
अपने रिज्यूम में कंटेंट और फॉर्मेट दोनों का ध्यान रखें Publish Date : 30/10/2026
अपने रिज्यूम में कंटेंट और फॉर्मेट दोनों का ध्यान रखें
प्रो0 आर. एस. सेंगर
आज के समय में नौकरी और इंटर्नशिप के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कंपनियों के लिए हर रिज्यूम को मैनुअली पढ़ना मुश्किल होता है। इसी वजह से, कई कंपनियां भर्ती प्रक्रिया के शुरुआती चरण में एआई और एप्लिकेंट ट्रैकिंग सिस्टम (एटीएस) जैसे टूल्स की मदद लेती हैं।
ये सिस्टम रिज्यूम में मौजूद जानकारी को स्कैन करके उम्मीदवार की योग्यता, अनुभव और जॉब से जुड़ी स्किल्स को पहचानने में मदद करते हैं। ऐसे में छात्रों के लिए यह समझना जरूरी है कि एआई रिज्यूम को किस तरह पढ़ता है और अपना रिज्यूम तैयार करते समय उन्हें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
एआई कैसे रिज्यूम को स्कैन करता है

एआई आधारित स्क्रीनिंग सिस्टम रिज्यूम में मौजूद टेक्स्ट और जानकारी को पढ़कर उसे नौकरी की जरूरतों से मिलाने की कोशिश करता है। इसमें उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी और सॉफ्ट स्किल्स, इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट, काम का अनुभव और अन्य संबंधित जानकारी देखी जा सकती है। अगर जॉब डिस्क्रिप्शन में किसी खास स्किल या योग्यता का उल्लेख है, तो सिस्टम रिज्यूम में उससे संबंधित जानकारी खोज सकता है।
जॉब डिस्क्रिप्शन को ध्यान से पढ़ें
रिज्यूम तैयार करने से पहले जिस पद के लिए आवेदन कर रहे हैं, उसकी जॉब डिस्क्रिप्शन को ध्यान से पढ़ें। इसमें बताई गई जरूरी स्किल्स, शैक्षणिक योग्यता और जिम्मेदारियों को समझें। अगर आपके पास संबंधित कौशल या अनुभव है, तो उसे रिज्यूम में स्पष्ट रूप से लिखें। हालांकि, ऐसी कोई जानकारी शामिल नहीं करनी चाहिए, जो वास्तव में आपके पास नहीं है।
सही कीवर्ड का उपयोग करना आवश्यक

एआई रिज्यूम में खास कीवर्ड और कौशल खोजता है। इसलिए नौकरी या इंटर्नशिप की जानकारी ध्यान से पढ़ें और उसमें मांगे गए ऐसे कौशल, जो आपको वास्तव में आते हैं, उन्हें रिज्यूम में स्पष्ट शब्दों में लिखें। इससे एआई स्क्रीनिंग में आपके रिज्यूम की प्रासंगिकता बेहतर तरीके से सामने आ सकती है।
डिजाइन से ज्यादा कंटेंट पर दें ध्यान
रिज्यूम को आकर्षक बनाने के लिए बहुत ज्यादा डिजाइन, ग्राफिक्स, फोटो, आइकन या जटिल फॉर्मेटिंग का उपयोग करने से बचें। कुछ स्क्रीनिंग सिस्टम ऐसे रिज्यूम की जानकारी को सही तरीके से पढ़ नहीं पाते। छात्रों को सरल ले आउट, स्पष्ट हेडिंग और आसानी से पढ़े जाने वाले फॉन्ट का इस्तेमाल करना चाहिए। रिज्यूम को पीडीएफ में सेव करने से पहले यह भी जांच लें कि टेक्स्ट सही तरीके से दिखाई दे रहा है या नहीं।
उपलब्धियों को स्पष्ट तरीके से लिखें
रिज्यूम में केवल प्रोजेक्ट या किसी गतिविधि में शामिल होने की जानकारी देने के बजाय अपनी जिम्मेदारी और उसके नतीजे भी बताएं। इससे नियोक्ता को आपके वास्तविक योगदान को समझने में आसानी होती है। उदाहरण के लिए, 'कॉलेज की सोशल मीडिया टीम का हिस्सा रहे' लिखने के बजाय 'सोशल मीडिया के लिए सामग्री तैयार की और तीन महीने तक अभियान की पहुंच बढ़ाने में योगदान दिया' लिखना आपकी भूमिका और उपलब्धि को ज्यादा प्रभावी ढंग से दर्शाता है।

लेखकः प्रोफेसर आर. एस. सेंगर, अधिष्ठाता जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय एवं निदेशक ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ।