सर्दी में पशुओं के प्रमुख रोग और उनका प्रबन्धन      Publish Date : 13/12/2025

             सर्दी में पशुओं के प्रमुख रोग और उनका प्रबन्धन

                                                                                                                                                                                डॉ0 डी. के. सिंह एवं डॉ0 पूतान सिंह

सर्दियों में पशुओं में मुख्य रूप से निमोनिया, अफारा, थनैला, लंगड़ापन, हाइपोथर्मिया और परजीवी रोग (जैसे कोक्सीडायोसिस) आदि रोग होते हैं, जिनका प्रबंधन उचित आवास, पौष्टिक आहार, टीकाकरण, नियमित रूप से साफ-सफाई और पशुओं को धूप में रखकर आसानी से किया जा सकता है।

सर्दियों में पशुओं के प्रमुख रोग और प्रबंधनः

1. श्वसन संबंधी रोग (निमोनिया, सर्दी-जुकाम) आदि रोग

लक्षणः नाक से पानी, तेज सांस, कंपकंपी और सुस्ती होना।

रोग का प्रबंधनः गर्म आश्रय, हवा के झोंकों से बचाव (पर्दे लगाना), गुनगुने पानी से भाप देना और पशुओं को विटामिन युक्त आहार देना है।

2. पाचन संबंधी रोग (अफारा, अपच)

                                                   

लक्षणः पशुओं को भूख कम लगना, पेट फूलना, पानी कम पीना।

रोग का प्रबंधनः हरे और सूखे चारे का संतुलन (बरसीम के साथ भूसा), बिनौला खिलाना, अजवाइन-मेथी का काढ़ा देना।

3. थनैला (Mastitis)

लक्षणः पशु के थनों में सूजन और दूध उत्पादन में कमी आना

रोग का प्रबंधनः दूध निकालने के बाद थनों को पोटेशियम परमैग्नेट से धोना और आधा घंटा तक पशु को बैठने न देना जैसे उपाय अपनाए जा सकते हैं।

4. हाइपोथर्मिया (Hypothermia)

लक्षणः शरीर का तापमान कम (95°F से कम), कंपकंपी और पशु का कमजोरी महसूस करना।

रोग का प्रबंधनः कंबल ओढ़ाना, गर्म तरल पदार्थ देना, तुरंत पशु चिकित्सक को दिखाना।

5. अन्य रोग (लंगड़ापन, परजीवी)

लंगड़ापनः कंक्रीट पर लंबे समय तक खड़े रहने से, खुरों की नियमित जांच कराएं

कोक्सीडायोसिसः दस्त, परजीवी प्रोटोजोआ से, साफ-सफाई का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है।

सामान्य प्रबंधन उपाय

आवासः हवा-रोधी शेड, पर्दों का उपयोग और धूप का इंतजाम।

आहारः ऊर्जावान आहार (बिनौला, खल), हरा चारा + सूखा चारा।

स्वास्थ्यः समय पर टीकाकरण (गलघोंटू, खुरपका), कृमिनाशक दवा देना।

सफाईः शरीर को सूखे कपड़े से पोंछना, खुरों की सफाई करना।

लेखकः डॉ0 डी. के. सिंह, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यलय स्थित पशु चिकित्सा महाविद्यालय में कार्य कर रहे हैं।