प्रतिभा सेतु योजनाः सफलता का एक नया मार्ग      Publish Date : 17/06/2026

प्रतिभा सेतु योजनाः सफलता का एक नया मार्ग

                                                                                                                प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

  • प्रतिभा सेतु योजना के माध्यम से अब UPSC में फेल हो जाने के बाद भी आसानी से मिल सकेंगी सरकारी और प्राइवेट नौकरियाँ-

यूपीएससी का प्रतिभा सेतुः यूपीएससी (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में से एक है। लाखों युवा अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिवर्ष इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सफलता कुछ ही लोगों को मिल पाती है। क्या इसका मतलब यह है कि जो लोग इस परीक्षा में सफल नहीं हो पाते, उनके लिए अवसरों के द्वार बंद हो जाते हैं? जी नहीं, ऐसा बिल्कुल नहीं है।

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई ‘प्रतिभा सेतु योजना’ (Pratibha Setu Yojana) ऐसे सभी यूपीएससी उम्मीदवारों के लिए आशा की एक नई किरण है, जिन्होंने कड़ी मेहनत की लेकिन अंतिम चयन सूची में अपना स्थान नहीं बना पाए।

क्या है प्रतिभा सेतु योजना?

‘प्रतिभा सेतु योजना’ एक अभिनव पहल है जिसका उद्देश्य यूपीएससी जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में असफल होने वाले प्रतिभाशाली युवाओं की क्षमताओं का सदुपयोग करना है। यह योजना ऐसे उम्मीदवारों को एक मंच प्रदान करती है जो प्रारंभिक या मुख्य परीक्षा में सफल नहीं हो पाए, लेकिन जिनमें ज्ञान, कौशल और समर्पण की कोई कमी नहीं है। इस योजना के तहत, सरकार का लक्ष्य ऐसे उम्मीदवारों को सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में उपयुक्त रोजगार के अवसर दिलाना है।

UPSC फेल होने के बाद भी कैसे मिलेगी सरकारी नौकरी?

                             

यह योजना विभिन्न सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) के साथ मिलकर काम करती है। यूपीएससी की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के पास सामान्य ज्ञान, विश्लेषणात्मक क्षमता और समस्या-समाधान कौशल का एक विशाल भंडार होता है। ‘प्रतिभा सेतु योजना’ इन क्षमताओं को पहचानती है। योजना के तहत एक डेटाबेस तैयार किया जाएगा, जिसमें यूपीएससी उम्मीदवारों का विवरण, उनकी शैक्षिक योग्यता और उनके परीक्षा परिणाम दर्ज होंगे। सरकारी विभाग अपनी रिक्तियों के अनुसार इस डेटाबेस से योग्य उम्मीदवारों का चयन कर सकेंगे। प्राइवेट सेक्टर में भी खुलेंगे रास्ते

सिर्फ सरकारी नौकरी ही नहीं, ‘प्रतिभा सेतु योजना’निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर प्रदान करेगी। योजना के तहत कॉर्पोरेट जगत के साथ भी साझेदारी की जा रही है। यूपीएससी की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों की बौद्धिक क्षमता और अनुशासन उन्हें निजी कंपनियों के लिए भी एक मूल्यवान संपत्ति बनाते हैं। यह योजना विभिन्न उद्योगों में उनकी क्षमताओं के अनुरूप भूमिकाओं की पहचान करने में मदद करेगी।

• सिविल सर्विसेज एगजाम (Civil Services Examination)।

• इंडियन फॉरेस्ट सर्विस एग्जाम (Indian Forest Service Examination)।

• सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स एग्जाम (Central Armed Police Forces (ACs) Examination)।

• इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जाम (Engineering Services Examination)।

• कमाइंड जियो साइंटिस्ट एग्जामिशन (Combined Geo-Scientist Examination)।

• सीडीएस एग्जाम (CADASA Examination)।

• इंडियन इकोनॉमिक सर्विस (Indian Economic Service)।

• कमाइंड मेडिकल सर्विस एग्जाम (Combined Medical Services Examination)।

क्या होगी प्रक्रिया?

पहले जो काम यूपीएससी लिस्ट जारी करके करता था, उसे अब पोर्टल के जरिए किया जाएगा। इसके लिए एक वेबसाइट में ही लॉगइन करना होगा। इसमें प्राइवेट कंपनियां या केंद्र सरकारी की संस्थाएं अपना अकाउंट बनाएंगी और लॉगइन करेगी। इसके बाद इन नियोक्ताओं को उन उम्मीदवारों की जानकारी मिल जाएगी, जो इंटरव्यू में सेलेक्ट नहीं हो पाए, इसके बाद कंपनियां सीधें ऐसे उम्मीद्वारों के साथ सम्पर्क स्थापित कर लेंगी।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।