अपने टेलेंट को दें एक नया प्लेटफॉर्म      Publish Date : 03/09/2026

       अपने टेलेंट को दें एक नया प्लेटफॉर्म

                                                                                                                     प्रो0 आर. एस. सेंगर

एक्टिंग या फिल्म मेकिंग का पैशन है, तो अपने टैलेंट को निखार कर आगे बढ़ें। बॉलीवुड के साथ- साथ प्रोडक्शन हाउस, टीवी, रेडियो चैनल, स्टेज एक्टर, प्राइवेट वीडियोज, टीवी शोज आदि में बेशुमार संभावनाएं हैं।

ब्यूटी कॉन्टेस्ट्स से लेकर टेलीविजन पर आने वाले तमाम तरह के रियलिटी शोज के प्रतिभागियों में एक ख्वाहिश जरूर होती है,बॉलीवुड यानी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में ऐंडटी करना। इसके लिए वे कांस, म्यूजिक, एक्टिंग आदि सभी है कलाओं में खुद को मानते है और फिर करते हैं एक अच्छे ब्रेक का इंतजार। इन दिनों जिस तरह से डांस से लेकर ड्रामा तक के रियलिटी शोज टीवी पर छाए हुए है, उसे देखते हुए कहना गलत नहीं होगा कि आब भारत में एक्टिंग और फिल्म मेकिंग में करियर बनाने को लेकर युवाओं की दिलगस्पी पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। यही कारण है कि ये सिर्फ नेचुरल टैलेंट के दम पर ही नहीं, बल्कि बाकायदा ट्रेनिंग लेकर आ रहे है क्योंकि इस फील्ड में कमाई के साथ-साथ शोहरत भी बेशुमार है।

कैसे करें शुरुआत ?

वैसे तो बॉलीवुड को हिंदी फिल्यों का कहा जाता है, लेकिन यहां पहुंचने से पहले कई पाच तय करने पड़ सकते है, जैसे- अगर आपको एक्टिंग का शौक है, तो टीवी चैनल या के जरिये एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में एंट्री कर सकते हैं। टीवी की पहुंच आज काफी बढ़ चुकी है। आप टीवी पर आने वाले सीरियल्या, रियलिटी शोज, गेम शोज, डॉक्युमेंट्रीज, कॉमर्शियल्स में काम कर सकते हैं। इससे आपको अपना हुनर। दिखाने का एक प्लेटफॉर्म तो। मिलेगा ही, साथ में अपच्युनिटीज भी बढ़ेगी।

स्किल्स पर करें काम

एक्टर के लिए मौकों की कमी नहीं होती है, लेकिन कड़ी प्रतिस्पर्धा के इस दौर में खुद को बेहतर साबित करना एक बड़ा चैलेंज होता है। आप लंबी रेस के घोड़े तभी बने रह सकते हैं, जब आप में धैर्य, आयविश्वास, एक्टिंग कर पैशन, मेहनत करने की क्षमता और सीखने की ललक होगी। इसके अलावा, किसी प्रोफेशनल के मागदर्शन में एक्टिंग स्किल्या को पॉलिश करना भी जरूरी होगा। भारत में कई इंस्टीट्यूट ड्रामा और एक्टिंग में डिप्लोमा एवं हिती कोर्स संचालित करते है। इसके अलावा, आप चाहें तो शॉर्ट और लॉन्ग टर्म कोर्सेज भी कर सकते है। तकनीकी पक्ष पर भी दें ध्यान एक्टिंग में करियर बनाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी तो आपके अंदर नेगुरम टैलेंट का होना ही है।

लेकिन इस हुनर को और तराशने से फायदा हीं होगा, जैसे- अच्छी मॉड्यूलेटेड वॉयस, डांसिंग कैपिसिटी और रिदम की सेंरा होने से आप कॉन्फिडेंस के साथ काम कर सकेंगे। आप में अलग-अलग किरदारों में खुद को डालने की क्षमता भी होनी चाहिए। ऐसे ऐसे में अगर ये सारी क्यालिटीज आपके अंदर हैं, तो फिर एक्टिंग में भविष्य संवारने में कोई सकोच नहीं होना चाहिए।

