आइएएस बनने की राह      Publish Date : 06/05/2026

                  आइएएस बनने की राह

                                                                                                                            प्रो0 आर. एस. सेंगर

आइएएस-आइपीएस बनना देश के तमाम युवाओं का सपना होता है। संघ लोक सेवा आयोग ने 2017 की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारी उपयुक्त रणनीति के साथ करे-

हर स्नातक युवा का सपना होता है कि वह आइएएस, आईपीएस या आएफएस बनकर न सिर्फ लाल बती लगी कार में बैठे, बल्फि लोगों को समस्याओं का समाधान करने में प्रत्यक्ष भागीदारी निभाए। लेकिन लाखों अभ्यर्थियों में से चुनिंदा को ही इस परीक्षा के तोनों चरणों (प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार) को पार कर लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय अकादमी, मसूरी और सरदार पटेल पुलिस अकादमी, हैदराबाद जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण लेने का मौका मिल पाता है।

सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक है। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली इस परीक्षा के जरिए, एक सिविल सेवक बनने के लिए परीक्षार्थियों को प्रारंभिक, लिखित और साक्षात्कार के रूप में तीन चरणों की परीक्षा से गुजरना पड़ता है। पहला चरण प्रारंभिक परीक्षा का है। प्रारंभिक परीक्षा में कुल यो प्रश्न पत्र होते हैं। पहला पेपर 200 अंकों का सामान्य अध्ययन का है जिसमें समसामयिकी, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र सौशाल डेवलपमेंट और जैव विविधता से जुड़े बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। सामान्य अध्ययन के दूसरे पेपर- सैट में भी 200 अंकों के बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं, जिसमें वह परखा जाता है कि कैंडिडेंडंट की इंग्लिश लेगोज कॉम्प्रिहेंशन, इंटरपर्सनल ऐंड कम्युनिकेशन स्किल, लॉजिकल रीजनिंग, डिसीजन मेकिंग एबिलिटी, जनरल मेंटल एबिलिटी और डाटा एंटरप्रेटेशन कैसी है। इस पेपर में 33 प्रतिशत अंक लाना सभी कैंडिडेट के लिए अनिवार्य है। इन दोनों प्रश्नपत्रों की अवधि क्रमशः दो-दो घंटे है। उल्लेखनीय है कि प्रारंभिक परीक्षा एक स्क्रीनिंग टेस्ट है और इसका शंक लिखित परीक्षा तथा साक्षात्कार के अंकों में नहीं जोड़ा जाता है।

स्ट्रेटेजी के साथ तैयारी

                                      

इस बार की परीक्षा के लिए समय अधिक नहीं है, ऐसे में फोकस सही स्ट्रेटेजी पर होना चाहिए क्योंकि कोई भी कैंडिडेट महज तीन माह के दरम्यान बहुत सी किताने नहीं पह सकता और न ही पूरे सिलेबस को कंपलीट कर सकता है। फिर भी अगर अभी से सही रणनीति से पढ़ाई करें तो इस प्रारंभिक परीक्षा को पास करना मुश्किार काम नहीं है। बस, इसके लिए आपको कुछ महत्वपूर्ण बातों को ध्यान में रखना होगा, जैसे कि स्टैंडर्ड किताबों से ही पढ़ाई करें। रोजाना कोई स्तरीय राष्ट्रीय अखबार पढ़ें ताकि आसपास क्या घटित हो रहा है, उसकी जानकारी आपको रहे सिविल सेवा परीक्षा के लिए अंग्रेजी अखचार 'द हिंदू' को कारी बेहतर माना जाता है। पढ़ाई में इंटरनेट की भी मदद ले सकते हैं। खास तौर से ग्राम न्यायालय, इकोनॉमिक्स ऑफ इको-सिस्टम और बॉयोडायवर्सिटी जैसे अनेक टॉपिक्स की कंपलीट जानकारी आपको इंटरनेट से मिल सकती है।

अखबार पड़ते समय जब भी कोई महत्वपूर्ण टर्म विखे, तो तुरंत उसका मतलब नेट से, किताबों से या फिर शिक्षकों से जानने की कोशिश करें। प्रत्येक परंपरा के लिए एक अच्छी किताब जरूर पढ़ें। अगर ऐसा करते है, तो इससे परीक्षा के तीनों चरणों-विलिम्मा, मेन और इंटरव्यू की तैयारी हो जाएगी। एक बात यह भी ध्यान रखें कि कभी भी किसी महत्वपूर्ण तथ्य को कताई इग्नोर न करें। एक और अहम बात यह कि इस प्रारंभिक परीक्षा में निगेटिव मार्किंग है, यानी गलत उत्तर देने पर आपके अंक काट लिए जाएंगे, इसलिए तुक्का लगाने से बचना होगा।

