
बड़ी संख्या में चाहिए साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ Publish Date : 06/04/2026
बड़ी संख्या में चाहिए साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग जहां एक ओर बैंकिंग सेक्टर से लेकर हेल्थ सेक्टर तक बेहतर नतीजे दे रहा है, वहीं दूसरी ओर इसका असर साइबर सुरक्षा पर भी पड़ रहा है। खतरनाक और तेज एआई-आधारित हमलों ने भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को पहले से ज्यादा असुरक्षित बना दिया है।
पावर ग्रिड, बैंकिंग, टेलीकॉम और सरकारी संस्थाएं अब प्रशिक्षित और अनुभवी पेशेवरों की भारी कमी के कारण जोखिम में हैं। इंडिया साइबर थ्रेट रिपोर्ट 2025 में यह बात सामने आई कि 2022 से 2024 के दौरान साइबर खतरों की संख्या 1 करोड़ 30 लाख से बढ़कर 5 करोड़ 40 लाख तक पहुंच गई थी। यह चार गुना की बढ़ोतरी है।

मिंट के एक लेख में दर्शन शांतामूर्ति, सिसा इन्फोसेक के संस्थापक और कार्यकारी अधिकारी कहते हैं कि पिछले दशक में साइबर सुरक्षा में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन कौशल विकसित करने की गति अब भी मांग के बराबर नहीं है। जटिल और उच्च स्तरीय खतरों को रोकने के लिए अधिक कौशल की जरूरत है।
उच्च स्तर के स्किल की बढ़ी मांग
इस संदर्भ में नीति आयोग की एआई रोजगार सुनन रोडमैप रिपोर्ट 2025 भविष्य के ट्रेंड पर नजर डालती है। रिपोर्ट के अनुसार 2031 तक एआई से 40 लाख नई नौकरियों की संभावना है, जिसमें बड़ा हिस्सा साइबर सिक्योरिटी के एआई संबंधित कौशल का होगा। साइबर सिक्योरिटी में जहां, पारंपरिक डेटा एंट्री या बेसिक मॉनिटरिंग जैसे काम अब एआई करेगा। इसके बदले एआई एथिक्स ऑफिसर, डेटा प्राइवेसी स्पेशलिस्ट और एआई सुरक्षा विश्लेषक जैसे नए और उच्च स्तरीय पद बनेंगे भी।
वेतन आकर्षक, पर सही कोर्स चुनौती
साइबर सिक्योरिटी में निश्चत रूप से युवाओं को एक बेहतर भविष्य मिलता है, क्योंकि इस क्षेत्र में वेतन बेहद आकर्षक हैं। करीब पांच साल के अनुभव वाले इंजीनियर सालाना 20 लाख रुपये तक कमा सकते हैं और वरिष्ठ स्तर के साइबर सिक्योरिटी इंजीनियर लगभग 60 लाख रुपये तक वेतन पा सकते हैं। हालांकि, असली चुनौती उपयुक्त साइबर स्किलिंग कोर्स की है।
अमी कौन से पद मांग में
नेशनल करिअर सर्विस की करिअर इन साइबर सिक्योरिटी रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में कुछ पदों कीबहुत ज्यादा मांग है। जैसे:
- सिक्योरिटी एनालिस्टःकंप्यूटर साइंस, आईटी या संबंधित क्षेत्र में स्नातक डिग्री। औसत वेतन 6.4 लाख रुपये सालाना।
- पैनिट्रेशन टेस्टरःसाइबर सुरक्षा, कंप्यूटर साइंस, आईटी में स्नातक या स्नातकोत्तर डिग्री। औसत वेतन 8.6 लाख रुपये सालाना।
- सिक्योरिटी इंजीनियरःकंप्यूटर साइंस, सूचना प्रौद्योगिकी/साइबर सिक्योरिटी में स्नातक। औसत वेतन 8.4 लाख रुपये सालाना।
उच्च पदों में सिक्योरिटी आर्किटेक्ट, सीनियर कंसल्टेंट साइबर सिक्योरिटी, सिक्योरिटी इंजीनियर ट्रस्ट एंड सेफ्टी जैसे पदों पर भी मांग है।
कैसा कोर्स और प्रशिक्षण जरूरी

