घर की बालकनी में उगाएं ब्रोकली      Publish Date : 07/11/2025

                      घर की बालकनी में उगाएं ब्रोकली

                                                                                                                                                                    प्रोफेसर आर. एस. सेगर एवं गरिमा शर्मा

ब्रोकली घर के बगीचों में उगाने के लिए एक लोकप्रिय सब्जी है। हालाँकि, इसका बड़ा आकार और बगीचे के कीटों को आकर्षित करने की प्रवृत्ति इसे गमलों में उगाना थोड़ा मुश्किल बना सकती है, लेकिन सही परिस्थितियों में यह पूरी तरह से संभव है! अपने गमलों में ब्रोकली उगाने का तरीका जानने के लिए आगे पढ़ें।

ब्रोकली ( ब्रैसिका ओलेरेशिया) गोभी परिवार का एक सदस्य है, जिसमें एक बड़ा, फूलदार सिर और खाने योग्य डंठल और पत्तियाँ होती हैं। हम जो मुकुट खाते हैं, वह वास्तव में एक अपरिपक्व फूलदार सिर होता है। आमतौर पर कच्चा और पकाकर खाया जाने वाला ब्रोकली विटामिन सी और के का एक बड़ा स्रोत है। यह उन सब्ज़ियों में से एक है जिसे कुछ बच्चे चट कर जाते हैं, खासकर डिप के साथ। मैंने इन्हें छोटे पेड़ कहा और पिघले हुए पनीर के साथ परोसा, मेरे नखरेबाज़ बच्चे तो और भी माँगते थे।

गमलों में ब्रोकली उगाने के कई फायदे हैं, जैसे कीट नियंत्रण आसान होना और कटाई आसान होना। ब्रोकली पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जिसे आप गमले या ग्रो-बैग अपने घर की बॉलकनी में आसानी से लगाकर उगा सकते हैं। घर पर उगाई गई ब्रोकली जैविक और अधिक पौष्टिक होती है। ब्रोकली में विटामिन-सी, विटामिन-के, ऑयरन और फाइबर भरपूर मात्रा में उपलब्ध हैं, जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। सर्दियों का मौसम ब्रोकली उगाने के लिए बिलकुल उपयुक्त होता है। ब्रोकली 15 से 25 डिग्री तापमान में अच्छे तरीके से बढ़ती है। अतः सर्दियों के इस मौसम में अपनी बॉलकनी हरियाली को बढ़ाते हुए ताजा और, सेहतमंद ब्रोकली का आनंद लें।

                                                                    

इस प्रकार उगाएं ब्रोकलीः सबसे पहले एक 12 से 14 इंच गहरा गमला या ग्रो-बैग का चयन करें। अब इसमें भरने के लिए मिट्टी का मिश्रण तैयार करने के लिए बागीचे की मिट्टी में गोबर की खाद अथवा वर्मी कम्पोस्ट में थोड़ी सी रेत को मिलाएं।

ब्रोकली के बीज आधा इंच की गहराई में बुवाई करें और बुवाई के बाद हल्का पानी देदें। 5-7 दिनों में बीज में से अंकुर निकलने लगते हैं। ब्रोकली के पौधों में चार पाँच पत्तियों के आने के बाद पौधों को बड़े गमलों में रोप देना चाहिए।

ब्रोकली के पौधों को प्रतिदिन 4 से 6 घंटे की धूप चाहिए। प्रति 15 दिन के अंतराल ब्रोकली में जैविक खाद का प्रयोग करें। जैविक खाद के लिए बोन मील या नीम की खली डालने से इसके फूल बड़े और सख्त बनते हैं।

ब्रोकली का कीटों से बचाव करने के लिए 5 मि.ली. नीम के तेल प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर इसका छिड़काव पौधों पर करें। मिट्टी को हल्का नम बनाए रखें और इसके साथ ही ब्रोकली का जलभराव से बचाव करें।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।