?
अगर आप हरियाणा क्षेत्र के किसान है और इस सरकारी योजना का लाभ उठाने की सोच रहे हैं, तो सबसे पहले यह जानें लें कि किन कृषि यंत्रों पर मिलेगा अनुदान, जिनमें शामिल है-
- पावर ऑपरेटेड गन्ना सैट ट्रीटमेंट डिवाइस।
- पावर वीडर (इंजन चालित 5 से 7.5 BHP)।
- गन्ना रटून मैनेजर।
- रोटावेटर।
- मिनी ट्रैक्टर।
- ट्रैक्टर चालित स्प्रेयर।
- गन्ना कटर/स्ट्रिपर/प्लांटर।
योजना में आवेदन की अंतिम तारीख
भारत में गन्ने की खेती साल में दो मौसमों में की जाती है वसंतकाल और शरदकाल तो अगर आपने अपने खेतों में वसंत या ग्रीष्म ऋतु में गन्ना बिजाई कर दी है, तो ऐसे में किसानों के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। यानी की किसान भाई इस तारीख तक ही योजना में पंजीकरण करा सकते हैं।
वहीं, शरदकालीन गन्ना बिजाई के लिए किसान भाई-बहन आवेदन 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक कर सकते हैं।
किन इलाकों के किसानों को मिलेगा योजना का लाभ?
“गन्ने में कृषि यंत्रों का मशीनीकरण” (Mechanization in Sugarcane Implements) योजना की शुरुआत हरियाणा सरकार द्वारा की गई है, जिसके तहत हरियाणा के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों के पात्र किसानों को योजना का लाभ दिया जाएगा। इनमें शामिल है-
- यमुनानगर
- नारायणगढ़
- शाहाबाद
- करनाल
- असंध
- भादसों
- पानीपत
- कैथल
- रोहतक
- सोनीपत
- जींद
- पलवल
भूना, गोहाना और महम इन सभी क्षेत्रों के किसानों को इस सरकारी योजना के तहत अनुदान की सुविधा प्रदान की जाएगी।
