
कॉलेज या कोर्सः किसे चुनने में प्राथमिकता देनी चाहिए Publish Date : 11/09/2026
कॉलेज या कोर्सः किसे चुनने में प्राथमिकता देनी चाहिए
प्रो0 आर. एस. सेंगर
बारहवीं पास करने के बाद जब बात कॉलेज में ऐंडमिशन की आती है, तो छात्रों के सामने पहली चुनौती यह रहती है कि वे अपना मनपसंद कोर्स चुनें या मनपसंद कॉलेज। हाई कट ऑफ माक्र्स पर कॉलेजों में होने वाले ऐंडमिशन की वजह से अपनी पसंद के कॉलेज में, कोर्स सभी को मिल नहीं पाता है। अगर मनपसंद का की ऐंडमिशन सूची में नाम आ भी जाए, ती पसंदीदा कोर्स नहीं मिलता और पसंदीदा कोर्स में नाम आए, तो पसंदीदाकॉलेज नहीं मिलता। कॉलेज में ऐंडमिशन के वक्त यह स्थिति अमूमन ज्यादातर छात्रों के साथ आती है। ऐसे में छात्रों के सामनें यह निर्णय कर पाना काफी मुश्किल हो जाता है कि वे अपनी पसंद का कोर्स चुनें या फिर कॉलेज।
सोच-समझकर ही चुनें सही कॉलेज
स्कूल से निकलने वाले छात्र अक्सर उन कॉलेजों को अपना फेवरेट मान लेते हैं, जिनके बारे में उनके यारदोस्त बात करते हैं या फिर जिन कॉलेजों से सेलिब्रिटीज ने पढ़ाई की होती है। वहीं कुछ छात्र इस बात पर गौर करते हैं कि वे ऐसे कॉलेज को प्राथमिकता दें, जहां का इंफ्रास्ट्रक्चर और कैंपस प्लेसमेंट बेहतर हो। कॉलेज चुनने का हर किसी का अपना-अपना पैमाना होता है। फिर भी ऐंडमिशन से पहले कॉलेज की फैकल्टी और वहां के सीनियर्स से हकीकत जाननी चाहिए और उसके बाद ही कॉलिन के बारे में राय बनाएं। इसके साथ-साथयह भी जानें कि किस कॉलेज का कौन-सा कोर्स बेहतर है। कहीं ऐसा न हो कि प्रतिष्ठित कॉलेज के नाम पर आप वहां ऐसे कोर्स में ऐंडमिशन ले लें, जिसमें आपकी रुचि ही न हो।
रुचि के आधार पर लिस्टिंग
सबसे पहले अपनी क्षमताओं और रुझान के आधार पर अपने लिए विषय का चयन करें। इसके बाद उस कोर्स में अपने कैरियर की संभावनाएं टटोलें और फिर उस फोर्स के लिहाज से कौन-कौन से कॉलेज बेहतर साबित हो सकते हैं? इन सब की एक लिस्ट तैयार करें। ऐसा करने से यदि नंबर एक कॉलेज न भी मिल पाए, तो कोई बात नहीं। कोई दूसरा बेहतर कॉलेज चुन लें, जिसमें संबंधित कोर्स की अच्छी पढ़ाई और फैकल्टी हों और बहां सीखने का अच्छा स्कोप हो। कई बार नामी-गिरामी कॉलेज में भी फैकल्टी अच्छे नहीं होते, जिसके कारण सीखने में मुश्किलें आती हैं।
प्रैक्टिकल बनें
अच्छे कॉलेज से डिग्री लेने के बाद अच्छी नौकरी आसानी से मिल जाती है, ऐसा भी नहीं है। याद रखें, नौकरी दिलाने में आपकी नॉलेज ही अहम होती है, न कि कॉलेज। इसलिए व्यवहारिक होकर सोचें, किसी अच्छे कॉलेज में अपनी रुचि के विपरीत कोर्स में ऐंडमिशन लेकर असफल बनने से अच्छा है कि अपनी रुचि के विषय को थोड़े कम नामवर कॉलेज से भी बेहतर तरीके से कर अपनी नॉलेज और स्किल्स को बेहतर बनाएं। ताकि डिग्री पूरी होने के बाद आपको नॉलेज और स्किल्स के आधार पर आपको आसानी से कोई अच्छी नौकरी मिल जाए।
इसमें कोई दो राय नहीं कि अच्छे कॉलेज का नाम जॉब के लिए बायोडाटा बनाते वक्त घोड़ी मदद करते हैं, लेकिन यदि अच्छे कॉलेज के नाम पर किसी ऐसे कोर्स में ऐंडमिशन ले लें, जिसमें जॉब ग्रोथ अच्छी न हो या फिर जिस विषय में आपका रुझान ही न हो, तो वह कोर्स आपके लिए बोझिल हो जाएगा। डिग्री पूरा करना आपके लिए किसी सजा से कम नहीं होगा, हो सकता है आप बीच में ही अपने कोर्स को ड्रॉप कर दें। इसलिए बेहतर होगा कि आप अपनी रुचि के कोर्स के साथ कोई समझौता न करें। रुचि अनुसार सही विषय का चुनाव करें, साथ ही कॉलेज की मान्यता भी देखें।
लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
