
फॉरेसिंक साइंस में करियर के बेहतरीन मौके Publish Date : 21/03/2026
फॉरेसिंक साइंस में करियर के बेहतरीन मौके
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
सीआईडी शो देखने वालों को फरिसिक साइंस की अहमियत का अंदाजा बखूबी होगा। अगर आप भी घटनाओं की तह तक आने और साइंस पढ़ने में दिलचस्पी रखते हैं तो यकीन मानिए कि अच्छे चेतन वाला पह चुनौतीपूर्ण करियर आपके लिए ही है।
आधुनिक समय में साइस के बिना कुछ भी संभव नहीं है। हर फील्ड में साइंस का उपयोग होने के कारण साइंस के ब्रांचेज लगातार बढ़ रहे हैं। स्वांस की ही एक ब्रांच फरिसिक साइंस का उपयोग तेजी से भारत जैसे देश में भी बढ़ा है। इसके प्रयोग को देखते हुए इस फील्ड में रोजगार की काफी संभावनाएं पैदा हुई है।
क्या है फॉरेंसिक साइंस

फॉरेंसिक लैटिन शब्द से बना है, जिसका मतलब होता है कुछ भी फॉर्म होने से पहले, किसी भी साइंस का उपयोग कानून के उद्देश्य से किया जाए तो उसे फॉरेंसिक साइंस कहा जाता है। क्राइम के होने के पहले की चीजों को वैज्ञानिक तरीके से इकट्ठा करने और उसका विश्लेषण करने में इसकी मदद ली जाती है। खासतौर पर पूरी दुनिया में सिविल डिस्प्यूट्स, क्रिमिनल लॉ, पब्लिक हेल्थ और रेगुलेशन के मामलों को सुलझाने के लिए फॉरेंसिक साइस का इस्तेमाल होता है। जिस जगह पर आपराधिक घटना घटी हो यहां से फिजिकल एविडेंस और अलग तरह के सबूत जुटाकर केस को सुलझाने बाले को फॉरेंसिक साइंटिस्ट कहा जाता है। इस सबूत में फिंगर प्रिंट्स, ब्लड सैपात, हेयर, बुलेट्स और कई अन्य तरह के लैब टेस्ट शामिल हैं।

फॉरेंसिक साइंटिस्ट बनने के लिए योग्यता फिजिक्स, केमेस्ट्री और बायोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, मेडिकल टेक्नोलॉजी या जैनिटिक्स जैसे विषयों में बैचलर डिग्री होनी चाहिए। कुछ दूसरे जाँब में लैब अनुभव भी मांगा जाएगा। बैचलर डिग्री के अलावा आप मास्टर डियी या डिप्लोमा फारिसिक साइंस में कर सकते हैं।
कहां मिलेगा जॉब
इस फील्ड में अधिकतर जॉब गवर्नमेंट सेक्टर में है। यहां पुलिस, लीगल सिस्टम, इंवेस्टिगेटिव सर्विस जैसे जगहों पर जॉब मिल सकती है। वहीं, प्राइवेट एजेंसी भी फॉरेंसिक साइंटिस्ट्स को हायर करती है। अधिकतर फ फॉरेंसिक साइंटिस्ट इंटेलिजेंस ब्यूरो और सीबीआई की ओर से हायर किए जाते हैं। इसके अलाया एक टीचर के रूप आप फॉरेंसिक साइंस की किसी इंस्टीट्यूट में पढ़कर अच्छी सैलरी कमा सकते हैं। योग्यता के आधार पर आपकी महीने की सैलरी 20-50 हजार रुपये तक या उससे अधिक भी हो सकती है।
जरूरी स्किल्स
बातचीत करने में एक्सपर्ट हो क्योंकि कोर्ट में अपनी बातों को साबित करने के लिए मजबूत कम्यूनिकेशन स्किल्स जरूरी है। कई तरह के टेस्ट रिपोर्ट लिखने होंगे इसलिए राइटिंग स्किल भी अच्छी होनी चाहिए। टॉप भारतीय फॉरेंसिक इंस्टीट्यूटइंस्टीट्यूट ऑफ क्रिमिनोलॉजी ऐंड फोरेंसिक साइंस, नई दिल्ली, लखनऊ यूनिवर्सिटी, लोक नायक जयप्रकाश नारायण नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिमिनोलॉजी ऐंड फोरेंसिक साइंस, दिल्ली, अन्ना यूनिवर्सिटी, चेत्रई, टूलफोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री, हैदराबाद।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
