
पौधों के बेहतर विकास के लिए आवश्यक मुख्य, द्वितीयक एवं सूक्ष्म पोषक तत्व Publish Date : 27/08/2026
पौधों के बेहतर विकास के लिए आवश्यक मुख्य, द्वितीयक एवं सूक्ष्म पोषक तत्व
प्रो0 आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 रेशु चौधरी
पौधों के लिए मुख्य पोषक तत्व (Primary Macronutrients):
मुख्य पोषक तत्वों की पौधों को सबसे अधिक मात्रा में आवश्यकता होती है, जिन्हें किसान विभिन्न उर्वरकों के माध्यम से अक्सर देते रहते हैं।
नाइट्रोजन (N): पौधों की अच्छी वानस्पतिक वृद्धि और हरे रंग के लिए।
फास्फोरस (P): पौधों की जड़ों के उत्तम विकास और ऊर्जा हस्तांतरण (ATP) के लिए।
पोटेशियम (K): रोग प्रतिरोधक क्षमता और फलों की उत्तम गुणवत्ता के लिए आवश्यक तत्व है।
द्वितीयक पोषक तत्व (Secondary Macronutrients):
पौधों को इन तत्वों की आवश्यकता मुख्य तत्वों से कम लेकिन सूक्ष्म तत्वों से अधिक होती है।
कैल्शियम (Ca): कोशिका भित्ति को मजबूती प्रदान करने के लिए अति आवश्यक तत्व।
मैग्नीशियम (Mg): क्लोरोफिल के निर्माण के लिए जरूरी।
सल्फर (S): तेल और प्रोटीन के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients):
पौधों को इन तत्वों की बहुत कम मात्रा में आवश्यकता होती है, हालांकि इन तत्वों की कमी से पौधों का विकास प्रभावित हो सकता है।
सूक्ष्म पोषक तत्व इस प्रकार से हैं-
लोहा (Iron – Fe), जिंक (Zinc – Zn), मैंगनीज (Manganese – Mn), ताँबा (Copper – Cu), बोरॉन (Boron – B), मोलिब्डेनम (Molybdenum – Mo), क्लोरीन (Chlorine – Cl) और निकिल (Nickel – Ni) आदि।
लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
