
सिरेमिक इंजीनियरिंग के माध्यम से बनाएं कॅरियर Publish Date : 09/07/2026
सिरेमिक इंजीनियरिंग के माध्यम से बनाएं कॅरियर
प्रो0 आर. एस. सेंगर
सिरेमिक्स और सेरेमिक इंजीनियरिंग ने आज हमारी जिंदगी को कई मायनों में आसान बना दिया है। आज के समय में सिरेमिक का उपयोग भी बहुतायत में किया जा रहा है। ऐरोस्पेस इंडस्ट्री, क्राफ्ट इंजन, एयरफ्रेम, स्पेस शटल और टाइल्स आदि के बनाने में इसका उपयोग किया जाता है। डेंटिस्ट्री में भी कृत्रिम सिरेमिक के दांतों को नयी नयी विधियों से बनाकर इसका बहुविध उपयोग किया जाता है।
क्या है सिरेमिक और क्या करते हैं सिरेमिक इंजीनियर

सिरेमिक इंजीनियरिंग का सम्बन्ध इनऑर्गेनिक यानी अजैविक और नॉनमैटोलिक मटीरियल यानी अधातु को अधिक या कम ताप पर विभिन्न रसायनों का उपयोग कर चीजों के बनाने में किया जाता है। सिरेमिक मटेरियल चूंकि हीट रजिस्टेंट यानी उष्मा प्रतिरोधी होते हैं और यही वह कारण है जिसके चलते इनका उपयोग खनन उद्योग, एयरो-स्पेस, मेडिसिन और कई अन्य इसी प्रकार के उद्योगों में बहुलता से किया जाता है। सिरेमिक इंजीनियर्स का कार्य कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसिस को ऑपरेट यानी परिचालित करने, मानव स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए नए उपकरण संबंधी विकल्पों को खोजने और ग्लोबल टेली कॉम्युनिकेशन की प्रक्रिया को सपोर्ट देना होता है।
सिरेमिक इंजीनियरिंग के विषय
सिरेमिक इंजीनियरिंग कैरिकुलम यानी पाठ्यक्रम में विभिन्न संस्थानों में कई तरह के विषय पढ़ाए जाते हैं, जिनमें मैटेरियल थमोडाइनेमिक्स, रॉ मैटेरियल एनालेसिस, सिरेमिक प्रोसेसिंग, ड्राइंग ऑफ रिफ्रैक्ट्री लाइनिंग ऐंड ज्वाइंट्स, सिरेमिक फैब्रिकेशन, सिरेमिक इक्विपमेंट डिजाइन, सेंसर टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिकल ऐंड मैगेनेटिक सिरेमिक्स, पाल्यूशन ऐंड वेस्ट मैनेजमेंट इन सिरेमिक इंडस्ट्रीज, मैटेरियल सिरेमिक के अलावा अन्य विषय भी पढ़ाए जाते हैं।
कॅरियर प्रॉस्पेक्टस
सिरेमिक इंजीनियरिंग में कॅरियर के अवसर और विकल्प लगातार बढ़ रहे हैं जिसके पीछे प्रमुख कारण है कि प्रतिदिन की जीवनचर्या से लेकर घरेलू साज सज्जा और आधुनिकतम विज्ञान व तकनीक में उपकरणों के विकास को लेकर सिरेमिक्स की बढ़ती भूमिका है। चूंकि यह एक सस्ता और बेहद टिकाऊ मैटेरियल होता है, इसलिए चिकित्सा के क्षेत्र में भी इसका काफी उपयोग किया जाता है। मेडिकल सांइस में सिरेमिक सुपर कंडक्टर लेजर्स और सिरेमिक दांतों और हड्डियों के लिए फाइबर केबल का जो इस्तेमाल किया जाता है, उसका भी अपना विशिष्ट महत्व है। इसके लिए सिरेमिक इंजीनियरिंग का ज्ञान आवश्यक है। चिकित्सा जगत में कृत्रिम हड्डियों और डेंटल सर्जरी में इसका बहुतायत में उपयोग किया जा रहा है।
इसके अलावा विज्ञान जगत में भौतिक विज्ञान और रसायनशास्त्र में लगातार हो रही प्रगति से भी सिरेमिक इंजीनियर्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री, इलेक्ट्रॉनिक, मेडिसिन, मिलिट्री, ऑप्टिकल मैटेरियल, स्पोर्ट्स और ट्रांसपोर्टेशन में इसके लगातार बढ़ रहे उपयोग से इस क्षेत्र में कॅरियर के अवसरों में भी वद्धि हुई है।
डिजाइनर ब्रेन का होना है जरूरी
इस क्षेत्र में कॅरिअर बनाने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आप इस क्षेत्र में कॅरियर क्यों बनाना चाहते हैं? यदि आपको अपनी रचनात्मकता पर भरोसा है और आप इस कॅरियर में जुड़ना चाहते हैं तो इस क्षेत्र में कॅरियर बनाने में कोई हर्ज नहीं है। यानी सिरामिक्स के क्षेत्र में रचनात्मक कौशल के दम पर आप कभी रिटायर नहीं हो सकते हैं, लगातार अपनी इच्छा से काम कर सकते, ख्याति हासिल करते रह सकते हैं।
