
वैश्विक परिस्थितियों में भारत की दृढ़ता Publish Date : 10/04/2026
वैश्विक परिस्थितियों में भारत की दृढ़ता
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
खड़ी देशों में युद्ध प्रारंभ होते ही लगभग पूरी दुनिया में ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। बहुत सामान्य नियम है कि जब आपूर्ति किसी कारण घटती है तो मांग और आपूर्ति में एक बड़ा अंतर दिखाई देता है जिसका प्रभाव वस्तु के मूल्य पर पड़ता है क्योंकि लोग अधिक मूल्य चुका कर कर भी अपनी मांग पूरी करने का प्रयास करते हैं। पेट्रोलियम के कच्चे तेल के मूल्य में आज कल जबरदस्त बढ़ोत्तरी है जिसके कारण विश्व के अनेक देशों में डीजल पैट्रोल की कीमतें 50 से 60 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। डीजल पेट्रोल की कीमत बढ़ते ही यातायात से ले कर डीजल पर निर्भर उत्पादन भी महंगा हो जाता है जिससे सामान्य आवश्यकता की वस्तुएं काफी महंगी हो जाती है। अपने आस पास के अन्य एशियाई देशों पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतें काफी बढ़ गई है फिर भी आपूर्ति नहीं हो पा रही है जबकि वहीं कई देशों की संयुक्त आबादी के बराबर वाले भारत में अभी भी कीमतें लगभग स्थिर बनी हैं और आपूर्ति भी लगभग सामान्य जैसी है। यह निश्चित रूप से भारत की सशक्त अर्थव्यवस्था का परिणाम है जो कच्चे तेल की कीमत बढ़ने पर भी अपने नागरिकों को राहत प्रदान कर रही है साथ ही वैश्विक कूटनीति के प्रभावी होने से आपूर्ति की समस्या से निपटने में सहायता मिल रही है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
