ऊर्जा क्षेत्रः कॅरियर के लिए असीम सम्भावानाएं      Publish Date : 02/06/2026

ऊर्जा क्षेत्रः कॅरियर के लिए असीम सम्भावानाएं

                                                                                             प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

ऊर्जा से न केवल जीवन में उजाला बढ़ाया जा सकता है, बल्कि विकास की गति को भी रफ्तार दी जा सकती है। अगर आप भी ऊर्जा का प्रबंधन और इस क्षेत्र में हो रहे नित नए प्रयोगों का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो इस क्षेत्र में अवसरों की भी कोई कमी नहीं है।

एनर्जी क्राइसिस आज पूरे विश्व की समस्या सबसे व्यापक है। परपरागत ऊर्जा पर निर्भरता के दुष्परिणाम, एनर्जी सिक्योरिटी घेट तथा बेमौसम बारिश, बाढ़, प्रदूषण या ग्लोवल वार्मिंग जैसे एनवायर्नमेंटल प्रॉस्लम हमारे सामने है। ऐसे में बीते कुछ वर्षों से क्लीन एनर्जी का महत्व काफी बढ़ा है। भारत भी ऊर्जा की अपने भारी-भरकम जरूरतों को पूरा करने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए ऊर्जा के अतिरिक्त स्रोतों यानी वैकल्पिक एनर्जी, जैसे सोलार एनजी, विंड एनजी, या हाइड्रो एनर्जी पर अधिक फोकस कर रहा है।

विभिन्न एनर्जी रिसोर्सेज के कुशाल उपयोग पर भी काफी जोर दिया जा रहा है, जिसमें एनर्जी एफिशिएंट बिल्डिंग डिजाइन, रिस्क असेसमेंट, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट तथा मैनेजरियल स्किल्स जैसी कोशिशें शामिल है। यही कारण है कि रिन्यूएबल एनबी सेक्टर में एनर्जी मैनेजमेंट के टेड प्रोफेशनल्स की डिमांड भी अब काफी तेजी से बढ़ रही है।

                         

देश में अभी तक सोलर तथा विंड एनर्जी सेक्टर में करीब 70 हजार लोगों को फुलटाइम जॉब ऑपरच्यूनिटी मिल चुकी है और उम्मीद जताई जा रही है कि वर्ष 2028 तक उत्पादन क्षमता लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश में करीब 1,83,500 फुलटाइम नौकरियों के अवसर इस क्षेत्र और पैदा होंगे।

तरक्की की संभावनाएं

क्लीन एनजी इंडस्ट्री भले ही अभी अपनी शुरुआती रटेज में है, लेकिन यहां युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर करियर की संभावनाएं मौजूद है। बीते 4 सालों में सोलर मार्केट सौ गुना से ज्यादा तेज गति से आगे बढ़ा है। सोलर पावर उत्पादन क्षमता जो अभी 20 गीगावाट्स है, उसे वर्ष 2028 तक बढ़कर 100 मेगावाट्स तक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सोलर सेक्टर में इनवेस्टमेंट भी बीते तीन गषों के करीब 8 बिलियन यूएस डॉलर के मुकाबले वर्ष 2015 में 10.9 विलियम यूएस डॉलर तक हुआ।

विंड एनर्जी उत्पादन में भी भारत दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा उत्पादक देश बन चुका है। इस एनजी उत्पादन को भी अगले 6 सालों में 60 गीगावाट्स तक पहुंचाने का लक्ष्य है। ऊर्जा के ये दोनों नर सेक्टर मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में भी शामिल हैं। ऐसे में आगे के वर्षों में देश की ऊर्जा जरूरतें पूरी होने के साथ-साथ एनवीं मैनेजमेंट, मैन्युफैवनारिंग, ट्रेडिंग, सर्विसिंग, इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी तथा सोशल एंटरप्रेन्योरशिप जैसे क्षेत्रों में रोजनार के अवसर और अधिक बढ़ेंगे।

जॉब अपॉर्च्यूनिटी

                                                                                                                               

रिन्यूएबल एनजीं ऐंड मैनेजमेंट सेक्टर से संबंधित सभी पब्लिक और प्राइवेट इंडस्ट्रीज में करियर के तमाम विकल्प मौजूद है। एनर्जी मैनेजमेंट फील्ड में स्पेशलाइजेशन के बाद युवा पावर डिस्ट्रिब्यूशन, ऑपल मार्केटिंग, पावर जनरेशन, आंकल एचसप्लोरिग, पावर ट्रांसमिशन, एनजी पाचर इंफ्रास्ट्रक्चर मैन्युफैक्चरिंग फाइनेंसिंग, एनर्जी संवडर, कंसल्टिंग सर्विसेज, गवर्नमेंट एजेसीज यानी सोलर एनजी सेंटर, विंड एनजी टेक्नोलॉजी सेंटर, हाइड्रो एनर्जी सेंटर, इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी, ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी के अलावा एनजीओं में भी अपना करियर बना सकते हैं। रिसर्च में इंटेस्ट रखने वाले यूवा इवोवेशन से जुड़े सकते हैं। बायोटेक्नोलॉजी बैकग्राउंड के युवाओं के लिए बायोफ्यूल तथा बायो पॉलिमर्स के क्षेत्र में बहुत संभावनाएं मौजूद है। वहीं, इंजीनियर्स इस सेक्टर में मशीन और उपकरणों के निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं।

क्या है एनर्जी मैनेजमेंट

एनर्जी मैनेजमेंट का महत्व आजकल सभी प्रतिष्ठानों में है। सिर्फ इनम डोमेन अलग-अलग है। एनर्जी मैनेजमेंट भी ऐसा ही एक नया उभरता हुआ फील्ड है जिसके अंतर्गत ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट, ऑपरेशन, फाइनेंस, मार्केटिंग तथा स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट जैसे मैनेजरियल वर्क परिषद शामिल है। ऐसे ट्रेंड प्रोफेशनल्लस आमतौर पर एनर्जी कॉरपोरेशंस मैनेजमेंट के बड़ी भूमिका निभाते है।

कोर्स ऐंड क्वालिफिकेशन

देश के कई यूनिवर्सिटीज अलग- अलग नामों से पोस्ट ग्रेजुएट लेवल पर रिन्यूएबल एनजी ऐंड मैनेजमेंट या एनजों स्टडीज से जुड़े फोर्सेज ऑफर कर रही है। इस तरह के कोर्स में चीटेक, बीई या एमएससी फिजिक्स के स्टूडेंट दाखिला ले सकते हैं। कई विजनेश संस्थानों में एवजी मैनेजमेंट या पातर मैनेजमेंट जैसे एमबीए कोर्स भी ऑफर किए जा रहे है। जिसे ग्रेजुएशन के बाद किया जा सकता है।

सैलरी

रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में डिप्ल्वेमाधारी युवाओं को शुरुआत में ही 10 सो 15 हकार रुपये की सैलरी आसानी से मिल जाती है। वहीं हाईक्वालिफाइड टेक प्रोफेशनल्स को भी शुरू में 5 से 6 लाख रूपये तक का पैकेज मिल जाता है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।