
एसवीपीयूएटी में सशस्त्र बल कर्मियों के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन Publish Date : 30/08/2026
एसवीपीयूएटी में सशस्त्र बल कर्मियों के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन
- एसवीपीयूएटी में सेवा निवृत्त एवं सेवा निवृत्त होने वाले सशस्त्र बल कर्मियों के लिए 21 दिवसीय खाद्य प्रसंस्करण उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का गरिमापूर्ण समापन
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एसवीपीयूएटी), मेरठ के कॉलेज ऑफ पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी एंड फूड प्रोसेसिंग द्वारा सेवानिवृत्त एवं सेवा निवृत्त होने वाले सशस्त्र बल कर्मियों के पुनर्वास एवं उद्यमिता विकास हेतु आयोजित 21 दिवसीय “Skill Based Entrepreneurship Development Programme on Food Processing” का गरिमापूर्ण वातावरण में समापन एवं प्रमाण-पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) त्रिवेणी दत्त के मार्ग-दर्शन, प्रोत्साहन एवं प्रेरणा से सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। माननीय कुलपति द्वारा कौशल विकास, उद्यमिता एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा सेवा निवृत्त एवं सेवा निवृत्त होने वाले सशस्त्र बल कर्मियों को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया। उनके मार्गदर्शन ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ. वी. पी. सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में स्वरोजगार एवं उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त तकनीकी ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल का उपयोग कर सफल उद्यम स्थापित करने तथा रोजगार सृजन में योगदान देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर निदेशक प्रसार डॉ. सतेंद्र ने प्रतिभागियों को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने तथा नवीन तकनीकों को अपनाकर अपने उद्यम को सफल बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा कौशल विकास एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
महाविद्यालय की अधिष्ठाता एवं पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. जिनिता इमैनुएल, कॉलेज ऑफ पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी एंड फूड प्रोसेसिंग, ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 10 अगस्त से 30 अगस्त 2026 तक आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कुल 21 प्रतिभागियों, जिनमें भारतीय सेना के 11 तथा भारतीय वायु सेना के 10 कर्मी शामिल थे, ने प्रतिभाग किया। इनमें से 14 प्रतिभागी वर्ष 2026 में तथा 7 प्रतिभागी वर्ष 2027 में सेवा निवृत्त होने वाले हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्यमिता के विभिन्न क्षेत्रों में 34 सैद्धांतिक व्याख्यान एवं 10 व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम में 22 विषय विशेषज्ञों एवं संसाधन व्यक्तियों ने अपने ज्ञान एवं अनुभव से प्रतिभागियों को लाभान्वित किया।
प्रतिभागियों को फल एवं सब्जी प्रसंस्करण, दुग्ध प्रसंस्करण, बेकरी एवंa कन्फेक्शनरी उत्पाद, मिलेट प्रसंस्करण, खाद्य पैकेजिंग, खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता, विपणन, लागत निर्धारण, मूल्य निर्धारण, एफएसएसएआई विनियम एवं लाइसेंसिंग तथा व्यवसाय योजना निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण की प्रमुख विशेषता विभिन्न खाद्य उत्पादों के निर्माण एवं प्रसंस्करण से संबंधित हैंड्स-ऑन व्यावहारिक प्रशिक्षण रहा, जिसके माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावसायिक स्तर पर उत्पाद निर्माण की व्यावहारिक समझ प्रदान की गई।
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को औद्योगिक भ्रमण के माध्यम से नमस्ते इंडिया एवं बिकानो के उत्पादन एवं प्रसंस्करण संयंत्रों का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों, गुणवत्ता प्रबंधन एवं व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त की। इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रसंस्करण केंद्रों एवं प्रयोगशालाओं का भी भ्रमण कराया गया, जिससे उन्हें उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं एवं खाद्य उत्पाद विकास की प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त हुई।
कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. हर्ष प्रकाश शर्मा, डॉ. ट्विंकल कुमार सचान एवं डॉ. दीपाली मुद्गल द्वारा किया गया। उनके साथ महाविद्यालय के संकाय सदस्यों, विषय विशेषज्ञों, तकनीकी एवं सहायक कर्मचारियों तथा विभिन्न समितियों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
समापन समारोह में प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्राप्त अनुभव साझा करते हुए इसे अपने भविष्य के उद्यमिता एवं स्वरोजगार की दिशा में अत्यंत उपयोगी बताया। प्रतिभागियों ने विशेष रूप से व्यावहारिक प्रशिक्षण, औद्योगिक भ्रमण तथा खाद्य व्यवसाय की लागत, विपणन एवं व्यवसाय योजना से संबंधित सत्रों को उपयोगी बताया। इस अवसर पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा कार्यक्रम में योगदान देने वाले संसाधन व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को उनके भावी उद्यमिता प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दी गईं। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान, तकनीकी कौशल एवं आत्मविश्वास प्रतिभागियों को सेवा निवृत्ति के पश्चात खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में सफल एवं आत्म निर्भर उद्यम स्थापित करने तथा रोजगार सृजन में योगदान देने में सहायक सिद्ध होगा।
समापन समारोह में महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी, विषय विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
