पौधों पर लग रहे हैं कीड़े और फफूंद? तो आजमाएं कुछ सस्ते और घरेलू उपाय      Publish Date : 22/10/2026

पौधों पर लग रहे हैं कीड़े और फफूंद? तो आजमाएं कुछ सस्ते और घरेलू उपाय

                                                                   प्रो0 आर. एस. सेंगर, डॉ0 शालिनी गुप्ता एवं गरिमा शर्मा

यदि आप भी होम गार्डनिंग करने का शौक रखते हैं और कीटों और फफूंद जनित रोगों से आपके पौधे खराब हो जाते हैं, तो इस परेशानी का हल आज हम आपके लिए लेकर आए है। ऐसे में गार्डनिंग में कीड़ों के इस प्रकोप को आप घर पर ही प्राकृतिक कीटनाशक तैयार कर पौधों का बचाव कर सकते हैं। आइए आज हम आपको बताते हैं घर पर ही प्राकृतिक कीटनाशक तैयार करने का किफायती तरीका।

आज के समय में लोग होम गार्डनिंग करने का बेहद ही शौक रखते हैं और वह सब्जियों से लेकर फूल, फलों की पैदावार अपने घर की छत पर करते हैं और सब कुछ ताजा प्राप्त करते हैं, लेकिन अक्टूबर से नवंबर का महीना पौधों के लिए बेहद ही कष्टदायी होता है, क्योंकि इन महीनों में पौधों में कीटों और फफूंद लगने का खतरा अधिक होता हैं, जो पौधे के पत्तों और फल दोनों को खराब कर देते हैं, लेकिन अब आपके साथ ऐसा नहीं होगा। आप इस प्राकृतिक कीटनाशक को तैयार कर अपने होम गार्डन को कीड़ों के प्रकोप से बचाव कर सकते हैं।

                                      

अगर आप इस मौसम में अपने होम गार्डन को कीटों के प्रकोप से बचाना चाहते हैं, तो आप नीम की खली का प्रयोग कर रोग में नियंत्रण कर सकते हैं इस प्रकार आइए जानें-

नीम का उर्वरक

नीम का उर्वरक कीटों का चुटकियों में खत्म कर देता हैं, क्योंकि नीम के उर्वरक एक देशी प्राकृतिक जैविक खाद है जो मिट्टी की उर्वरता को तो बढ़ाता ही है और साथ ही पौधों को संतुलित पोषण भी देता हैं। इसके अलावा, इस प्राकृतिक कीटनाश्क से जैसे दीमक, कटुआ, सफेद गिंडार, आम की गुजिया, टिडे आदि नष्ट हो जाते हैं। इससे पौधे भी स्वस्थ रहते हैं और ऐसे में होम गार्डनिंग में खर्च भी काफी कम हो जाता हैं।

कैसे बनाएं नीम का उर्वरक

नीम उर्वरक बनाने के लिए आप नीम की पत्ती 5 किलोग्राम 10 लीटर पानी में तब तक उबालें जब तक यह 2.5 लीटर न रह जाए। अब इस 2.5 लीटर नीमयुक्त पानी में 100 लीटर पानी मिलाकर पौधों पर छिड़काव करें। इस छिड़काव से कीट, हरा फुदका, भूरा फुदका, रस चूसने वाले कीटों से भी बचाया जा सकता है। अगर आप अपने घर के होम गार्डन में बैगन, टमाटर की पैदावार करते हैं, तो नीम के इस घोल से बैगन के तना छेदक एवं फल छेदक कीट से भी बचाया जा सकता है।

नीम की निम्बोली उवर्रक

अगर आप होम गार्डनिंग करते हैं और हर साल आपके पौधों को कीट नुकसान पहुंचा देते हैं, तो ऐसे में नीम की निम्बोली उवर्रक को बनाकर इसका छिड़काव करना शुरु करें। इस उर्वरक में 16 से अधिक पोषक तत्व, नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटेशियम और प्राकृतिक तत्व होते हैं, जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं, जड़ों को दीमक और नेमाटोड से बचाते हैं।

ऐसे बनाएं निम्बोली उवर्रक 

नीम की निम्बोली उवर्रक पौधे के लिए बेहद ही असरकारक माना जाता है और अगर आप इस प्राकृतिक उर्वरक का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो आइए जानें इसकों बनाने का तरीका-

  • सबसे पहले आप 5 किलोग्राम निम्बोली यानी नीम का फल रात भर के लिए शाम को भिगो दें।
  • इस नीम का फल को सुबह उबालकर और गाढ़ा पेस्ट बना लें और इस पेस्ट में 100 लीटर पानी मिलाकर घोल बना लें।
  • इस उर्वरक का इस्तेमाल सब्जी तथा बागों में छिड़काव करें जिससे कीट नियंत्रण करने में मदद मिलेगी और कीट आपके पौधों से दूर रहेंगे।

लेखकः प्रोफेसर आर. एस. सेंगर, अधिष्ठाता जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय एवं निदेशक ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ।