फैशन इलस्ट्रेटर बन कॅरियर में भरें रंग      Publish Date : 25/03/2026

     फैशन इलस्ट्रेटर बन कॅरियर में भरें रंग

                                                                                                      प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

“क्या आपको ड्राइंग पसंद है और आपको लेटेस्ट फैशन की परख भी है तो आप भी फैशन इलस्ट्रेटर बनकर अपना कॅरियर संवार सकते हैं। फैशन की दिन पर दिन बढ़ती डिमांड के बीच इलस्ट्रेटर का क्षेत्र बहुत व्यापक हो गया है। यदि आपकी भी आर्ट में अच्छी पकड़ है और पेंटिंग बनाना आपका शौक रहा है तो यह क्षेत्र आपका इंतजार कर रहा है। बतौर फैशन इलस्ट्रेटर नौकरी शुरू करने अलावा आप व्यापार भी कर सकते हैं”।

                                 

फैशन डिजाइनर्स के साथ काम करने का रोमांच और विचारों को मूर्त रूप देने का जज्बा आपको बतौर फैशन इलस्ट्रेटर कामयाबी दिला सकता है। फैशन इलस्ट्रेटर को फैशन डिजाइन आर्टिस्ट भी कहा जाता है। यानी ऐसे विशेषज्ञ जो फैशन के डिजाइन और विचारों को कला के माध्यम से अभिव्यक्त करते हैं। फैशन इलस्ट्रेशन विचारों की एक ऐसी अभिव्यक्ति हैं जो ड्राइंग और पेंटिंग के माध्यम से अभिव्यक्त की जाती है। फैशन इलस्ट्रेटर किसी भी कंपनी में डिजाइनिंग टीम का अहम हिस्सा है, जो कि डिजाइनर्स के साथ ही काम करता है। फैशन इलस्ट्रेटर का इतिहास तकरीबन 500 वर्ष पुराना है। जब से कपड़े अस्तित्व में आए तभी से विचारों को कागज पर उतारने की जरूरत पड़ने लगी। आजकल के समाज में फैशन की बढ़ती डिमांड और कुछ अलग दिखाई देने की चाहत ने इस क्षेत्र में नौकरियों के नए दरवाजे खोले हैं। बाजार में मिलने वाले कपड़ों और अन्य सामानों पर इलस्ट्रेशन के माध्यम से हाथ की कारीगरी खूब देखने को मिलती है।

फैशन इलस्ट्रेटर का काम

पेशेवर फैशन इलस्ट्रेटर फैशन डिजाइनर और आर्ट डायरेक्टर के साथ काम करता है। किसी भी कंपनी में इन सभी के एक साथ काम करने से अनोखा और बेहद सुंदर डिजाइन तैयार होता है। हालांकि फैशन इलस्ट्रेटर का मुख्य काम स्कैच, लेआउट और तस्वीर तैयार करना होता है। इसके अलावा फैशन इलस्ट्रेटर के ये काम भी होते हैं-

• प्रोजेक्ट की जानकारी के लिए फैशन डिजाइनर, आर्ट डायरेक्टर और खरीदार से संपर्क करना।

• खरीदार से बात करके उसे प्रोजेक्ट के बारे में समझाना और उसे सहमत करना।

• डिजाइन के लिए विजुअल आइडिया तैयार करना।

• अपने विचारों पर ग्राहक की सहमति लेना। यहां पर इलस्ट्रेटर को इंतजार भी करना पड़ सकता है, साथ ही स्कैच को ग्राहक की मर्जी के अनुसार कई बार तैयार करना पड़ सकता है।

• इमेजिंग सॉफ्टवेयर फोटोशॉप व इलस्ट्रेटर की मदद से कपड़ों, जूतों, फैशन एसेसरीज और अन्य घरेलू इस्तेमाल के सामानों का डिजाइन तैयार करना।

• फैशन डिजाइनर के विचारों को इलस्ट्रेशन की मदद से वास्तविक डिजाइन में बदलना।

• पेंट, चारकोल, कलर पेंसिल और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की मदद से स्कैच तैयार करना।

• कैटलॉग, मैग्जीन, ब्रोशर, फ्लायर, कामर्शियल ऐंड ऐंडवर्टाइजिंग मीडिया के लिए लेआउट तैयार करना।

• स्कैच, लेआउट, ड्रॉफ्ट और ड्राइंग के माध्यम से विचारों को अभिव्यक्त करना।

• सही कलर, साउंड और एनिमेशन का चुनाव करना।

• कपड़ों के लिए फैब्रिक पैटर्न और डिजाइन को बनाना।

स्वरोजगार का मौका

                              

किसी कंपनी में फैशन इलस्ट्रेटर के तौर पर नौकरी करने के अलावा आप अपना व्यापार भी शुरू कर सकते हैं। फैशन इलस्ट्रेटर के तौर पर स्वतंत्र रूप से काम करने के लिए आपको पहले अपनी फैशन इलस्ट्रेशन कंपनी बनानी होगी। इसके बाद आप अलग-अलग क्षेत्र के ग्राहकों के लिए काम कर सकते हैं। अपने व्यापार को ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए इनके साथ काम कर सकते हैं-

• ऐंडवर्टाइजिंग एजेंसी जो फैशन डिजाइनर्स के साथ काम करती हो।

• फैशन पब्लिकेशन (प्रिंट और ऑनलाइन)

• स्थानीय स्तर पर काम करने वाले व्यापारियों के साथ

• लोकल फैशन शो में

• फैशन डिजाइन स्टूडियो

• मीडिया आर्गेनाइजेशन (ऑनलाइन, टेलीविजन और प्रिंट)

• नेशनल डिपार्टमेंट स्टोर

• नेशनल रिटेल चेन

जरूरी स्किल

किसी भी तरह की नौकरी और व्यापार को करने के लिए व्यवहार और काम की जानकारी जरूरी स्किल होते हैं। इसके अलावा एक अच्छा फैशन इलस्ट्रेटर बनने के लिए आपके अंदर निम्नलिखित गुणों का होना भी आवश्यक है।

• फैशन की परख और ड्रांइग अच्छी हो

• मिल-जुलकर कर करने का गुण, परेशानियों का हल निकालने की कला और दूसरों को ग्रहण करने की कला

• कल्पनात्मक और क्रियात्मकता

• रंगों का अच्छा ज्ञान हो

• लंबे समय तक काम करने की क्षमता

• इंडस्ट्री में आने वाले बदलावों से खुद को अपडेट रखना

शिक्षा और प्रशिक्षण

फैशन इलस्ट्रेटर के लिए किसी खास शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता नहीं है। इसमें भविष्य बनाने के लिए आप फैशन डिजाइनिंग स्कूल से सामान्य तौर पर शिक्षा ग्रहण करने के बाद प्रशिक्षण ले सकते हैं। लेकिन डिप्लोमा/डिग्री कोर्स करने के बाद आपके इंडस्ट्री में आगे बढ़ने की संभावना ज्यादा रहती है। यदि आपको भी इस क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना है तो फैशन डिजाइन, फाइन आर्ट, विजुअल आर्ट, ग्राफिक डिजाइन या फैशन इलस्ट्रेशन से संबंधित चार वर्षीय बैचलर डिग्री में दाखिला ले लें। इसके साथ ही फोटोशॉप और कंप्यूटर एडेड डिजाइन (कैड) का ज्ञान होना भी जरूरी है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।