स्टेप-बाइ-स्टेप आगे बढ़े

अगर आपके पास नेटवर्किंग स्किल है, तो फॉन्टैक्ट या नेटवर्क बनाना आसान होगा और आप एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में जल्दी सक्सेसफुल हो सकते है। इस स्किल की वजह से आप अपने रोल के लिए एजेंसीज से फॉन्टैक्ट कर सकेंगे। हां, इसमें पोर्टफोलियो की भूमिका भी अहम होती है। पोर्टफोलियो बनाने के लिए किसी स्थापित फोटोग्राफर की गदद ले सकते हैं, जो आपके अलग-अलग स्लम मूड्स और एबनरप्रेशंस को कैमरे में कैद कर सके। पोर्टफोलियो बनने के बाद आप कास्टिंग एजेंट से बात कर अपना रिज्यूमे दे सकते है। इसमें आपके अचीवमेंट्स, क्वालिटी और एक्सपीरियंस हाइलाइट होने चाहिए। इसके बाद जब भी आपको ऑडिशन के लिए बुलाया जाए, तो पूरे ऑन्फिडेंस के साग इंटरव्यू और कैमरा फेस करने की कोशिश करें। शुरुआत में पॉजिटिव रिजल्ट न भी मिले, तो हताश न हो। अपनी कोशिश जारी रखें। जब कभी मौका मिले, उसके जरिए खुद क पुद को पूष करने का प्रयास करें। एक बार अभिनय क्षमता का लोहा मनवाकर अपनी पहचान बना सकते हैं।

संभावनाएं बेशुमार

पर एक अच्छा ब्रेक मिलने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में करियर की बुलंदियों को अपनी मेहनत से चुना ज्यादा मुनिकाल नहीं होता है। थोड़ा-बहुत रोल टाइमिंग, नेटवर्किंग और लक का भी होता है। लेकिन खुद पर विश्वास हो, तो सफल कोई रोक नहीं सकता। एनआरएआइ, दिल्ली के डायरेक्टर नलिन सिंह के अनुसार, एक एक्टर के तौर पर अलग-अलग प्रोडक्शन हाउस, टीवी, रेडियो चैनल्स, स्टेज एक्टर, प्राइवेट वीडियोज, टीची शेज, कॉमर्शियल्स आदि में काम करने के अनेक मौके होते है। शुरुआत में बेशक कुछ कम कमाई हो, लेकिन अनुभव और लोकप्रियता गढ़ने के साथ आप एक एपिसोड के लिए एक से दो लाख रुपये के आसानी से कमा सकते हैं। फिल्मों में पांच लाख रुपये से शुरुआत कर करोड़ों रुपये की कमाई की जा सकती है।

फिल्म इंडस्ट्री

फिक्की और केपीएम के मुताबिक इंडियन मीडिया ऐंड एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री वर्ष 2017 तक 29.61 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाने की उम्मीद है। साल 4 में भारत में करीब 34 फिल्मों का निर्माण हुआ। यहां ज्यादा फिल्म प्रोड्यूसर्स है, क्यिो देखते हुए फाइनेंसर्स भी क्यालिटी फिल्मों में अच्छा-खासा इनवेस्ट कर रहे हैं।

टीवी इंडस्ट्री

इंडिया में 2004 में जहां 130 टीवी चैनल थे, वहीं 2014 में इनकी संख्या 788 के पास पहुंच गई है। इसके अलावा, चीन और अमेरिका के बाद भारत, तीरारा सबसे बड़ा टीवी मार्केट है। फिलहाल यहां की टीवी इंडस्ट्री करीब 50,140 करोड़ रुपये के आसपास है।            

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।