
अपनी प्रेजेंटेशन स्किल्स सुधाकर कंपनी में ऊँचा मुकाम पाएं Publish Date : 08/09/2026
अपनी प्रेजेंटेशन स्किल्स सुधाकर कंपनी में ऊँचा मुकाम पाएं
प्रो0 आर. एस. सेंगर
प्रेजेंटेशन किसी एजेंडे के साथ-साथ खुद को भी व्यक्त करने की एक प्रभावी कला है। इसके माध्यम से आप अपने संगठन या कंपनी में में ऊंचा मुकाम हासिल कर सकते हैं। थोड़ी सी कोशिश और कुछ विशेष बातों को ध्यान में रखते हुए आप इस कला को सीख सकते हैं और कामयाब भी हो सकते हैं।
बाजार के बारे में एक आम कहावत है कि जो दिखता है वही बिकता है। यह बात कार्यस्थल पर भी उसी प्रकार से लागू होती है। आप जो काम कर रहे हैं या करने वाले हैं, वह तभी लोगों की समझ में आएगा जब आप उसे एक बेहतर तरीके से अपनी बात लोगों के सामने रखेंगे। फिर आपके बात रखने का माध्यम चाहे जो भी हो, यही कला प्रेजेंटेशन स्किल कहलाती है। करियर की सफलता में इस स्किल की बहुत अहम भूमिका होती है।
आपको ऐसे कई लोग मिलेंगे, जिनकी प्रेजेंटेशन अक्सर गड़बड़ा जाती है या वे विषय से भटक जाते हैं। एक सर्वे में जब ऐसे लोगों से से पूछा गया कि कार्यस्थल में आपको सबसे अधिक डर कब लगता है तो 90 प्रतिशत लोगों को यही जवाब था कि अगर लोगों की भीड़ या कुछ लोगों के बीच उन्हें बोलने के लिए जाए तो उनकी हथेली से भी पसीने छूट जाते हैं। ऐसे लोगों का यही डर नौकरी में उनकी तरक्की के रास्ते में आड़े आता है और इससे उनका आत्मविश्वास गिरता है वह अलग। ऐसी स्थिति में सबसे पहले कुछ बुनियादी तैयारी करने की जरूरत होती है, ताकि आपकी प्रेजेजेंटेशन स्किल्स में सुधार लाया जा सके।
बेहतर प्रेजेंटेशन के मुख्य रूप से दो पक्ष होते हैं। पहला अच्छे तरीके से लिखा गया कंटेंट और उसे बोलने का प्रभावशाली तरीका। इसके अलावा कुछ टिप्स, जिनको अच्छी प्रेजेंटेशन के लिए अपनाया जा सकता है-
विषय व तथ्यों की समझ
जिस विषय पर आपको प्रेजेंटेशन देना है, उस विषय की आपको गहरी समझ होना अति आवश्यक है। बेहतर प्रेजेंटेशन दर्शकों या श्रोताओं को विषय के बारे में सिर्फ सही जानकारी न देकर अतिरिक्त जानकारी देता है। यदि उस दौरान किसी श्रोता ने कोई सवाल कर दिया तो जानकारी के अभाव में आपको अपमानित भी होना पड़ सकता है। ऐसे में विषय व तथ्यों की पूरी जानकारी आपका आत्मविश्वास मजबूत बनाएगी। इसके अलावा यदि आप पावर प्वॉइंट प्रेजेंटेशन दे रहे हैं, तो उसके सभी टूल्स की जानकारी भी आपको अच्छी तरह से होनी चाहिए।
प्रेजेंटेशन का स्ट्रक्चर बनाएं
सफल प्रेजेंटेशन के लिए पहले उसका खाका तैयार किया जाता है। यानी प्रेनेंटेशन के आसपास एक कहानी सुनते हुए शुरुआत करें और उसे पूरा करें। इससे आप विषय पर केंद्रित रहेंगे और आपके पास एक स्पष्ट विचार होगा कि आप वास्तव में क्या कहना चाहते हैं।
