
गन्ना एक फायदे अनेक Publish Date : 18/04/2026
गन्ना एक फायदे अनेक
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 सुशील शर्मा
विश्व में गन्ने की खेती 193.7 लाख हेक्टेयर में की जाती है तथा उपज 66 टन प्रति हेक्टेयर है। गन्ना 101 देशों में बोया जाता है। 2019-20 में शर्करा उत्पादन 166.18 मिलियन मैट्रिक टन था। इसके अतिरिक्त, गन्ने के रस से गुड़, सिरका व खांडसारी भी बनाई जाती है। इसके अलावा, शर्करा प्रसंस्करण से बची खोई का विद्युत सह-उत्पादन, कागज बनाने तथा शीरे से अल्कोहल बनाकर ऊर्जा की आवश्यकता को एक सीमा तक पूरा किया जाता है। इससे अन्य बहुमूल्य बहुउपयोगी पदार्थ भी बनाए जाते हैं। इन सब बहुउपयोगी आयामों के चलते हम यह कह सकते हैं कि गन्ना एक फायदे अनेक होते हैं।
गन्ना चूसने के फायदे

गन्ना चूसना कई बीमारियों में फायदेमंद है। चरक वैद्य तथा सुश्रुत ने गन्ने के बहुत से औषधीय गुणों का वर्णन किया है जो स्वास्थ्य में लाभप्रद है, जिनका वर्णन निम्न प्रकार से हैः
- जहाँ तक हो सके, गन्ने को दाँतों से चबाकर उसका रस चूसना चाहिए। ऐसा करने से मसूड़ों में रक्त प्रवाह तेज होता है और दाँत मजबूत होते हैं।
- गला बैठ गया हो या फिर गले से आवाज कम निकल रही हो तो गन्ने को भूनकर, जब वह हल्का गर्म रह जाए तो गन्ने की फांकों में काला सेंधा नमक लगाकर चूसने पर फायदा मिलता है।
- गन्ने को छीलकर उसके छोटे-छोटे टुकड़े करके रात के समय खुले स्थान पर रख दें। सुबह ओस से, गीले गन्नों के टुकड़ों का सेवन करें। पीलिया बीमारी के सेवन में आराम मिलेगा।
- शारीरिक वृद्धि में सहायक होता है।
- गन्ने से चूसा हुआ रस ’वायु और पित्त’को नष्ट करता है।
- पाचन तंत्र से लेकर दाँत की बीमारियों में गन्ना चूसने पर अपनी उपयोगिया सिद्ध करता है।
गन्ना रस के सेवन से लाभ

- गन्ने के रस में भी भरपूर गुण हैं, पीलिया से ग्रसित मरीज को गन्ने के सेवन से फायदा मिलता है।
- सुबह-शाम ताजा गन्ने का रस शरीर में खून बढ़ाने में सहायक होता है।
- गर्मियों के दिनों में गन्ने का रस पीने से रक्त का प्रवाह बढ़ता है, जिससे स्फूर्ति का अहसास होता है।
- यह फेफड़ों में तरावट देता है, जिससे खांसी में आराम मिलता है।
- भोजन के बाद एक गिलास गन्ने का रस पीने से पेट की जलन दूर होती है और भोजन आराम से पच जाता है।
- खूनी दस्त आने पर 100 ग्राम गन्ने के रस में उतना ही अनार का रस मिलाकर दिन में तीन चार बार सेवन करने से फायदा मिलता है।
- पित्त की परेशानी होने पर एक गिलास गन्ने के रस में दो चम्मच शहद मिलाकर सेवन करना फायदेमंद होता है। यह पित्त को भी संयमित रखता है।
- सूखी खांसी आने पर गन्ने के रस में शहद मिलाकर पीने पर आराम मिल जाता है।
- भूख न लग रही हो तो गन्ने के रस में नींबू को निचोड़ कर तथा काला नमक मिलाकर पीने से भूख लगने लगेगी।
- मूत्र साफ करता है। मूत्र के समय जलन में आराम मिलता है। इसके सेवन से मूत्र विकार में आराम मिलता है।
- वायु घटाता है, खाना खाने के बाद रस पीने से वायु में तेजी आती है।
- रक्तचाप को संयमित रखता है।
गन्ना “गुड़” में गुण ही गुण

