
अपनी कंपनी के माहौल में ढल जाएं Publish Date : 15/08/2026
अपनी कंपनी के माहौल में ढल जाएं
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
योग्यता के बावजूद जब कहा जाए कि आप 'कल्चर फिट' नहीं हैं, तो समझ लें कि आपकी सोच या कार्यशैली कंपनी के माहौल से मेल नहीं खा रहे। ऐसे में अपनी कार्यशैली में कुछ बदलाव करें:
कई बार तकनीकी रूप से सक्षम होने के बावजूद टीम से तालमेल मुश्किल लगता है। इसका कारण आपके काम करने का तरीका और नजरिए का कंपनी की संस्कृति से मेल न खाना हो सकता है। यही है 'कल्चर फिट' का विचार। इसमें आपका नजरिया और कार्यशैली टीम के साथ तालमेल बनाती है और आगे बढ़ने के अवसर देती है। इसके लिए जरूरी है कि -
हर किसी से सीखें: केवल वरिष्ठ सदस्यों से ही नहीं, बल्कि नए सदस्यों और सहकर्मियों से भी सीखना जरूरी है। यह दर्शाता है कि आप हर स्तर पर टीम के योगदान और सोच को सम्मान देते हैं।
काम का उद्देश्य समझें: असाइनमेंट पूरा करना ही लक्ष्य न समझें। यह जानना जरूरी है कि यह काम क्यों दिया गया है और टीम के बड़े लक्ष्य में इसका क्या योगदान है।
नए तरीके अपनाएं: नए प्रोजेक्ट में अपनी आदतें थोपने के बजाय, टीम की कार्यप्रणाली को समझें और तालमेल बनाकर आगे बढ़ें।
छोटे छोटे कामों में मदद करें: डाटाबेस अपडेट, रिपोर्ट तैयार करना या टीम के सिस्टम सुधार जैसे छोटे कामों में हाथ बटाएं। ये छोटे कदम भी टीम में आपका भरोसा और प्रभाव बढ़ाते हैं।
टीम के साथ सामंजस्य बनाएं: मीटिंग में सिर्फ बोलने या सुनने तक सीमित न रहें। टीम का माहौल और दबाव समझकर अपने जवाब व अंदाज को ढालें, काम या व्यवहार पर मिली प्रतिक्रियां को स्वीकारें और 'काम की समयसीमा का ध्यान रखें।
नया शहर और नई टीम फ्रेशर के लिए सलाह
बड़े शहर की रफ्तार समझें: ऑफिस की गति, मीटिंग फ्लो और बातचीत का अंदाज पकड़ें।
टीम की भाषा व अंदाज सीखें: शुरुआत में टीम का अवलोकन करें। देखें, लोग कैसे बातें करते हैं और किस तरह के शब्दों या लहजे का प्रयोग करते हैं।
अनौपचारिक रिश्ते बनाएं: लंच, ब्रेक टाइम या छोटे गपशप में शामिल होकर टीम के साथ व्यक्तिगत जुड़ाव बनाएं। इससे हिचकिचाहट कम होती है और तालमेल बढ़ता जाता है।
नए टूल्स में हाथ आजमाएं: वीडियो, ट्यूटोरियल या डॉक्यूमेंट देखकर नए टूल सीखें और सीखते ही इसे अपने काम में आजमाएं। इससे आप काम जल्दी और बेहतर कर पाएंगे। टीम का आप पर भरोसा बनेगा।
लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
