डाटा साइंस या एआइ में करियर      Publish Date : 24/04/2026

        डाटा साइंस या एआइ में करियर

                                                                                                       प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

आज के समय में डाटा साइंस या एआइ जैसे कोर्स करना क्या सही करियर विकल्प है?

आज के समय में डाटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), मशीन लर्निंग और साइबर सिक्योरिटी जैसे कोर्स बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं। इन्हें चुनने से पहले यह समझना जरूरी है कि क्या आपको उस विषय में रुचि है और क्या आप वे स्किल्स सीखने के लिए तैयार हैं। इन क्षेत्रों में सफलता पाने के लिए लगातार सीखना, समस्या समाधान की क्षमता और तकनीकी समझ बहुत जरूरी होती है। अगर आपको डाटा, टेक्नोलाजी और एनालिसिस में दिलचस्पी है तो ये क्षेत्र बहुत अच्छे अवसर दे सकते हैं, लेकिन अगर सिर्फ "सब लोग कर रहे हैं" सोचकर करना चाहते हैं तो आगे चलकर मुश्किल हो सकती है।

फ्रेश ग्रेजुएट्स को जाब ढूंढ़ते समय किन वातों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए?

                                 

जाब ढूंढ़ते समय फ्रेश ग्रेजुएट्स अक्सर सैलरी या कंपनी के नाम पर ध्यान देते हैं, लेकिन करियर की शुरुआत में इससे भी ज्यादा कई और महत्वपूर्ण चीजें होती हैं। सबसे पहले यह देखें कि उस रोल में आपको सीखने के अवसर कितने मिलेंगे। क्या वहां नई स्किल्स सीख पाएंगे, जिम्मेदारी लेने और प्रोफेशनल ग्रोथ का मौका मिलेगा? अगर आप ऐसे माहौल में काम करते हैं, जहां सीखने और सुधार की गुंजाइश है तो आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

अगर ग्रेजुएशन के बाद तुरंत सही दिशा समझ में न आए तो क्या करना चाहिए?

बहुत से छात्रों को ग्रेजुएशन के बाद यह स्पष्ट नहीं होता कि उन्हें आगे क्या करना है। हर व्यक्ति का करियर एक ही गति से आगे नहीं बढ़ता। अगर आप कन्फ्यूज हैं तो सबसे पहले खुद को समय दें और अलग-अलग विकल्पों को समझने की कोशिश करें। इंटर्नशिप करना, छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स लेना, आनलाइन कोर्स करना या अनुभवी लोगों से बात करना आदि इसमें मदद कर सकते हैं। इससे आपको यह समझने में आसानी होगी कि किस तरह का काम आपको पसंद आता है और किस क्षेत्र में आप बेहतर कर सकते हैं।

भारत एक भरोसेमंद एआइ पार्टनर : एनजी सुब्रमण्यम

                                 

तंजावुर (तमिलनाडु) में एसएएसटीआरए (SASTRA) यूनिवर्सिटी की ओर से बीते दिनों आयोजित एक कार्यक्रम में टाटा कम्युनिकेशंस और टाटा एल्क्सी के चेयरमैन एनजी सुब्रमण्यम ने कहा कि भारत वैश्विक एआइ इकोसिस्टम में भू-राजनीतिक रूप से स्थिर और भरोसेमंद पार्टनर है और एआइ के क्षेत्र में सही डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल करने की इसकी क्षमता गेम चेंजर साबित होगी। उन्होंने एआइ के बढ़ते अवसरों का लाभ उठाने के उद्देश्य से अलग-अलग संगठनों के साथ एसएएसटीआरए के गठजोड़ की सराहना की। एसएएसटीआरए के कुलपति डा. एस. वैद्यसुब्रमण्यम भी इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।