अंतिम 30 दिनों की तैयारी      Publish Date : 12/04/2026

                अंतिम 30 दिनों की तैयारी

                                                                                                                 प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

उत्कर्ष अवधिया बताते हैं कि नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट की तैयारी के लिए एक साल का समय पर्याप्त होता है, लेकिन आखिरी के एक से डेढ़ महीने का समय ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान सभी उम्मीदवारों को फोकस्ड होकर तैयारी करने की जरूरत होती है। इस प्रकार उन्होंने इस सफलता के लिए परीक्षा के लिए विधिवत तैयारी की थी। इस परीक्षा में 11वीं व 12वीं दोनों ही कक्षाओं के फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलाजी विषयों से 50-50 प्रतिशत प्रश्न आते हैं।

रोजाना पेपर से प्रैक्टिसः बोर्ड एग्जाम खत्म होते ही अंतिम महीने में रोजाना एक माक टेस्ट सैंपल पेपर जरूर करें। मैंने भी ऐसा ही किया था। पेपर करने के बाद उसका विश्लेषण भी करें कि क्या गलतियां हो रही हैं। इससे यह भी पता लगता रहेगा कि आपकी किस तरह की तैयारी हो चुकी है और किस तरह से सुधार करने की जरूरत है।

                                

रिवीजन पर फोकसः परीक्षा से पहले सभी उम्मीदवार कुछ ऐसी रणनीति बनाएँ कि नीट के पूरे सिलेबस का रिवीजन अगले तीस दिनों में एक बार जरूर हो जाए। कोशिश करें कि इस बचे हुए समय में कम से कम दो बार रिवीजन 'कंपलीट कर लें। यदि अभी से रोजाना दो-तीन चैप्टर रिवाइज करेंगे तो यह अगले 30 दिनों में आसानी से हो सकता है।

बोर्ड के बाद की तैयारीः बोर्ड के दौरान इतना समय नहीं होता है कि नीट पर भी पूरा फोकस बनाए रखा जा सके। मैं भी बोर्ड के दौरान नीट पर ज्यादा फोकस नहीं कर पाया था, लेकिन इस परीक्षा में बोर्ड की तैयारी बहुत काम आती है। ऐसे में बोर्ड के बाद बचे हुए समय में 11वीं के सिलेबस को दोहराने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, क्योंकि नीट यूजी में 11वीं और 12वीं दोनों ही सिलेबस से प्रश्न, आते हैं।

शेड्यूल ऐसे किया फालोः बोर्ड, एग्जाम खत्म होने के बाद मैं रोजाना सुबह छह बजे उठकर करीब एक घंटा पढ़ाई करता था। इसके बाद नहा-धोकर, नाश्ता करके नौ बजे से ग्यारह बजे तक करीब दो घंटे का एक टेस्ट देता था। फिर 11 बजे के बाद कोचिंग जाता था। इंदौर के आकाश इंस्टीट्यूट में दो घंटे पढ़ाई करने के बाद दो बजे से पांच बजे तक एक नीट का टेस्ट पेपर देता था। सेंटर ही यह टेस्ट कराता था। वहां से आने के बाद सात बजे से 10 बजे तक एक-दो चैप्टर का रिवीजन करता था और फिर सो जाता था। अगले दिन फिर से पूरे दिन मेरा यही शेड्यूल रहता था। आप भी अपनी सुविधा के अनुसार कुछ ऐसा शेड्यूल बनाएं कि रोजाना कम से कम आठ से 10 घंटे की पढ़ाई जरूर करना सुनिश्चित् करें।

बायोलाजी ज्यादा स्कोरिंगः नीट में बायोलाजी विषय सबसे ज्यादा स्कोरिंग विषय है। इस सेक्शन के प्रश्नों पर अच्छे नंबर आते हैं। यूं समझें कि तीन घंटे के नीट पेपर में करीब 30 से 45 मिनट में आपको इस विषय से 360 नंबर मिल सकते हैं। बायोलाजी की एक अच्छी बात यह भी है कि एक महीने पढ़कर भी इसमें 300 से ऊपर अंक लाए जा सकते हैं। फिजिक्स का सेक्शन काफी कठिन होता है। इसके प्रश्नों को हल करने में एक से डेढ़ घंटे का समय लगता है। पिछले साल भी नीट पेपर में फिजिक्स के प्रश्न काफी कठिन आए थे।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।