
वजन को कम करने से जुड़े कुछ मिथक और तथ्य Publish Date : 24/08/2026
वजन को कम करने से जुड़े कुछ मिथक और तथ्य
डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा
अपने बढ़े हुए वजन को कम करना एक लंबी यात्रा है, जिसके साथ कई गलत धारणाएं जुड़ी हुई होती हैं। आज इस पोस्ट में हमारे आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ सुशील शर्मा आपको बता रहे हैं, वजन को कम करने से जुड़ी कुछ आम भ्रांतियों, तथ्यों और तर्क के बारे में विस्तार से।
पहला मिथक
- आप एक महीने में 10 किलो तक वजन कम कर सकते हैं।
➤ तर्क
कई स्वास्थ्य केंद्रों ने अपने उत्पादों को बेचने के लिए इस प्रकार की मार्केटिंग रणनीति का इस्तेमाल किया है। वास्तव में, यह वजन घटाने का एक बहुत ही अस्वास्थ्यकर और अस्थिर तरीका हो सकता है। स्वास्थ्य की बात करें तो हमेशा दीर्घकालिक लाभों के बारे में सोचना चाहिए। वैज्ञानिक रूप से, स्वस्थ तरीकों से वजन को कम करने की सीमा केवल 2 से 5 किलोग्राम के बीच होती है।
➤ सत्यता
आप एक महीने में 10 किलो वजन को कम कभी नहीं कर सकते।
दूसरा मिथक
- वजन को कम करने के लिए केवल व्यायाम ही काफी है, डाइटिंग की कोई जरूरत नहीं पड़ती है।
➤ तर्क
व्यायाम हमारे शरीर लिए के कई कारणों से लाभदायक होते है, लेकिन वजन को कम करने के मामले में, उचित आहार प्रणाली एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अगर आप एक चिकन सैंडविच खाते हैं, तो आप 400 से 500 कैलोरी लेते हैं; अब इस कैलोरी को बर्न करने के लिए आपको कम से कम एक घंटे तक व्यायाम करना पड़ेगा। अब एक ऐसी स्थिति की कल्पना करें जहां आपने एक स्वस्थ आहार विकल्प का चुनाव करते हैं। उस स्थिति में, आधे घंटे का व्यायाम करना ही पर्याप्त होता है। ऐसे में वजन को कम करने के लिए आपको कितना व्यायाम करना चाहिए, इस बारे में विशेषज्ञ से बात करें।
➤ सत्यता
वजन को कम करने के लिए केवल व्यायाम करना ही पर्याप्त नहीं होता है, इसके लिए एक उचित आहार प्रणाली का पालन करना भी अत्यंत आवश्यक होता है।
तीसरा मिथक
- उपवास और भोजन छोड़ना आपको तेजी से वजन घटाने में मदद कर सकता है।
➤ तर्क
उपवास और भोजन न करने से चयापचय धीमा हो जाता है, जिसके कारण वजन धीरे-धीरे कम होता है। इसके अलावा, दिन के अंत में आपको बहुत भूख लगती है और उस समय आप अनहेल्दी चीजें ज्यादा खा लेते हैं। वजन कम करने के लिए शरीर के चयापचय को बढ़ाने के बारे में अधिक से अधिक जानकारी अवश्य ही प्राप्त करें।
➤ सत्यता
उपवास करने और भोजन न करने से कभी भी तेजी से वजन कम करने में मदद नहीं मिल सकती है।
चौथा मिथक
- कॉर्बोहाइड्रेट से वजन बढ़ता है। इसलिए, अपने आहार में कॉर्बोहाइड्रेट की मात्रा कम से कम ग्रहण करनी चाहिए।
➤ तर्क
कॉर्बोहाइड्रेट आपका वजन कभी नहीं बढ़ाता है बल्कि वजन कैलोरी के कारण बढ़ता है। कॉर्बोहाइड्रेट में मौजूद चीनी और वसा अक्सर आपका मोटापा बढ़ाते हैं। इसलिए आपको सलाह है कि आप साबुत अनाज जैसे अन्य अच्छे कॉर्बोहाइड्रेट्स का चुनाव करें।
➤ सत्यता
कॉर्बोहाइड्रेट से कभी वजन नहीं बढ़ता। आपको चीनी, मिलाई गई चीनी और परिष्कृत आटे के जैसे हानिकारक कॉर्बोहाइड्रेट से बचना चाहिए। अच्छे और बुरे कॉर्बोहाइड्रेट के बारे में अधिक से अधिक जानने का प्यास करें।
पांचवां मिथक
फैड डाइट से आपको तेजी से वजन कम करने में मदद मिलती है।
➤ तर्क
कुछ खास तरह के आहारों में केवल 800 से 1000 तक की कैलोरी मौजूद होती हैं, जिनका पालन करना मुश्किल होता है। लंबे समय में इनके कई दुष्प्रभाव होते हैं। इस तरह के आहार से आपको हमेशा ही बचकर रहना चाहिए।
➤ सत्यता
फैड डाइट उस तरह की वजन घटाने वाली डाइट है जो वास्तव में नुकसानदायक साबित होती है।
छठा मिथक
वजन घटाने के लिए केवल फलों का आहार करना सबसे अच्छा तरीका है।
➤ तर्क
फलों में भी कैलोरी होती है। हालांकि, अगर आप सिर्फ फलों पर ही निर्भर रहते हैं, तो आप अपने शरीर को अन्य विभिन्न प्रकार के पोषक तत्वों से वंचित कर देते हैं और इससे आपको दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है।
➤ सत्यता
कुल मिलाकर कहा जाए तो केवल फलों का आहार के ऊपर ही निर्भर रहना बिल्कुल भी अच्छा नहीं माना जाता है।
लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।
