मार्केटिंग में बनें स्मार्ट      Publish Date : 03/04/2026

                मार्केटिंग में बनें स्मार्ट

                                                                                                              प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

“अगर आप मार्केटिंग की जॉब में पॉजिटिव एटीट्‌यूड यानी आत्मविश्वास, उत्साह, अपने क्लाइंट की बातों में सचि प्रदर्शित करते हैं, तो निःसंदेह इससे आपको आश्चर्यजनक परिणाम मिल सकते हैं”।

जॉब कोई भी हो, यदि आप उसे पूरे पैशन से करते हैं, तो कामयाबी जरूर मिलती है। जहां तक मार्केटिंग जॉब की बात है, तो यह जॉब आपसे शत-प्रतिशत पैशन की मांग करती है। क्योंकि पैशन से ही आपके वास्तविक वर्क स्टाइल के बारे में पता चलता है।

निगेटिव एप्रोच से रहें दूर

                                

अक्सर कहा जाता है कि हम जैसा सोचते हैं, हमारे काम में वही सोच दिखाई देती है। अगर आप निगेटिव सोचेंगे, तो न आप अपनी जाँय से लगाव रख पाएंगे और न आपका टारगेट ही पूरा ही सकेगा।

दिखाएं उत्साह

याद रखें, किसी भी काम की कामयाबी में उत्साह का सबसे ज्यादा योगदान होता है। जिन लोगों में उत्साह होता है, वे दूसरों में भी उत्साह का संचार कर जाते हैं। इसलिए मार्केटिंग फील्ड में होने के कारण आपमें उत्साह का होना बहुत जरूरी है, ताकि आपके क्लाईट आपकी प्रोडक्ट में दिलचस्पी दिखा सकें और आपको सही फीडबैक दे सकें।

आत्मविश्वास का कमाल

आपको हर हाल में न केवल खुद पर, बल्कि अपने क्लाईट पर भी पूरा भरोसा होना चाहिए। याद रहे, वह आत्मविश्वास ही है, जिसे सफलता की कुंजी कहा जाता है।

बदलाव के लिए तैयार

                                  

मार्केटिंग एक ऐसा क्षेत्र है, जहां हमेशा चैज की गुंजाइश बनी रहती है। क्योंकि वह आपका पहला मकसद होता है क्लाइंट की संतुष्ट करना और ज्यादा-से-ज्यादा क्लाइंट्स जोड़ना। इसलिए जब भी लगे कि अमुक तकनीक में बदलाव की जरूरत है, आपको तत्काल उस तकनीक को अपना लेना चाहिए।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।