
टी टेस्टर के रूप में बनाएं कॅरियर Publish Date : 03/06/2026
टी टेस्टर के रूप में बनाएं कॅरियर
प्रो0 आर. एस. सेंगर
“क्या आप गर्मागर्म चाय की चुस्की लेते हुए उसके स्वाद और महक को पहचान सकते हैं? अगर हां तो आप टी टेस्टर के रूप में अपना कॅरियर बना सकते हैं। इस क्षेत्र में आने के लिए होम साइंस, एग्रीकल्चर, बायोलॉजी या हार्टिकल्चर में स्नातक डिग्री हासिल होना जरूरी है। जानें इस स्वादिष्ट कॅरियर विकल्प के बारे में-
पूरी दुनिया में चाय पीना करोड़ों लोगों की दिनचर्या का हिस्सा है इसलिए आज के परिवेश में टी टेस्टिंग एक सबसे उभरता हुआ कॅरियर बनता जा रहा है। भारत दुनिया में श्रीलंका और चीन के साथ एक अग्रणी उत्पादक है। टी टेस्टर वह व्यक्ति होता है जो न सिर्फ चाय को चखकर उसकी जांच करता है बल्कि वह विभिन्न चायों के बीच के अंतर को भी पहचान लेता है। वह एक खास तरह का स्वाद पाने के लिए चाय को किस तरह से उबाला जाए इसके विभिन्न तरीकों पर विशेषज्ञ सलाह भी देता है। इसके लिए चाय बागान में चाय उगाने और तैयार करने की विभिन्न प्रक्रियाओं का पता होना चाहिए। साथ ही सभी तरह की चाय, पत्तियों, ग्रेड्स तथा लिकर्स के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए।

इस पेशे की खास बात है इसमें मिलने वाली ऊंची सेलरी तथा बेहतरीन जॉब लोकेशन जैसे असम और केरल जहां पर बेहतरीन चाय बागान मौजूद हैं। टेस्टर को प्रोडक्ट की ब्रांडिंग और मार्केटिंग करनी होती है। इसके अलावा उत्पादकों, निर्यातकों, आयातकों, शोधकर्ताओं के साथ समन्वय करना होता है। साथ ही घरेलू और विदेशी चाय बाजारों में वर्तमान प्रचलनों पर के बारे में भी जागरूक होना होता है।
जरूरी योग्यता
फिलहाल टी टेस्टिंग में किसी तरह की औपचारिक डिग्री या कोर्स उपलब्ध नहीं है। वैसे कुछ सर्टिफिकेट कोर्स टी टेस्टिंग के क्षेत्र में उपलब्ध हैं जो छात्रों कोटी टेस्टिंग की विभिन्न तकनीक सीखने तथा वैज्ञानिक ज्ञान जुटाने में मदद करते हैं। कोर्स के लिए बेसिक योग्यता ग्रेजुएशन है। बहरहाल कोई छात्र इस बात पर भरोसा करता है कि वह टी टेस्टर का कॅरियर अपनाना चाहता है तो उसे फूड सांइस, हार्टिकल्चर, एग्रीकल्चर साइंस या बॉटनी में शैक्षिक योग्यता उसके ज्ञान जुटाने में मददगार साबित हो सकती है।
यदि आप टी समलियर के रूप में कॅरियर शुरू करना चाहते हैं तो चाय उत्पादक देश भारत, श्रीलंका या ताइवान में पढ़ाई करना बेहतर होगा। किसी चाय एस्टेट में काम करना बेहतर होगा क्योंकि आपको वहां मिलने वाला अनुभव काफी फायदा देगा।
कार्य के घंटे:

सुबह 7 बजे : नाश्ते का समय।
सुबह 9 बजेः अपने ऑनलाइन टी स्टोर पर ऑर्डर चेक करना, पैकिंग देखना तथा ऑर्डर को भेजने के मसले देखना।
सुबह 11 बजे : ईमेल का जवाब देना तथा अपनी टीम के कार्यों की देखरेख करना तथा अपडेट लेना।
दोपहर 1 से 2 बजे भोजनावकाश।
दोपहर 2 बजे चाय के नमूने हासिल करना, टेस्टिंग तथा उसके नोट्स तैयार करना।
सायं 5 बजे : नए बिजनेस के अवसर तलाशना, ऑनलाइन शोध व जानकारियां जुटाना।
सायं 6 बजे दिन की समाप्ति।
वेतन
काफी सारे होटलों में टी रूम होते हैं और वे विभिन्न स्तरों पर टी समलियर्स को नियुक्त करते हैं जो चाय के ब्लेंड तैयार करते हैं, चाय को मिलाकर नए स्वाद बनाते हैं या चाय से नए खाद्य पदार्थ तैयार करते हैं यानी विकल्प बेशुमार हैं। किसी पांच सितारा होटल में टी समलियर के रूप में काम करने वाले को करीब 50 हजार रुपये प्रतिमाह की शुरुआत मिल सकती है जो आगे अनुभव के साथ और भी बढ़ सकती है।
दक्षता तथा योग्यता
• इस क्षेत्र में जाने के इच्छुक के पास स्वाद ग्रंथि तथा सुगंध को पहचानने की क्षमता होनी चाहिए।
• चाय तथा उसके इतिहास, प्रोसेसिंग के तरीके तथा उसे तैयार करने की विधि का पता होना चाहिए।
• निर्णय लेने की क्षमता।
• बारीक विवरण पहचाने की क्षमता।
• शारीरिक रूप से स्वस्थ, स्वीकार्य तथा खुद पर भरोसा रखता हो।
• स्मोकिंग और ड्रिंकिंग की आदत पर लगाम लगाने में सक्षम हो।
• बेहतर सम्प्रेषण का कौशल।
• चाय के बाजारों की जानकारी हो तथा बाजार को बदलने या प्रभावित करने वाले कारणों से वाकिफ हो तथा उनके प्रति सजग हो।
• प्रकृति से लगाव हो।
संस्थान एवं वेबसाइट
• टी समलियर एकेडमी, कोलंबो वेबसाइट: www.freshtea-lab.com
• स्पेशियलिटी टी इंस्टीट्यूट, यूएसए www.teausa.com
• लिप्टन इंस्टीट्यूट ऑफ टीवेबसाइट: http://www.lipton.in/
• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ प्लांटेशन मैनेजमेंट, बेंगलुरू वेबसाइट: www.iipmb.edu.in
• दिप्रास इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, कोलाकाता। वेबसाइट: www.dipras.in
• दार्जिलिंग टी रिसर्च ऐंड मैनेजमेंट एसोसिएशन, वेस्ट बंगाल।वेबसाइट: www.nitm.in
फायदे और नुकसान
• हास्पिटेलिटी सेक्टर में टी टेस्टिंग एक उभरता हुआ हुनर है।
• वेतन काफी बेहतर हैं।
• लोगों को फिलहाल टी समलियर के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है इसलिए मौजूदा समय में अवसर कम हैं लेकिन मौके तैयार हो रहे हैं।
• आपको चाय के साथ दुनिया की विभिन्न संस्कृतियों के बारे में जानने का मौका मिलता है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
