इस जल का जलवा है      Publish Date : 13/05/2026

                    इस जल का जलवा है

                                                                                                                                    प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

गेट-टुगेदर हो या क्लब इवेंट, पार्टियों में अब कोल्ड ड्रिंक्स की जगह कांच के खूबसूरत जार में सजे 'स्पेशल पानी' ने ले ली है। यह माकटेल से एकदम अलग है, जिसमें फ्लेवर, के नाम पर कोई सिरप नहीं डाला जा रहा। इसमें तमाम तरह की सब्जियां, फलों के टुकड़े और हर्ब्स होते हैं। हाई-प्रोफाइल शादियों और इवेंट्स में भी मेहमानों का मिजाज बदल रहा है। कारण सिर्फ जायके तक सीमित नहीं है, गट-हेल्थ सुधारने से लेकर इम्युनिटी बढ़ाने तक ये ड्रिंक्स स्वाद और सेहत का परफेक्ट मेल हैं।

जैसी पसंद वैसी पेशकश

लग्जरी स्टेटमेंट बन चुके इन्फ्यूज्ड वाटर में हिबिस्कस और कैमोमाइल के साथ तुलसी और रोजमेरी जैसे हर्ब्स का जादू छाया हुआ है। पार्टी हो या गेट-टुगेदर, मेहमानों को उनकी पसंद और सेहत की जरूरतों के हिसाब से कस्टमाइज्ड ड्रिंक्स सर्व करना, न्यू-एज लग्जरी मानी जा रही है। यह अंदाज बड़े-बड़े होटल भी अपना रहे हैं, जो अपने मेहमानों को उनकी सेहत के हिसाब से अपना ड्रिंक खुद चुनने का विकल्प देकर उनका दिल जीत रहे हैं।

स्वाद जो सेहत दे

                                            

अगर आप किसी हाई-एंड गाला डिनर या खास दावत की मेजबानी कर रहे हैं, तो इन ड्रिंक्स को खाने के साथ सर्व करना किसी कला से कम नहीं है। इन्फ्यूज्ड वाटर की तैयारी में सबसे आकर्षक होता है इसका प्रेजेंटेशन। कांच के आकर्षक मर्तबान, जार व बोतलों में तैरती ये सामग्रियां सिर्फ दिखावा नहीं, बल्कि आपके मेटाबालिज्म को बूस्ट करने का पावरहाउस हैं। अदरक, कुलिंजन (गालंगल) और मिर्च जैसी सामग्रियां शरीर में धर्मोजेनेसिस यानी कैलोरी जलाने वाली गर्मी पैदा करती हैं। अदरक या मिर्च का इस्तेमाल इतनी नजाकत से किया जाता है कि वे खाने के जायके को कम न करें, बल्कि उसे एक नया पंच दें।

विज्ञान और कला का संगम

इन्फ्यूज्ड वाटर का असली जादू 'मेसरेशन' यानी फलों और जड़ी-बूटियों को पानी में भिगोने की प्रक्रिया में छिपा है। यहां कैचप्वाइंट ये है कि हर सामग्री अपना मिजाज, तापमान और पानी में घुलने की प्रक्रिया में अंतर रखती है। जहां नाजुक फूल और कोमल पत्तियां कम समय में ही अपना असर छोड़ देती हैं (ज्यादा देर रखने से इसमें कड़वाहट आ सकती है), वहीं अदरक और फल लंबे समय तक भीगने पर ही अपना असली स्वाद छोड़ते हैं। बेहतरीन और रिफ्रेशिंग अनुभव के लिए कोल्ड इन्फ्यूजन' आजमाएं। यह न केवल पानी को क्रिस्टल क्लियर रखता है, बल्कि स्वाद को भी सौम्य और ताजा बनाए रखता है।

मिलन देसी-विदेशी जड़ी-बूटियों का

हाई-एंड हाइड्रेशन का ट्रेंड अब ग्लोबल है, लेकिन इसका आत्मा देसी है। इसमें हमारी क्षेत्रीय पहचान को खास तवज्जो दी जा रही है साथ ही कुछ विदेशी स्वाद इसे और खास बना देते हैं। कोकम, जामुन और तुलसी जैसे पारंपरिक फल और जड़ी-बूटियों से युक्त डिटाक्स वाटर अब बड़े-बड़े कैफे और बार के मेनू की शान बढ़ा रहे हैं। तो वहीं स्वाद को और भी शानदार बनाने के लिए इन्हें लेमनग्रास और पांडन जैसे विदेशी जायकों के साथ भी पेश किया जा रहा है।

इन बातों का रखें ध्यान

लंदी पार्टी में इन्फ्यूज्ड वाटर की ताजगी वरकरार रखना चुनौतीपूर्ण होता है। इसके लिए कुछ खास तरीके अपनाएं:

  • पूरी मात्रा एक साथ डिस्पेंसर में न डालें। एक बड़ा हिस्सा फ्रिज में ठंडा रखें और समय-समय पर डिस्पेंसर को रिफिल करते रहे। इससे पानी का तापमान और स्वाद दोनों नियंत्रित रहते हैं।
  • खीरा, सेब, संतरा और नीबू जैसे फल लंबी पार्टियों के लिए बेहतरीन हैं। ये जल्दी नहीं गलते।
  • नींबू, मौसंबी या संतरे जैसे -सिट्रस फलों को अगर चार घंटे से ज्यादा पानी में रखना हो, तो उनका छिलका उतार दे।
  • डिस्पेंसर को सीधे धूप या गर्म लाइट के नीचे न रखें। इससे फल जल्दी आक्सिडाइज हो जाते हैं और पानी का रंग बदल सकता है।
  • पानी को हमेशा ठंडा रखें ताकि स्वाद और सुरक्षा दोनों बनी रहें। इसके लिए डबल कंटेनर तकनीक का उपयोग करें।
  • सामग्री डालने का सही क्रम भी मायने रखता है। सबसे नीचे, खीरा, अदरक या दालचीनी जैसी सख्त चीजें डालें, बीच में स्ट्राबेरी, संतरा या कीवी जैसे फल और ऊपर पुदीना, तुलसी या रोजमेरी जैसी नाजुक पतियां रखें।
  • जिन फलों का रंग जल्दी बदल जाता है (जैसे सेब या केला), उन्हें सर्व करने के ठीक पहले ही डालें।
  • साधारण बर्फ के बजाय फलों और पुदीने की ही बर्फ की ट्रे में जमा दें। इससे जब बर्फ पिघलेगी, तो स्वाद कम होने के बजाय और बढ़ जाएगा।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।