जरूरी है कि करिअर के तौर पर साइबर सिक्योरिटी का क्षेत्र अपनाने वाले युवा ऐसे प्रशिक्षण कोर्स चुनें, जो समग्र और व्यावहारिक प्रशिक्षण देते हों। ऐसे प्रोग्राम छात्रों को असली अनुभव देते हैं, जैसे कि रिकग्निशन और एक्सेस मैनेजमेंट, रिस्क आइडेंटिफिकेशन, नियमों का पालन और क्लाउड सुरक्षा। परंपरागत आईटी कोर्स से अलग, साइबर सुरक्षा में सक्रिय और बचाव-केंद्रित सोच की जरूरत होती है, जो केवल किताबों से नहीं सीखी जा सकती, इसलिए इंटरैक्टिव लैब्स, इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन और व्यावहारिक अनुभव अपनी साइबर सुरक्षा ट्रेनिंग का अहम हिस्सा बनाएं। माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम सहित कई कंपनियां विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर साइबर सुरक्षा कोर्स, इंटर्नशिप और मैटरशिप प्रोग्राम चला रही है। ये प्रोग्राम छात्रों को असली, दुनिया के टूल्स और केस स्टडीज तक पहुंच देते हैं, ताकि वे वास्तविक चुनौतियों का अनुभव ले सकें।
कुछ अपस्किलिंग प्रोग्राम
सिसा इन्फोसेक की CSPAI वर्कशॉप: सर्टिफाइड सिक्योरिटी प्रोफेशनल फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (सीएसपीएआई) एक गहन प्रशिक्षण आधारित वर्कशॉप है, जो शुरुआती साइबर सिक्योरिटी इंजीनियर्स के लिए बनाई गई है। इसे केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय और भारतीय कंप्यूटर इमरनेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) के सहयोग से लॉन्च किया गया है।
बिट्स पिलानी और सीईआरटी-इनः बिट्स पिलानी और सीईआरटी-इन के सहयोग से चलाया जाने वाला यह आठ सप्ताह का प्रोफैशनल डेवलपमेंट कोर्स थोड़े अनुभवी या पहले से ही काम कर रहे इंजीनियर्स के लिए डिजाइन किया गया है। यह प्रोग्राम साइबर सिक्योरिटी में आवश्यक तकनीकी और प्रैक्टिकल स्किल्स सिखाने पर केंद्रित है।
आईआईटी बॉम्बे साइबर सुरक्षा सर्टिफिकेट प्रोग्रामः ट्रस्ट लैब (कंप्यूटर साइंस विभाग) के माध्यम से साइबर सिक्योरिटी में एक विशिष्ट पेशेवर सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया गया है, जिसमें प्रैक्टिकल और इंडस्ट्री से जोड़कर प्रशिक्षण दिया जाता है। वेबसाइट है-trustlab.iitb.ac.in/iitb.ac.in
आईबीएम स्किल्स बिल्ड साइबर सिक्योरिटी एनालिस्ट सर्टिफिकेट: आईबीएम का यह प्रोग्राम साइबर सुरक्षा एनालिस्ट बनने के लिए जरूरी ट्रेनिंग और कौशल देता है।
- इंटर्नशाला और सिंपलीलर्न जैसे मंच पर भी कई कोर्स उपलब्ध है, जैसे- एथिकल हैकिंग विद एआई, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट मास्टर्सप्रोग्राम और सर्टिफाइड एथिकल हैकर।
क्या हो रोडमैप
पीसीएम विषयों के साथ बारहवीं करना अच्छा आधार देगा। इसके बाद बीटेक या बीई (कंप्यूटर साइंस /साइबर सिक्योरिटी), बीसीए (साइबर सिक्योरिटी), बीएससी (साइबर सिक्योरिटी / डिजिटल फोरेंसिक्स) जैसे कोर्स चुन सकते हैं। इंजीनियरिंग डिग्री के लिए जेईई मेन्स/एडवांस्ड जैसी प्रवेश परीक्षा से गुजरना होगा। वहीं कुछ बैचलर कोर्स के लिए सीयूईटी परीक्षा के माध्यम से प्रवेश मिलेगा। कुछ संस्थानों की अपनी परीक्षाएं भी आयोजित होती है। साइबर सिक्योरिटी डिप्लोमा कोर्स भी उपलब्ध है। आईआईटी, एनआईटी आदि प्रमुख संस्थान है। पोस्ट ग्रेजुएशन की बहुत मांग है। गैर-आईटी पृष्ठभूमि वाले छात्रों को सबसे पहले कंप्यूटर, इंटरनेट और नेटवर्किंग की बेसिक जानकारी सीखनी चाहिए। कुछ गैर आईटी डिग्री आपको इस क्षेत्र से जोड़ती हैं, जैसे बीबीए (आईटी एंड सिस्टम्स मैनेजमेंट), जिसमे आईटी और मैनेजमेंट दोनों पढ़ाए जाते हैं, जैसे आईटी गवर्नेस, रिस्क मैनेजमेंट और कंप्लायंस, ताकि संगठन कीसाइबर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रमुख संस्थान और कोर्स
- आईआईटी दिल्ली, एमटेक (इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी) iitd.ac.in
- एनआईईएलआईटी, nielit.gov.in पीजी डिप्लोमा (इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी एंडक्लाउड कंप्यूटिंग) के लिए
- एमिटी यूनिवर्सिटी, एमएससी (साइबर सिक्योरिटी) ऑनलाइनamityonline.com
- आईआईआईटी बंगलुरू, एमटेक (इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी) iitb.ac.in
- एनआईटीके, एमटेक (इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी), nitk.ac.in
- वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (कंप्यूटर साइंस एंड इंजी.) vit.ac.in
- अन्ना यूनिवर्सिटी, एमई (इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी), annauniv.edu
- एसआरपम, बीटेक (साइबर सिक्योरिटी) srmist.edu.in

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