रहें फोकस्ड

सिविल सेवा परीक्षा के पिछले कुछ वर्षों के प्रश्नपत्रों का अध्ययन-आकलन करने पर वह सामने आया है कि इस परीक्षा में करेंट अफेयर्स, इकोनॉमिक्स, एनॉयर्नमेंट, ज्योग्राफी, हिस्ट्री और पॉलिटी जैसे विषयों से सबसे अधिक प्रश्न पूछे जाते रहे हैं, इसलिए परीक्षार्थियों को इन विषयों को अधिक फोकस होकर तैयार करने की जरूरत है। एक बात या भी ध्यान में रखें कि जब आप इन विषयों को पढ़ें, तो सेक्शनवाइत इसको डिफिकल्टी लेवल को भी साथ-साथ दिमाग में रखें। क्योंकि 2016 की परीक्षा में अधिकतर प्राप्न मीडियम डिफिकल्टी लेवल से पूछे गए हैं। इसके इसके बाद ईजों डिफिकल्ली लेवल से प्रान पूछे गए।

ट्रिकी पहलू

अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं की तरह ही सिकिल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में भी कुछ ट्रिकी सवाल पूछे जाते हैं, ताकि अभ्यर्थियों के नॉलेज लेबल को परखा जा सके। ऐसे प्रश्नों का सामना करने के लिए भरपूर प्रैक्टिस करनी होगी। जो एरिया आपका कमजोर है, उसे तलाशें और उसे मजबूत बनाएं। इस परीक्षा में देखा गया है कि करीब 60 प्रतिशत प्रश्न को आप सिर्फ प्राथमिक किताची और अखबारों की पढ़कर हल कर सकते हैं। एक दूसरी बात यह कि परीक्षा में जिस भी प्रश्न को ट्राई करें, पहले उसे ध्यानपूर्वक पढ़ें। इसमें एलिमिनेशनटेक्नीक अपनाएं और फिर सलेक्टेड प्वाइस में से संभावित उत्तर को चुनें। सभी कंडिडेट को एक सुझाव यह है कि जैसा कि इस परीक्षा में निर्णटिव मार्किंग है, इसलिए सिर्फ उपरों प्रश्यों को हल करने की कोशिश करें जिसके नंतर को तैीकार आप पूरी तरह आश्वस्त है। इस परीक्षा में स्पीड और एकुरेसी गानों तेरी और शुद्धता की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

खुद का लें टेस्ट

                                     

सिविल सर्विसिज एग्जाम खुद की तैयारी को परखने का भी प्री एग्जाम है। इसलिए परीक्षा में शामिल होने से पहले पुराने पेपर्स के साथ-साथ मॉडल/माक पेपर्स का भी अभ्यास जरूर कर लें। कोशिश करें कि कम से कम पिछले पांच वर्षों के पेपर के प्रश्नों को जरूर हल करें। ऐसा करने से एक तो सवालों के जवान स्मार्ट तरीकि से देने की दक्षता बढ़ेगी। दूसरे, परीक्षा में निगेटिव मार्क मिलने की संभावनाएं भी कम होगी।

तैयारी को दें फाइनल टच

जब आपको इस चात का इत्मीनान ही जाएं कि हां, अघ आपने सिलेबस कवर कर लिया है, ती परीक्षा में अपीयर होने से पहले कम से कम 5 वार प्रमुख लेखसी की किताबों को जरूर पढ़ने की कोशिश करें। एक ही रीडिंग में इन किताबों से सब कुछ याद करने की कोशिश न करें।

ध्यान देने योग्य बातें

• तैवारी के साथ अधिक से अधिक टेस्ट सीरीज का उम्रियास करें।

• रोजाना कोई एक राष्ट्रीय अखबार जरुर पढ़े।

• जीएस के लिए एनसीईआरटी की किताबों के अलावा मार्केट में उपलब्ध स्टडी मैटीरियल की भी मदद ले।

• परीक्षा में आसन प्रश्नों पर पहले फोकस करें।

• रेडम करने की बजाय सिर्फ इंटेलिजेंट मे करें।

• परीक्षा में तुक्के से उत्तर नहीं देना है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।