कैट की परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए कितनी तैयारी करें      Publish Date : 05/10/2026

कैट की परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए कितनी तैयारी करें

                                                                                                                      प्रो0 आर. एस. सेंगर

कॉमन एडमिशन टेस्ट यानी कैट परीक्षा अब नजदीक है। आईआईएम समेत देश के प्रमुख प्रबंधन संस्थानों में दाखिले के लिए होने वाली इस परीक्षा में करीब ढाई लाख उम्मीदवार शामिल हो सकते हैं। इसलिए परीक्षा का एक-एक अंक मायने रखता है। ऐसे में अंतिम दिनों की तैयारी से लेकर परीक्षा हॉल की रणनीति तक, कैसे रखें खुद को तैयार, बता रहे हैं डॉ0 आर. एस. सेंगर-

कैट में आईआईएम सहित प्रमुख मैनेजमेंट संस्थानों में पीजी कोर्स के लिए हर साल लाखों स्नातक छात्र परीक्षा देते हैं। इसे दुनिया की कठिन परीक्षाओं में शामिल किया जाता है। एक ओर हार्वर्ड बिजनेस स्कूल की स्वीकृति दर लगभग 9-10% है, जबकि देखा गया है कि कैट परीक्षा के जरिए हर 1000 अभ्यर्थियों में से केवल 1 या 2 उम्मीदवारों को ही शीर्ष आईआईएम में जगह मिलती है। बता दें कि साल 2024 में 2.93 लाख और 2025 में 2.58 लाख उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए।

                                 

कंप्यूटर-आधारित कैट 2026 परीक्षा का आयोजन इस बार आईआईएम इंदौर कर रहा है। 29 नवंबर को होने वाली परीक्षा के लिए उम्मीदवार अब तैयारी को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। 3.20 लाख से अधिक पंजीकरण होने का अनुमान है इस साल। करीब 2.50 से 2.90 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। कैट में सही सवाल चुनने की क्षमता भी अहम होगी।

परीक्षा का प्रारूप

कैट में तीन सेक्शन होते हैं- वर्बल एबिलिटी एंड रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन, डाटा इंटरप्रिटेशन एंड लॉजिकल रीजनिंग यानी डीआईएलआर और क्वांटिटेटिव एबिलिटी (क्यूए)। परीक्षा 120 मिनट की होती है और हर सेक्शन के लिए 40 मिनट मिलते हैं। हाल के वर्षों में पेपर में 66 से 68 सवाल पूछे गए हैं, जिनमें टाइप इन द आंसर (टीआईटीए) और एमसीक्यू दोनों शामिल होते हैं।

कटऑफ का अनुमान और जरूरी परसेंटाइल

पिछले तीन वर्षों में 99वें परसेंटाइल के स्कोर के लिए जरूरी स्कोर बदल सकता है।

2023 - 76 अंक

2024 - 95 अंक

2025 - 85 अंक

कई स्थानों में सेक्शनल कटऑफ भी होते हैं। हालांकि, 99+ परसेंटाइल को शीर्ष आईआईएम में इंटरव्यू कॉल की गारंटी नहीं है।

अंतिम चरण में ऐसे करें तैयारी

आखिरी महीने में पिछले वर्ष के पेपर और मॉक टेस्ट पर जोर दें। इस बदलाव से स्कोर बेहतर हुआ और कटऑफ पार करने में मदद मिली।

नए एस्पिरेंट्स को सलाह है कि तय समय में पिछले सालों के पेपर हल करने की नियमित कोशिश करें। जल्दबाजी में 15 सवाल करने के बजाय सही सवाल चुनना व उन्हें सौ फीसदी सटीकता से हल करना जरूरी है। पेपर हल करने में सटीकता से 8 सवाल करना बेहतर है।

समझदारी से ‘राउंड्स तकनीक’ अपनाएं। इसमें पहले सबसे आसान और तेज, दूसरे राउंड में मध्यम-कठिन और हल करने योग्य और तीसरे राउंड में कठिन प्रश्न करें। मॉक टेस्ट में अपनी खूबियों और कमजोरियों को पहचानना प्रभावी रणनीति बनाने में मदद करता है।

परीक्षा के दिन

परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड की प्रिंटेड कॉपी और वैध फोटो पहचान पत्र जरूर साथ ले जाएं। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद नाम, जन्म तिथि, कैटेगरी, परीक्षा स्लॉट, रिपोर्टिंग समय व टेस्ट सेंटर की जानकारी ध्यान से जांच लें। किसी गलती की स्थिति में समय रहते कैट हेल्पडेस्क से संपर्क करें।

परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड और टेस्ट-डे निर्देश ध्यान से पढ़ें और उसमें बताए जरूरी दस्तावेज साथ रखें। परीक्षा के दौरान स्क्रीन पर टाइमर उपलब्ध रहेगा और अनुमति होने पर ऑन-स्क्रीन कैलकुलेटर का इस्तेमाल किया जा सकता है। एडमिट कार्ड की डिजिटल कॉपी भी सुरक्षित रखें।

विशेषज्ञों की राय

हर परिटेस्ट के बाद गलत जवाब का विश्लेषण करें। गलतियां समझें कि गलती कॉन्सेप्ट की वजह से, जल्दबाजी की वजह से या समय प्रबंधन की वजह से हुई। मॉक और अभ्यास के दौरान तय करें कि कौन से सवाल पहले करने हैं और हर सवाल पर कितना समय देना है। कैट समय के दबाव में निर्णय लेने की क्षमता को परखता है।

कम से कम 80 फीसदी एक्यूरेसी बनाए रखने की कोशिश करें। कितने सवाल हल किए, इससे ज्यादा जरूरी है कि कितने सही हुए। पिछले वर्षों के कैट पेपर और मॉक टेस्ट से नियमित प्रैक्टिस करें, ताकि डीआईएलआर के डेटा को समझने के साथ पहली बार में ही बात समझने की क्षमता यानी कॉम्प्रिहेंशन बढ़ाने के लिए समय सीमा के भीतर अलग-अलग तरह की सामग्री पढ़ें।

कम से कम तीन रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन हल करने का लक्ष्य रखें। नियमित रूप से ज्यादा आरसी हल करने से प्रश्नों को समझने और उन्हें परसेंटाइल के समय में हल करने की क्षमता बेहतर होगी। घबराहट और आत्मविश्वास में कमी होना आम परीक्षा से पहले तैयारी को व्यवस्थित रखते हुए मॉक टेस्ट और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों पर फोकस करें।

लेखकः प्रोफेसर आर. एस. सेंगर, अधिष्ठाता जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय एवं निदेशक ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ।