
पर्यावरण में छिपा कॅरियर का विज्ञान Publish Date : 09/06/2026
पर्यावरण में छिपा कॅरियर का विज्ञान
प्रो0 आर. एस. सेंगर
एनवायरनमेंटल साइंस, ग्लोबली इस विषय की डिमांड है। जलवायु परिवर्तन जैसे ज्वलंत मुद्दे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एनवायरनमेंटल साइंस के महत्व को बढ़ा रहे हैं। टीचिंग, रिसर्च और एनजीओ में तमाम मौके हैं। सीसीएसयू कैंपस के एनवायरनमेंटल साइंस में मास्टर डिग्री करने वाले छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन शानदार रहा है। वह बड़े संस्थानों में रिसर्च कर रहे हैं या नौकरी पर हैं। विवि ने मार्केट की जरूरत के हिसाब से कोर्स अपग्रेड किया है। नए सत्र से कोर्स अपग्रेड सिलेबस के साथ छात्रों के सामने होगा।
वर्ष 1996 से कोर्स शुरू
सीसीएसयू कैंपस में वर्ष 1996 से सेल्फ फाइनेंस कोर्स के रूप में एनवायरनमेंटल साइंस कोर्स शुरू हुआ था। यह सबसे पुराने सेल्फ फाइनेंस कोर्स में शुमार है। एमबीए और एनवायरनमेंटल साइंस एक साथ शुरू हुए थे। अहम बात यह है कि विवि ने सत्र 2015-16 से एमएससी एनवायरनमेंटल साइंस का कोर्स अपग्रेड किया है। इसे मार्केट की जरूरत के हिसाब से डिजाइन किया गया है। यूजीसी के सिलेबस को ध्यान में रखते हुए, जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, हेमवती नंदन बहुगुणा यूनिवर्सिटी आदि के कोर्स के मुताबिक कोर्स को अपग्रेड किया है। अहम बदलाव चौथे सेमेस्टर में हुआ है। छह महीने का प्रोजेक्ट वर्क रखा गया है, जो इंडस्ट्री बेस है। छात्र को बाहर जाकर इंडस्ट्री पर प्रोजेक्ट करना होगा।
कोर्स में यह हुआ बदलाव
कोर्स के सिलेबस में जियोसाइंस को शामिल किया गया है। एनवायरनमेंटल मैनेजमेंट ऐंड ईआईए, फंडामेंटल रिमोट सेसिंग, एनवायरनमेंटल स्टेटिस्टिक्स ऐंड कंप्यूटर एप्लीकेशन और इकोनॉमिक्स और सोशोलॉजी को शामिल किया है। इनके अलावा बाकी पेपर का सिलेबस अपग्रेड किया है। कोर्स शुरू होने के बाद पहली बार सिलेबस को अपग्रेड किया गया है। हाल में 29 सितंबर को हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में अपग्रेड कोर्स पर मुहर लगी। चौथे सेमेस्टर 400 नंबर का प्रोजेक्ट वर्क रखा गया है। कोर्स में छात्रों को बाहर जाकर इंडस्ट्री पर प्रोजेक्ट करना होगा।
छात्र हो रहे सफल
दूसरे सेल्फ फाइनेंस कोर्स के मुकाबले एनवायरनमेंटल साइंस विभाग के छात्रों का प्रदर्शन अच्छा है। 90 प्रतिशत छात्र-छात्राएं नेट क्वालीफाई है। बड़े-बड़े संस्थानों में रिसर्च कर रहे हैं। विभाग में सिर्फ एमएससी कोर्स चल रहा है। रिसर्च करने के लिए छात्रों को बाहर जाना पड़ रहा है। डिपार्टमेंट की छात्रा रितु नागपाल सीएसआईआर में साइंटिस्ट है। गर्वनमेंट जॉब में कई छात्र है।
सेल्फ फाइनेंस कोर्स को मिले थे शिक्षक
यूजीसी ने एनवायरनमेंटल साइंस डिपार्टमेंट को सेल्फ फाइनेंस कोर्स होने के बावजूद एक रीडर और एक लेक्चरर का पद दिया था, लेकिन विवि ने समय रहते यह नहीं भरा और पद लैप्स हो गए। अब कांट्रेक्ट पर रखे शिक्षकों से कोर्स चल रहा है, जबकि कोर्स की डिमांड अच्छी है।
छात्र जो रहे सफल

डिपार्टमेंट के छात्र रिसर्च के लिए बड़े संस्थानों में है। टीचिंग और गर्वनमेंट जॉब में अवसर हैं। सफल होने वाले छात्रों में डॉ. रितु नागदेव साइंटिस्ट सीएसआईआर, डॉ. तनु एलन लेक्चर एमिटी, मुकेश कुमार, अल्ताफ गनी, बिलाल अहमद, सुमी जैन्, आदिल हुसैन जम्मू कश्मीर के एजुकेशन डिपार्टमेंट में शिक्षक, आनंद कुमार सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड में जॉब कर रहे हैं।
- सीसीएसयू ने सब्जेक्ट का सिलेबस किया अपग्रेड, मार्केट ओरिएंटेड बनाया
- छह महीने बाहर जाकर करना होगा प्रोजेक्ट, छात्रों का शानदार रहा प्रदर्शन
- कोर्स करने वाले 90 प्रतिशत छात्रों ने नेट पास किया, विदेश में कर रहे रिसर्च

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
