
सल्फर 80\% WDG और 90\% WDG में अंतर Publish Date : 03/02/2026
सल्फर 80% WDG और 90% WDG में अंतर
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
खाद की दुकान पर जाकर अक्सर हमारे किसान भाई इस बात में उलझ जाते हैं कि फसल के लिए कौन सा सल्फर (गंधक) ज्यादा बढ़िया है। आइए इसे बहुत आसान भाषा में समझते हैं:
1. सल्फर 80% WDG (दवाई वाला सल्फर):

इस सल्फर का मुख्य काम फसल को बीमारियों और कीटों से बचाना है।
उपयोग: अगर आपकी फसल में पाउडरी मिल्ड्यू (सफेद पाउडर जैसे धब्बे) या मकड़ी (Mites) की समस्या है, तो इसका स्प्रे (छिड़काव) करें।
खासियत: यह पानी में बहुत जल्दी घुल जाता है और पत्तों पर चिपक कर असर दिखाता है।
2. सल्फर 90% WDG (खाद वाला सल्फर):
इस सल्फर का मुख्य काम फसल को ताकत और पोषण देना है।
उपयोग: इसे बुवाई के समय या पहली-दूसरी खाद के साथ मिट्टी में मिलाकर दिया जाता है।
खासियत: यह मिट्टी के PH को सुधारता है और पौधों में हरापन बढ़ाता है। अगर आप सरसों, लहसुन या प्याज उगा रहे हैं, तो यह तेल की मात्रा और वजन बढ़ाने के लिए सबसे बेस्ट है।
सरल शब्दों में समझें:
- अगर स्प्रे (Spray) करना है, तो 80% WDG लें।
- अगर नीचे मिट्टी (Soil) में डालना है, तो 90% WDG चुनें।
सल्फर न केवल एक खाद है, बल्कि यह आपकी फसल के लिए "सुरक्षा कवच" भी है। इसे अपनी फसलों में जरूर शामिल करें।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