इस क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत सिरेमिक इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया जा सकता है। इससे जुड़े संस्थान में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा पास करनी जरूरी है। कई राष्ट्रीय व क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेज में सिरेमिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई उपलब्ध है। पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री के बाद डॉक्टरेट द्वारा अपने कॅरियर को काफी आगे ले जा सकता हैं, अपनी उपयोगिता को अधिक मूल्यवान साबित कर सकते हैं। इसमें डिग्री हासिल करने के बाद भारत या दूसरे देशों में बेहतर कॅरियर बनाया जा सकता है।
कोर्स पूरा करने के बाद प्रोडक्शन इंडस्ट्री, हॉस्पिटल और गवर्नमेंट सेक्टर के इंस्टीट्यूट्स में नौकरी की जा सकती है। प्रोफेशनल के लिए इस क्षेत्र में टीचिंग यानी युनिवर्सिटी और कॉलेजों में पढ़ाने का बेहतर अवसर भी उपलब्ध है। डिग्री या डिप्लोमा लेने के बाद सिरेमिक टेक्नोलॉजिस्ट, सिरेमिक डिजाइनर, ऐंडमिस्ट्रेशन, प्रोडक्शन वर्कर, टेक्नीशियन, कंस्ट्रक्शन मैनेजर, रिसर्च, माकिंटिंग याँ प्रोफेसर के तौर पर अपने कॅरियर को नए आयाम दे सकते हैं।

पैकेज फॉर योर पॉकेट
ऐसा नहीं है कि किसी भी अन्य प्रोफेशनल कॅरियर में सैलरी कितनी हो, यह व्यक्ति की अपनी योग्यता और कंपनी के ऊपर निर्भर करता है। शुरूआती दौर में साढ़े तीन लाख रुपये से साढ़े चार लाख रुपये का प्रतिवर्ष का पैकेज आसानी से मिल जाता है। थोड़े अनुभव के बाद पांच लाख से बारह से पंद्रह लाख रुपये तक आसानी से कमाए जा सकते हैं।
स्किल, स्टेमिना एंड शिड्यूल
यदि आप विज्ञान के क्षेत्र में गहरी रूचि रखते हैं, इनोवेटिव और क्रिएटिव होने के साथ एनालिटिकल स्किल आपमें है, टीम स्प्रिट यानी मिलकर सहयोग करते हुए लक्ष्य को पूरा करने की व्यक्तित्वपरक क्षमता है, और मार्किट के मिजाज को समझने का मादा रखते हैं तो आप इस क्षेत्र में बिना किसी शंका के अपना करियर बना सकते हैं। चूंकि यह एक ऑफ हीट कॅरियर है, जिसके कारण प्रोडक्शन में आपको कंस्ट्रकशन साइट पर घंटों लगातार काम करना पड़ सकता है। यह एक ऐसी जॉब है जिसमें घूमने, बाहर जाने के मौके होते हैं। हां, इतना जरूर है कि इंजीनियरिंग के अन्य क्षेत्रों की तरह शुरूआती दौर में इसमें वेतन कम मिलता है। चूंकि इसमें काम का समय निश्चित होता है और ज्यादा मारा-मारी नहीं होती इसलिए इस कॅरियर से जुड़कर आप आसानी से अपने सामाजिक व पारिवारिक सरोकारों को भी निबाह सकते हैं।
सेरेमिक इंजीनियरिंग के प्रमुख संस्थानः
इस क्षेत्र से जुड़े प्रमुख संस्थान इस प्रकार हैं-
- बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी।
- आईआईटी (भारत में कई स्थानों पर स्थित)।
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, राउरकेला।
- गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड सिरेमिक टेक्नोलॉजी, कोलकाता।
- आंध्र यूनिवर्सिटी।
- पीडीए कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, गुलबर्ग।
- गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, राजस्थान।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