गन्ना (ईख) के रस को आग पर खौलाकर गाढ़ा करके सख्त बनाया जाता है, वह “गुड़” कहलाता है। देश में गुड़ उपयोग को प्रचलित किया जाना चाहिए, क्योंकि गुड़ में गुण ही गुण हैं।
- वृद्ध व्याक्तियों के लिए चीनी की अपेक्षा गुड़ के सेवन करने की सलाह दी गई है।
- खाना खाने के बाद हर रोज गुड़ की एक डली मुँह में रखकर चूसने से पाचन शक्ति बढ़ती है।
- रक्त एवं पित्त विकार में गुड़ की चाय, दूध के साथ गुड़ या गुड़ की लस्सी पीने से फायदा मिलता है।
- गुड़ में शुद्ध देशी घी को मिलाकर खाने से शरीर हष्ट-पुष्ट रहता है।
- गैस, अपच वाले मरीजों को हर दिन सुबह थोड़ा सा गुड़ चूसने से वायु विकार से मुक्ति मिलती है।
- ठन्डी के दिनों में तिल के साथ गुड़ के सेवन से सर्दी का अनुभव कम होता है।
- खून को शुद्ध करने वाला तथा हृदय के लिए हितकारक माना गया है।
- उदर के लाभदायक कीड़ों की संख्या तीव्र गति से बढ़ाने में सहायक होता है।
- गठिया रोग से पीड़ित रोगी को 20-25 ग्राम गुड़ में तीन-चार ग्राम सोंठ का चूर्ण मिलाकर सेवन करने से पीलिया से पीड़ित रोगी को बहुत फायदा मिलता है।
- पेट में उत्पन्न हानिकारक को बाहर निकालने के लिए गुड़ से बनाए गए भोज्य पदार्थों को रात में भरपेट खा लेने और दूसरे दिन प्रातः एक खुराक फिर खाने से पेट के हानिकारक कीड़े मल के साथ पेट से बाहर निकल जाते हैं।
- गुड़ तथा अदरक की दो-दो ग्राम मात्रा को मिलाकर सुबह-शाम खाने से शरीर की सूजन कम होने लगती है।
- सर्दी, जुकाम होने पर नाक प्रायः बंद हो जाया करती है, और फिर सिर तथा बदन में दर्द महसूस होने पर दो ग्राम सोंठ को आधा कप पानी में एक घंटे भिगोकर रखें तथा इस पानी में थोड़ा सा गुड़ मिलाने के बाद इस पानी की दो-दो बूंदें नाक द्वारा लेने से आराम मिलता है।
- भुने हुए चने के साथ गुड़ खाने से कफ रोगी को आराम मिलता है। वैद्यों की सलाह है कि इसे खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए।
- गुड़ के रस में हरी धनिया को मिलाकर पीने से थकावट का अनुभव कम होता है।
- दस्त आने के बाद शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए गुड़ का रस पर्याप्त मात्रा में पीना चाहिए।
- शरीर के किसी अंग में मोच आने पर गुड़ में चूना मिलाकर पट्टी बांधने पर दर्द में आराम मिलता है।
- चोट लगने पर गुड़ में हल्दी का पाउडर (स्वाद के अनुसार) मिलाकर खाना चाहिए।
- अजवायन के पाउडर को गुड़ के साथ मिलाकर खाने से शरीर दर्द में आराम मिलता है।
- गर्म दूध को गुड़ के साथ मिलाकर पीने से जुकाम, कफ व शरीर दर्द में राहत मिलती है।
गुड़ : पोषक तत्वों की खान
गन्ना से चीनी बनने के बाद इसमें शुद्ध कार्बोहाइड्रेट या वसा के अलावा कुछ बचता ही नही है, और गन्ने में मौजूद सभी प्रकार के विटामिन चीनी उत्पादन के दौरान बाहर निकल जाते हैं। जबकि गन्ने से गुड़ बनाए जाने पर गन्ने में मौजूद सभी पोषक तत्व गुड़ में मौजूद रहते हैं। गुड़ में पाए जाने वाले पोषक तत्वों का वर्णन निम्नवत हैः
सौ ग्राम गुड़ में लगभग 0.4 ग्रा. प्रोटीन, 01. ग्राम वसा, 80 मि.ग्रा कैल्शियम, 40 मि.ग्रा. फास्फोरस, 11.4 मि.ग्रा. लोहा, 0.6 से 10.0 ग्राम कुल खनिज, 168 मि.ग्रा. कैरोटिन, 0.02 मि.ग्रा. विटामिन, 0.05 मि.ग्रा. राइबोफ्लेविन 0.05 मि.ग्रा. विटामिन सी और 383 कैलोरी ऊर्जा मौजूद होती है। बाकी मात्रा सुक्रोज, रिड्यूसिंग सुगर और नमी की पायी जाती है। इसलिए गुड़ अधिक पोषक तत्व देने वाला और स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है।
बहुत काम का है “गन्ने का सिरका”
गन्ने का सिरका गन्ने के रस से तैयार किया जाता है। आयुर्वेदिक चिकित्सकों का कहना है कि-
- सिरका पाचक होने के साथ-साथ भूख भी बढ़ाता है।
- एक चम्मच प्याज के रस में आधा चम्मच सिरका मिलाकर पीने से पेट के हानिकारक कीड़े मर जाते हैं।
- सिरका में एसीटिक अम्ल पाया जाता है, इसलिए यह एक अच्छे परिरक्षक का काम करता है।
- आम के अचार में अगर महक आ जाती है, तो इसको कम करने के लिए अचार में थोड़ा सा सिरका मिला देने से अचार फिर से खाने लायक हो जाएगा तथा लम्बे समय तक सुरक्षित बना रहेगा।
- आलू उबालते समय अगर थोड़ा सा सिरका पानी में मिला दिया जाए, तो आलू सफेद बने रहेंगे और आलू से छिलका भी आसानी से निकल जाएगा तथा आलू जल्दी से पक जाते हैं।
- सब्जियों को काटकर उनमें सिरका मिलाकर पानी से धोने पर उनमें कीटनाशक दवा का असर खत्म हो जाता है।
- पानी में सिरका मिलाकर रसोईघर/घर का फर्श पोंछने पर गंदगी की महक नहीं आती है।
- अंडे उबालने वाले पानी में यदि सिरका मिला दिया जाए, तो अंडे चटकते नहीं है।
- चावल पकाते समय पानी में एक चम्मच सिरका मिलाने से चावल पकने पर बिखर जाते हैं।
- जिन व्यंजनों में नींबू के रस को मिलाया जाता है, उनमें थोड़ा सा सिरका डालने पर खाने का स्वाद और बढ़ जाएगा।
- मिर्च, सब्जी, दाल व लहसुन में सिरका डालकर खाने से आसानी से पच जाता है।
- यदि त्वचा का रंग साफ नहीं है, तो सिरके में रूई डुबोकर लगाने से रंगत निखर जाएगी।
- यदि नाखूनों का रंग साफ नहीं है, तो उन पर सिरका मलें। नाखून कुछ समय बाद साफ हो जाएगें।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
