
डाटा स्किल से बढ़ती हुई आशाएं Publish Date : 21/05/2026
डाटा स्किल से बढ़ती हुई आशाएं
प्रो0 आर. एस. सेंगर
सवाल 1: सर मैं यह जानना चहता हूँ कि क्या गैर-तकनीकी पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र भी एनालिटिक्स और एमआईएस के माध्यम से एक मजबूत और उच्च वेतन वाला करिअर बना सकते हैं? अथवा क्या भविष्य केवल उन्हीं लोगों का होगा, जो डाटा और ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आदि की क्षमता प्राप्त करने में सक्षम होंगे?
- दिनेश शर्मा, मोहकमपुर मेरठ।
जवाबः वर्तमान समय में कंपनियाँ ऐसे लोगों को भी महत्व प्रदान कर रही हैं, जो बिजनेस की समस्याओं को समझकर डाटा के आधार पर उचित निर्णय ले पाने में सक्षम हों। ऐसे में कॉमर्स, आर्ट्स, मैनेजमेंट, डिजाइन, साइकोलॉजी या मार्केटिंग आदि विषयों के छात्र भी डाटा एनालिटिक्स और मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम आदि के क्षेत्र में आसानी से अपना करिअर बना सकते हैं। उदाहरण के लिए मार्केटिंग और डाटा एनालिटिक्स वाले छात्र कस्टमर इनसाइट्स, डिजिटल मार्केटिंग, बिजनेस इंटेलिजेंस और मार्केट रिसर्च आदि के क्षेत्र में कार्य कर सकते हैं। वहीं साइकोलॉजी बैकग्राउंड वाले छात्र एचआर एनालिटिक्स, बिहेवियरल रिसर्च और कंज्यूमर बिहेवियर आदि में अपना करिअर बना सकते हैं।
शुरूआत में एडवांस कोडिंग आवश्यक नहीं होती है। एक्सेल, एसक्यूएल, पावर बीआई, टैब्लो और एआई के बेसिक टूल्स सीखकर करिअर की शुरूआत की जा सकती है और आगे चलकर पाइथन एवं स्टैटिस्टिक्स आदि को सीखकर बेहतर एवं उच्च वेतन वाली भूमिकाएं भी मिल सकती हैं।
वर्तमान समय में भारत में, इस क्षेत्र की मांग तेजी के साथ बढ़ रही है। वर्ष 2026 तक एआई जॉब्स में लगभग 32 प्रतिशत की वृद्वि और 3.8 लाख नए अवसर बनने की आशा है। अतः कहा जा सकता है कि भविष्य उन्हीं लोगों का है, जो कि पारंपरिक तरीकों से आगे जाकर डाटा औश्र ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस इत्यादि तकनीकों को अपनाएंगे। ऐसे में जो लोग एआई का उपयोग समझदारी से करेंगे उनके लिए आगे बढ़ने के बेशुमार अवसर उपलब्ध होंगे।
सवाल 2: सर मैने बीएड, टीईटी और सीईटी किया हुआ है। हालांकि अभी तक टीचर की वेकेंसी नहीं होने के कारण मुझे शिक्षक की नौकरी नहीं मिल पाई है। ऐसे में क्या मैं किसी अन्य सरकारी नौकरी की तैयारी कर सकती हूँ या फिर मेरे लिए एमबीए करना अधिक उचित होगा, कृपया उचित मार्गदर्शन प्रदान करने की कृपा करें।
- आंचल गुप्ता मेरठ।
जवाबः जल्दबाजी में टीचिंग के फील्ड को छोड़ना किसी भी दशा में उचित नहीं है। भर्तियों की गति हमेशा ही धीमी रही है, लेकिन वर्ष 2026 में डीएसएसएसबी, केवीएस, एनवीएस और राज्य सरकार के स्कूलों में नई वेकेंसीज आने की सम्भावना है। बीएड डिग्री धारकों के लिए अवसर फिर से बढ़े हैं और गम्भीर रूप से तैयारी करने के बाद आपके पास यह एक अच्छा अवसर होगा। हालांकि, केवल टीचिंग परीक्षाओं पर ही निर्भर रहना किसी भी दशा में उचित नहीं है, क्योंकि वेकेंसी अनिश्चित हैं और प्रतियोगिता बहुत अधिक है। इस कारण से हमें दूसरा करिअर विकल्प भी हमेशा तैयार रखना चाहिए।
रही बात एमबीए करने की तो आपको सलाह है कि आपको एमबीए तब ही करनी चाहिए जबकि आपकी रूचि मैनेजमेंट, एचआर, मार्केटिंग, एजुकेशन मैनेजमेंट अथवा प्रशासन में हो। आपके टीचिंग बैकग्राउंड के साथ एचआर, मार्केटिंग, एजुकेशन मैनेजमेंट या बिजनेस एनालिटिक्स में एमबीए करने पर स्कूल, कोचिंग, एजुकेशनल कंपनियां, एनजीओ, ट्रेनिंग और कॉरपोरंट लर्निंग जैसे फील्छ्स में आपको बेहतर अवसर प्राप्त हो सकते हैं। हालांकि आपको यह भी ध्यान रखना चाहिए कि आपको एमबीए किसी कॉलेज से ही करना चाहिए। वर्तमान में कंपनियां डिग्री के साथ कम्युनिकेशन, डिजिटल टूल्स, एआई और मैनेजमेंट स्किल्स को भी महत्व प्रदान करती हैं।
अतः आपके लिए हमारी सलाह यह है कि आप अभी अगले 1-2 वर्ष तक अपनी टीचिंग की तैयारियों में निरंतरता बनाए रखें, इसके साथ ही कम्प्यूटर, एक्सेल कम्युनिकेशन और मैनेजमेंट स्किल्स विकसित करें। किसी कारणवश यदि आपका टीचिंग जॉब का सपना साकार नहीं होता है, तो बिना अधिक सोच-विचार किए किसी भी सरकारी नौकरी के लिए तैयारी करने से कहीं अधिक अच्छा यह होगा कि आप किसी अच्छे संस्थान से एमबीए करें।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
