
डिजिटल मार्केटिंग : नए दौर के बिजनेस में भविष्य Publish Date : 22/08/2026
डिजिटल मार्केटिंग : नए दौर के बिजनेस में भविष्य
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
डिजिटल मार्केटिंग ने इस दौर में कॅरियर की ढेरों संभावनाओं को जन्म दिया है। यह अब भी तेजी से फल-फूल रहे कॅरियर विकल्पों में से एक है। अब तमाम बिजनेस फर्म इस बात को मान रहे हैं कि इंटरनेट ऐंडवर्टाइजिंग पर किया गया खर्च उनके व्यापार को बढ़ावा दे रहा है।डिजिटल मार्केटिंग में कई तरह की विशेषीकृत सेवाएं शामिल होती हैं, जैसे सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (एसईओ), सर्च इंजन मार्केटिंग (एसईएम), कस्टम डिजाइनिंग, वेबसाइट डिजाइनिंग, इंटरनेट मार्केटिंग कंसल्टिंग, ई-कॉमर्स सॉल्यूशन्स, ऑनलाइन मार्केटिंग, ई-मेल मार्केटिंग और डिजिटल मार्केटिंग कॉपीराइटिंग।
ब्रांड की मार्केटिंग मुख्य काम
इन पेशेवरों का काम किसी ब्रांड की मार्केटिंग करना होता है। इसके लिए वह वेबसाइट, ई-मेल, मोबाइल मार्केटिंग, सोशल मीडिया, ब्लॉग, टीवीऔर रेडियो आदि माध्यमों का सहारा लेते हैं। इससे उन्हें संबंधित ब्रांड के मौजूद ग्राहकों के साथ- साथ संभावित ग्राहकों से जुड़ने और संवाद बढ़ाने का मौका मिलता है।
इसके अलावा वह ब्रांड से जुड़े उत्पादों के बारे में कंटेंट (जानकारियां) तैयार करते हैं और उन्हें वेबसाइट पर अपलोड करके वेबसाइट को अपडेट करने का कार्य करते हैं। यही नहीं संबंधित वेबसाइट को देखने वाले यूजर की संख्या पर नजर रखते हुए वेब ट्रैफिक का विश्लेषण करनाभी उनके कार्यों में शामिल होता है। इसी तरह फेसबुक, लिंक्डइन और गूगल जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर प्रचार के लिए सामग्री तैयार करना और वेबसाइट को ज्यादा प्रभावी बनाने के काम में वेब डिजाइनरों को सहयोग देना भी इनके दायित्वों में शामिल होता है। इन पेशेवरों से यह अपेक्षा भी की जाती है कि वह ब्रांड के उन शेयरधारकों को भी डिजिटल मार्केटिंग का महत्व समझाने में सक्षम होंगे, जो डिजिटल चीजों से ज्यादा वाकिफ नही हैं।
पेशेवरों की भूमिका
ऑनलाइन मार्केटिंग कैंपेन की नई संभावनाओं को तलाशने से लेकर वेबसाइटों के लिए प्रचार संबंधीलेखन तक में डिजिटल मार्केटिंग पेशेवरों की खास भूमिका होती है। वह ब्रांड के डिजिटल उत्पादों की बिक्री में मदद करने के लिए सेल्स टीम को उपयोगी सूचनाएं मुहैया कराते हैं। वह वेब और ग्राफिक डिजाइनरों के साथ समन्वय स्थापित करके उन्हें दृश्यात्मक रूप से प्रभावी वेबपेज तैयार करने में मदद करते हैं। कंपनी की वेबसाइट पर रहने वाले वेब ट्रैफिक को विश्लेषित करना और उसकी मासिक रिपार्ट तैयार करते हुए सोशल नेटवर्किंग चैनल को सुचारू रखना डिजिटल मार्केटिंग पेशेवरों का काम होता है। ऑनलाइन उत्पादों के लिए ब्रोशर और अन्य लिखित सामग्रियों को छपने के लिए तैयार करना, ताकि उन क्षेत्रों में भी डिजिटल उत्पादों की सूचनाएं पहुंच सकें, जहां लोग डिजिटल प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल न के बराबर करते हैं।
योग्यता
डिजिटल मार्केटिंग पेशेवर बनने के लिए किसी खास शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता नहीं होती है। हालांकि मार्केटिंग करने के लिए लेखन कौशल पर मजबूत पकड़ का होना जरूरी होता है। इस लिहाज से इस पेशे के लिए आर्ट्स विषयों के बैचलर डिग्रीधारक ज्यादा योग्य माने जाते हैं। शैक्षणिक योग्यता के अलावा इंटरनेट से जुड़ाव और वेब डिजाइन में रुचि व्यक्ति के लिए अतिरिक्त योग्यता काम करती है। जो छात्र इस क्षेत्र में आना चाहते हैं, उन्हें पढ़ाई के दौरान ही अपने लेखन कौशल को मजबूत बनाने की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। इसके लिए वह ब्लॉग लेखन शुरू कर सकते हैं या वेबसाइट को डिजाइन कर सकते हैं।
जरूरी गुण
• तकनीक के बारे में लिखने और उससे जुड़ी बातों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने में सक्षम हों।
• डिजिटल उत्पादों के भविष्य की संभावनाओं में रुचि हो।
• मार्केटिंग के नए तरीकों के बारे में रचनात्मक ढंग से सोचने की समझ हो।
• ऑनलाइन मार्केटिंग कैंपेन को कैसे और बेहतर बनाया जा सकता है, इस बात की जानकारी हो।
• ऑनलाइन सुविधाओं का उपयोग न करने वाले लोगों को शांत भाव से सॉफ्टवेयर की उपयोगिता समझाने में खुशी मिलती हो।
• अपने जिम्मेदारियों को तय समय में पूरा करने और करवाने का डुनर हो।
• एनालिटिक्स की गहन जानकारी हो।
• अपने कार्यों को स्व-प्रेरणा से समर्पण के साथ कुशलतापूर्वक पूरा करने दायित्वबोध हो।
• नई चीजों को जानने के प्रति जिज्ञासा हो।
लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