आपको बोलना कब चाहिएः इन सब बिन्दुओं को एक साथ पिरोते हुए आप न सिर्फ धमाकेदार तरीके से शुरुआत कर सकेंगे, बल्कि अंत तक श्रोताओं व दर्शकों को बांधे रखने में भी सफल रहेंगे। इन सब के बीच अभ्यास करना भी बहुत जरूरी होता है।
आकर्षक व मनोरंजक शैली
इस प्रकार से आपकी प्रेजेंटेशन तभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच पाएगी, जब उसकी शैली आकर्षक व मनोरंजक होगी। भले ही वह आपकी कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट ही क्यों ना हो। कहने का मतलब साफ है कि आंकड़ों व तथ्यों की अधिकता होते हुए भी आप सामग्री को कुछ इस रूप में लोगों के सामने लाएं कि उससे लोगों को बोरियत न हो। यहीं काम आते हैं आपके कम्युनिकेशन स्किल्स, जिनके माध्यम से आप अपनी लुभावनी बातों या जुमलों से लोगों को तथ्यों व आंकड़ों की भरमार के बीच में भी उत्साहित होकर सुनने को मजबूर कर सकते हैं।
गलती होने पर भी घबराएं बिलकुल नहीं
प्रेजेंटेशन के दौरान कई बार ऐसी भी स्थिति आ जाती है, कि जब शब्दों का गलत उच्चारण हो जाता है या कोई बात अटक जाती है। इससे आपको घबराने की बजाय उसे शांत तरीके से संभालने की जरूरत होती है। इसका सबसे अच्छा तरीका है कि ‘माफ कीजिएगा’ बोलते हुए अपनी बात को किसी चुटकुले या हास्य व्यंग्य की ओर मोड़ दें। कुछ देर में माहौल सामान्य होने पर मूल विषय पर वापस आ जाएं, लेकिन अपनी गलती समझ आ जाने पर उस पर अड़ने के बजाय माफी मांगने में कोई बुराई नहीं है। किसी सजाल पर उस सवाल का जवाब सोचने के लिए ‘आपका सवाल अच्छा है’ जैसे जुमले भी काम आ जाते हैं।
समय का ध्यान रखें
यदि आपने प्रेजेंटेशन का अभ्यास किया है तो आपको इसमें लगने वाले समय का भी पूरा-पूरा अंदाजा होगा। अधिक देर तक प्रेजेंटेशन का लोगों पर नकारात्मक असर जाता है। सभी के पास समय की कमी होती है, इसमें कोशिश यह करनी होगी कि प्रेजेंटेशन का अभ्यास कुछ इस प्रकार करें कि यह तय समय से कुछ मिनट पूर्व खत्म हो जाए। इससे लोगों को सवाल पूछने का कुछ समय मिल जाएगा। इसे प्रेजेंटेशन की सफलता से जोड़कर देखा जाना चाहिए। इस दौरान यदि कोई जरूरी बिंदु है, तो वहां बोलने की रफ्तार कुछ कम कर दें।
अंत में धन्यवाद जरूर दें
‘धन्यवाद’को दुनिया के सबसे अच्छे शिष्टाचारों में से एक माना जाता है। प्रेजेंटेशन समाप्त होने पर कंपनी के बॉस या, टीम लीडर, आयोजकों, श्रोताओं/दर्शकों आदि को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद देना न कभी भूलें। कुछ लोग धन्यवाद से पहले अच्छे कोट या शायरी का प्रयोग करते हैं। कुछ लोग पावर प्वॉइंट प्रेजेंटेशन के दौरान किसी फनी वीडियो के जरिए बैंक्स शब्द का प्रयोग करते हैं। ये सब ऐसी चीजें हैं, जिनका असर लम्बे समय तक रहता है।
लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
