कृषि विश्वविद्यालय में चल रहा खेल कार्यक्रम का समापन      Publish Date : 30/08/2026

कृषि विश्वविद्यालय में चल रहे खेल कार्यक्रम का समापन

  • खेलों के प्रति समर्पण और स्वस्थ भारत का संकल्प लें। कुलपति डॉ त्रिवेणी दत्त

  • सफलता केवल जीत में नहीं बल्कि निरंतर में मेहनत अनुशासन और कभी हार ना मानने की भावना में है। कुलपति डॉ त्रिवेणी दत्त

  • युवाओं को पढ़ाई के साथ साथ खेलों के लिए भी प्रोत्साहित करना चाहिए।

एक स्वस्थ, अनुशासित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हो। इसमें खेल का विशेष योगदान है। खेलों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने और देश के उभरते खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का संकल्प लें।

कृषि विश्वविद्यालय में चल रहे 3 दिवसीय कार्यक्रम ‘खेलेगा भारत जीतेगा भारत का आज समापन किया गया। इस अवसर पर संबोधित करते हुए कुलपति डॉ॰ त्रिवेणी दत्त ने कहा कि भारत में हर वर्ष 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है। यह दिन महान हाकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। मेजर ध्यानचंद ने अपनी अद्भुत खेल, प्रतिभा और शानदार प्रदर्शन से भारत को विश्व स्तर पर गौरान्वित किया। उनके खेल कौशल के कारण उन्हें हाकी का जादूगर कहा जाता है, राष्ट्रीय खेल दिवस केवल एक महान खिलाड़ी को याद करने का अवसर नहीं है बल्कि यह देश के युवाओं को खेलों के प्रति जागरूक करने और खेल भावना को बढ़ावा देने का संदेश भी देता है।

खेल हमारे जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास, मेहनत टीम, भावना और नेतृत्व जैसे गुणों को विकसित करते हैं। कुलपति डॉ॰ त्रिवेणी दत्त ने कहा कि आज भारत क्रिकेट हॉकी, कुश्ती, बैडमिंटन, एथलेटिक्स, शूटिंग, बॉक्सिंग और अन्य खेलों में लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों का सम्मान और शानदार प्रदर्शन देश के करोड़ों युवाओं को प्रेरित कर रहा है।

राष्ट्रीय खेल दिवस हमें यह संदेश देता है कि सफलता केवल जीत से नहीं बल्कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और कभी हार ना मानने की भावना में है। हमें बच्चों और युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों के लिए भी प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि एक स्वस्थ, अनुशासित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हो सकें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस पर हम खेलों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने और देश के उभरते खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने का संकल्प लें और समय समय पर विश्वविद्यालय में खेलों का आयोजन करके छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने का मौका दिया जाएगा।

कार्यक्रम में आज प्रातः योगा का भी आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के राष्ट्रव्यापी अभियानों से विद्यार्थियों से शिक्षकों और कर्मचारियों में खेल भावना विकसित होती है और स्वास्थ्य भी ठीक रहता है। नियमित रूप से योगा में भाग लेने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है। छात्र कल्याण डॉ॰ डी॰ के॰ सिंह ने कहा छात्र छात्राओं ने काफी संख्या में युवा कार्यक्रम में हिस्सा लिया। विश्वविद्यालय ने छात्र छात्राओं के लिए योगा रोजाना प्रातः कराने के लिए एक योगा शिक्षक की नियुक्ति की है, जिससे हॉस्टल में ही छात्रों को योगा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण, डॉक्टर डी. के. सिंह, अधिष्ठाता पशुचिकित्सा महाविद्यालय डॉ0 राजीव सिंह अधिष्ठाता टेक्नोलॉजी, डॉ॰ जयवीर अधिष्ठाता, पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज डॉ0 डी. के. सिंह, डॉ0 टी॰ एस॰ सरकार, डॉ0 सत्येन्द्र कुमार डॉ0 वी॰ के॰ सिंह आदि शिक्षक एवं छात्र छात्राएं मौजूद रहे।