
पेड़ी गन्ने में खाद प्रबंधन (प्रति एकड़) Publish Date : 11/04/2026
पेड़ी गन्ने में खाद प्रबंधन (प्रति एकड़)
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 रेशु चौधरी
नाइट्रोजन (N) - मुख्य खाद:
कुलः 90-100 किलोग्राम नाइट्रोजन/एकड़
नाइट्रोजन देने की विधिः
कटाई के बादः 30-35 Kg
30-35 दिन बादः 30-35 Kg
60-70 दिन बादः 30 Kg
DAP: 50–60 kg
कटाई के बाद गुड़ाई के समय दें
बढ़वार के लिए स्प्रे
NPK 19:19:19 या 20:20:20
1 Kg + 150 लीटर पानी/एकड़
फसल पर समान स्प्रे करें

जब पेड़ी गन्ने में 07- 08 से अधिक किल्लों का फुटाव हो जाता है तो, क्या उपाय किया जाए कि ये सभी किल्ले चीनी मिल आपूर्ति योग्य गन्ने बन जाएं:
01- सिंचाई करने के बाद ओट आने पर प्रति एकड़ की दर से एक बोरी यूरिया, एक बोरी डीएपी और एक बोरी म्यूरेट ऑफ पोटाश को गन्ने की लाइन में डालकर जुताई/गुड़ाई करना चाहिए, जिससे ये तीनों उर्वरक गन्ने के जड़ के पास पहुंच जाएं।
02- गर्मियों में 15 अप्रैल से 15 जून के बीच पेड़ी गन्ने की 03 से 04 बार हल्की सिंचाई करना लाभदायक रहेगा।
03- मई एवं 15 जून तक कम से कम एक-एक फोलियर छिड़काव 0:52:34 एवं 0:0:50 का करना उचित रहता है।
04- जून के दूसरे सप्ताह तक एक बोरी यूरिया के साथ 10 किग्रा. जिंक-सल्फेट मिलाकर लगभग 10 इंच ऊॅची मिट्टी चढ़ा देनी चाहिए।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
