सर्दियों में भी गाय-भैंस देगी भरपूर दूध के लिए अपनाएं कुछ आसान टिप्स      Publish Date : 12/11/2025

सर्दियों में भी गाय-भैंस देगी भरपूर दूध के लिए अपनाएं कुछ आसान टिप्स

                                                                                                                                                                प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 डी. के. सिंह

सर्दियों का मौसम डेयरी फार्म और दूध उत्पादन के लिए काफी अहम माना जाता है। अक्सर कहा जाता है कि गाय-भैंस सर्दियों में अधिक दूध देती हैं, लेकिन डेयरी एक्सपर्ट के अनुसार यह पूरी तरह सही नहीं है। हकीकत यह है कि अगर सर्दियों की शुरुआत में सही देखभाल और विशेष कदम उठाए जाएं, तो पशु अच्छी मात्रा में दूध दे सकते हैं।

सर्दियों में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए कुछ आवश्यक कदमः

                                                                  

एनिमल शेड की व्यवस्थाः सर्दियों में पशुओं को ठंड से बचाने के लिए शेड को गर्म और सूखा बनाए रखें। इससे पशु तनाव में नहीं आएंगे, यही सबसे जरूरी है।

गर्भाधान और हीट का ध्यानः अधिकतर भैंस सर्दियों में हीट में आती हैं। इस समय मुर्राह नस्ल के नर या नजदीकी केंद्र पर कृत्रिम गर्भाधान कराएं। भैंस बच्चा देने के 60-70 दिन बाद तक अगर पशु दोबारा से हीट में न आए तो उसकी तुरंत जांच करानी चाहिए।

खाद्य और मिनरल मिक्सचरः पशुओं को जल्दी हीट में लाने और स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए मिनरल मिक्चर का उन्हें खिलाना बहुत जरूरी है।

सुरक्षा और दवाईः बाहरी कीड़ों से पशुओं को बचाने के लिए समय-समय पर कीटनाशक दवाई का छिड़काव करते रहें। दुधारू पशुओं को थैनेला रोग और पेट के कीड़ों से बचाने के लिए डॉक्टर की सलाह से समय पर उचित दवा देनी चाहिए।

चारे का प्रबंधनः बरसीम का अधिक चारा लेने के लिए सरसों, चीनी कैबेज या जई के साथ बिजाई करें। बरसीम के साथ राई मिलाने से पौष्टिकता और उपज दोनों बढ़ती हैं। नए खेत में बरसीम की बिजाई से पहले राइजोबियम कल्चर उपचारित करें। साथ ही, जई का अधिक चारा लेने के लिए ओएस 6, ओएल 9 और कैन्ट की बिजाई अक्टूबर के बीच में कर दें।

बछड़े की देखभालः बछड़े को छह महीने की उम्र पर बैल बनाने के लिए बधिया करा दें।

सर्दियों में सही देखभाल और पोषण के साथ, गाय-भैंस भरपूर दूध दे सकती हैं। इसलिए एक्सपर्ट द्वारा बताए गए उपरोक्त टिप्स को अपनाकर आप अपने पशुओं से अच्छी मात्रा में दूध प्राप्त कर सकते हैं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।