गन्ने की फसल में मिलीबग कीट का प्रकोप      Publish Date : 19/06/2026

   गन्ने की फसल में मिलीबग कीट का प्रकोप

                                                                                             प्रो0 आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 रेशु चौधरी

इस समय गन्ने की फसल में मिलीबग (Mealy Bug) कीट का प्रकोप कई क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। यह कीट गन्ने की पत्तियों, गांठों और कोमल भागों से रस चूसकर पौधों को कमजोर कर देता है। अधिक प्रकोप होने पर फसल की बढ़वार प्रभावित होती है, पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।

इस कीट के नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड 17.8 SL का 1 मिली प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करें। 15 लीटर पंप के लिए लगभग 15 मिली दवा पर्याप्त रहेगी। छिड़काव करते समय पौधों के प्रभावित भागों पर दवा अच्छी तरह पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखें।

                                    

साथ ही गन्ने की फसल में पोक्का बोइंग रोग (Pokkah Boeng) के शुरुआती लक्षण भी दिखाई देने लगे हैं। इस रोग में नई पत्तियां मुड़ने लगती हैं, पत्तियों पर पीले या सफेद धब्बे दिखाई देते हैं तथा पौधों की सामान्य वृद्धि प्रभावित होती है। यदि समय पर नियंत्रण न किया जाए तो फसल को नुकसान हो सकता है।

रोकथाम के लिए कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50% WP का प्रयोग 250 से 300 ग्राम प्रति एकड़ की दर से करें। दवा को पर्याप्त पानी में घोलकर समान रूप से छिड़काव करें। आवश्यकता पड़ने पर 10 से 15 दिन बाद पुनः छिड़काव किया जा सकता है।

खेत का नियमित निरीक्षण करते रहें, प्रभावित पौधों की पहचान समय पर करें तथा संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाएं। समय पर किया गया नियंत्रण गन्ने की अच्छी बढ़वार और बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करता है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।