स्टार्टअप शुरू करने से पहले      Publish Date : 06/07/2026

            स्टार्टअप शुरू करने से पहले

                                                                                                                 प्रो0 आर. एस. सेंगर

कुछ कोर्स ऐसे होते हैं, जिन्हें करके आप उद्यमिता के अपने सफर में अनिश्चितता को कम कर सकते हैं अब तक आंत्रप्रेन्योरशिप (उद्यमिता) को सिर्फ स्टार्टअप शुरू करने तक ही सीमित माना जाता रहा है। लेकिन आज की दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है। ऐसे में स्कूल और कॉलेजों को छात्रों को केवल नौकरी के लिए नहीं, बल्कि बदलते हालात में खुद को ढालने के लिए तैयार करना होगा। इसके लिए शिक्षा व्यवस्था में सोच और पढ़ाने के तरीके, दोनों में बड़ा बदलाव जरूरी है। उद्यमिता की पढ़ाई हर छात्र के लिए फायदेमंद है। इससे छात्रों में समस्या सुलझाने की क्षमता, सही निर्णय लेने की समझ, नेतृत्व, नए हालात में ढलने की आदत और पैसों की समझ जैसे जरूरी कौशल विकसित होते हैं। ये सभी कौशल उन्हें भविष्य की अनिश्चितताओं और अलग-अलग कॅरिअर विकल्पों के लिए तैयार करते हैं। यह पढ़ाई छात्रों में नई सोच, मुश्किलों से उबरने की क्षमता और आगे बढ़ने की मानसिकता पैदा करती है। इससे वे अवसरों को पहचानते हैं, जिससे ज्यादा आत्मनिर्भर व रोजगार के योग्य बनते हैं।

दूरदर्शी निर्णय लेने में होंगे सक्षम

                                  

कॅरिअर में बहुमुखी प्रतिभा विकसित करने पर केंद्रित कार्यक्रम छात्रों में न केवल नियोक्ताओं द्वारा अपेक्षित उद्यमी मानसिकता का विकास करता है, बल्कि उन्हें विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों, चाहे वह स्टार्टअप हों, बड़ी. कंपनियां हों या सार्वजनिक सेवा में सफल और मूल्यवान योगदानकर्ता बनने के लिए भी तैयार करता है। इसके साथ ही, यह छात्रों में आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करता है, जिससे उन्हें नए उद्यम शुरू करने या नए अवसर खोजने का आत्मविश्वास मिलता है। इस प्रकार, छात्र अपने व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में सक्रिय और दूरदर्शी निर्णय लेने में सक्षम बनते हैं।

महत्त्वपूर्ण कौशल व कोर्स

स्टार्टअप से जुड़े कोर्स में डिजिटल मार्केटिंग, डाटा एनालिटिक्स, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी, फाइनेंशियल मैनेजमेंट और आंत्रप्रेन्योरशिप (उद्यमिता) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल होते हैं। ये कोर्स छात्रों को अपना बिजनेस शुरू करने, उसे आगे बढ़ाने और आधुनिक तकनीकों जैसे एआई का प्रभावी उपयोग करने में मदद करते हैं। साथ ही, छात्र बिजनेस स्ट्रेटजी और बिजनेस मॉडल तैयार करना, फाइनेंशियल मैनेजमेंट व अकाउंटिंग की मजबूत समझ विकसित करना, तथा मार्केटिंग और सेल्स (डिजिटल मार्केटिंग सहित) के व्यावहारिक पहलुओं सेपरिचित होंगे। इसके अलावा, वे प्रोडक्ट डेवलपमेंट और डिजाइन थिंकिंग के जरिये नवाचार करना, साथ ही लीडरशिप और टीम बिल्डिंग स्किल्स के माध्यम से टीम का प्रभावी नेतृत्व करना भी सीखते हैं।

इन प्लेटफॉर्म्स पर रखें नजर

छात्रों के लिए स्टार्टअप से जुड़े विभिन्न कोर्स कई प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हैं। इनमें स्टार्टअप इंडिया लर्निंग प्रोग्राम व सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय स्टार्टअप हब जैसे, सरकारी प्लेटफॉर्म, आईआईएम और आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के ऑनलाइन व ऑफलाइन कार्यक्रम तथा कोर्सेरा व उडेमी जैसे अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शामिल हैं। यहां कुछ कोर्स पूरी तरह मुफ्त हैं, जबकि कुछ कोर्स पूरे करने पर प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाते हैं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।