गन्ने में मैग्नीशियम सल्फेट का सही गणित      Publish Date : 07/06/2026

गन्ने में मैग्नीशियम सल्फेट का सही गणित

                                                                                                        प्रो0 आर. एस. सेंगर एवं अन्य

किसान भाइयों, क्या आपके खेत में गन्ने की नीचे वाली पत्तियां किनारों से पीली या कत्थई (Brown) पड़ रही हैं? क्या गन्ने की बढ़वार रुकी हुई है?

                                        

अगर हाँ, तो आपकी फसल में मैग्नीशियम की कमी हो सकती है। गन्ने को मोटा, लंबा और चमकदार बनाने के लिए मैग्नीशियम सल्फेट एक जादू की तरह काम करता है। आइए जानते हैं इसे कब और कैसे डालना है, जिससे कि आपके द्वारा लगाई गई लागत का पूरा-पूरा लाभ प्राप्त हो सके।

उपयोग का सबसे सही समय कौन सा है?

ऐसे तो मैग्नीशियम सल्फेट को फसल में कभी भी दिया जा सकता है, लेकिन सबसे सही रिजल्ट इन दो समय पर मिलता है:

1. पहला सबसे सही समय (बुवाई के 30 से 45 दिन पर): जब गन्ने में कल्ले (Tillers) निकल रहे हों। इस समय देने से कल्ले मजबूत और ज्यादा संख्या में निकलते हैं।

2. दूसरा समय (जून-जुलाई के दौरान): जब गन्ना 3 से 5 महीने का हो जाए और उसकी लंबाई तेजी से बढ़ रही हो। इस समय इसे यूरिया के साथ मिलाकर देना सबसे बेस्ट रहता है।

कितनी मात्रा में प्रयोग करें? (सही डोज)

आप इसका उपयोग फसल में दो तरीकों से कर सकते हैं:

तरीका 1: जमीन में डालकर (सबसे असरदार) तरीका ।

मात्रा: 10 से 15 किलो प्रति एकड़ की दर से।

कैसे दें: इसे यूरिया या सूखी रेत में मिलाकर गन्ने की जड़ों के पास बिखेर दें और इसके बाद फसल की हल्की सिंचाई (पानी) जरूर करें।

तरीका 2: खड़ी फसल में स्प्रे (तुरंत असर के लिए)

अगर पत्तियां ज्यादा पीली हैं, तो 1 किलो मैग्नीशियम सल्फेट को 200 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ स्प्रे करें।

सावधानी जो बचाएगी आपका नुकसान-

                                   

मैग्नीशियम सल्फेट को कभी भी DAP या SSP (फॉस्फोरस वाली खाद) के साथ मिलाकर सीधे न रखें। अगर यूरिया के साथ मिला रहे हैं, तो मिलाकर तुरंत खेत में डाल दें, उसे ज्यादा देर छोड़ें नहीं।

फायदा क्या होगा?

इसे डालने से पत्तियों में हरापन (क्लोरोफिल) बढ़ता है, जिससे पौधा धूप से ज्यादा भोजन बनाता है।

नतीजा- गन्ना मोटा होता है, लंबाई बढ़ती है और पैदावार शानदार मिलती है।

इसलिए आप आप अपनी गन्ने की फसल में मैग्नीशियम सल्फेट का उपयोग आवश्यकता के अनुसार अवश्य ही करें, आपको इसका लाभ मिलेगा और गन्ने की पैदावार बढ़ेगी।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।