
कृषि विश्वविद्यालय में भारतीय सैनिको हेतु 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ Publish Date : 16/04/2026
कृषि विश्वविद्यालय में भारतीय सैनिको हेतु 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ
आज दिनांक 16.04.2026 को सरदार बल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ में भारतीय सैनिको हेतु 21 दिवसीय प्रशिक्षण ‘‘जैव-नियंत्रण एजेंटों के बडे़ पैमाने पर उत्पादन” प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रोफेसर (डॉ0) रामजी सिंह, कुलसचिव, डॉ0 कमल खिलाडी, निदेशक शोध, डॉ0 विवेक अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, डॉ0 डी0 वी0 सिंह, विभागाध्यक्ष कीट विज्ञान विभाग एवं डॉ0 राजेन्द्र सिंह, प्रशिक्षण कार्यक्रम निदेशक द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम माननीय प्रो0 त्रिवेणी दत्त, कुलपति, सरदार बल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ, के दिशा निर्देशन में किया जा रहा है।

इस अवसर पर कुलसचिव ने अपने सम्बोधन में बताया कि रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बहुत ही सराहनीय है। जैविक नियंत्रण नुकसानदायक कीटों के प्रबन्धन के लिए एक उत्तम विधा है। निदेशक शोध ने बताया कि कीटनाशकों के उपयोग से केंसर जैसी बीमारियॉं लगातार बढ रही है, जैव नियंत्रण से हम कीटनाशकों के उपयोग को कम कर सकते है। अधिष्ठाता कृषि ने बताया कि यह कार्यक्रम कृषि में नवाचार लायेगा जिससे कीटनाशकों का प्रयोग कम होगा। डॉ0 डी0 वी0 सिंह ने अपने संबोधन में इस कार्यक्रम से होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से बताया जैसे पर्यावरण प्रदूषण, कैसर से मुक्ति हेतु जैव नियंत्रक के उपयोग पर बल दिया। कार्यक्रम के निदेशक, डॉ0 राजेन्द्र सिंह ने इस प्रशिक्षण की रूपरेखा पर विस्तार से प्रकाश डाला ओैर बताया कि ‘‘जैव नियंत्रण की शक्ति, सेना की भक्ति और दोनों से सुरक्षित हमारी धरती”। कार्यक्रम का संचालन कुमारी नन्दिनी सिंह, शोध छात्रा द्वारा किया गया अंत में धन्यवाद प्रस्ताव डॉ0 डी0 वी0 सिंह, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष कीट विज्ञान विभाग द्वारा सभी का धन्यवाद दिया गया।

इस अवसर पर डॉ0 गोपाल सिंह अधिष्ठाता स्नात्कोत्तर, डॉ0 एल0 बी0 सिंह, विभागाध्यक्ष कृषि प्रसार, डॉ0 रामचन्द्र विभागाध्यक्ष कृषि अर्थशास्त्र, डॉ0 गजे सिंह, डॉ0 हेम सिंह, डॉ0 रमेश सिंह, डॉ0 योगेश कटारिया, डॉ0 एस0 पी0 सिंह, डॉ0 पूरन चन्द, आकाश सिंह, अमोल दीक्षित, विक्रान्त, आशा, सोरभ एवं कीर्ति पाल आदि मोजूद रहे।
