भविष्य के गणित का गुणा-भाग      Publish Date : 09/03/2026

         भविष्य के गणित का गुणा-भाग

                                                                                                       प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

“अगर आपकी रुचि गणित में है, और इसी क्षेत्र में आप अपना भविष्य देखते हैं, तो इसमें विशेषज्ञता हासिल करके अच्छी नौकरी पा सकते हैं। कहां-कहां मिल सकती है नौकरी”।

भारत को यूं ही गणित का देश नहीं कहा जाता। आर्यभट्ट ने शून्य की खोज कर समस्त दुनिया में भारत को गौरवान्वित किया और गणित को एक नई दिशा दी। उन्हें देश का पहला गणितज्ञ और खगोलशास्त्री माना जाता है। इसके बाद आधुनिक दौर में गणितज्ञ के तौर पर एक और नाम सामने आया और वे थे रामानुजम, जिन्होंनें गणित से अपनी एक अलग पहचान बनाई। हाल ही में उन्हें सम्मान देते हुए वर्ष 2012 को गणित वर्ष के रूप में मनाया गया था।

कालांतर में और भी कई गणितज्ञ हुए, जिन्होंने देश को गौरवान्वित किया। इसके बावजूद हमारे यहां गणित को एक विषय या कॅरियर के रूप में नहीं पढ़ाया जाता, बल्कि इंजीनियरिंग व इंजीनियरिंग के पेशे में आगे बढ़ने के लिए एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। कॅरियर की दृष्टि से अगर गणित को देखें, तो यह कॅरियर की कई राहें खोलता है।

रोजगार की संभावनाएं

बारहवीं तक मैथ्स की पढ़ाई करने वालों के लिए सबसे खास बात है कि उन्हें अपने कॅरियर के विकल्प का चुनाव करते हुए किसी खास स्ट्रीम तक सीमित रहने की जरूरत नहीं होती। आप साइंस या आर्ट्स दोनों में किसी भी क्षेत्र में जा सकते हैं, क्योंकि आर्ट्स और सोशलॉजी के उच्च स्तर पर भी गणित विषय जानने वालों की आवश्यकता होती है। स्पष्ट है कि गणितज्ञ, इंजीनियर और प्रोफेसर बनाने के अलावा सीए, फाइनेंस एनालिस्ट, अनुसंधान, अध्यापन के कार्यों में गणित की भूमिका अहम होती है। यदि आप ऐसे क्षेत्र में अपनी गणितीय क्षमता को विकसित कर अपना भविष्य संवारना चाहते हैं, तो आपके सामने कॅरियर के कई विकल्प हैं।

इस तरह देखें तो गणित विषय में प्रारंभिक स्तर से लेकर उच्च स्तर तक संभावनाएं ही संभावनाएं हैं। इंजीनियरिंग और वैज्ञानिक क्षेत्र ही नहीं, ज्योतिष के क्षेत्र में भी गणित के जानकारों के लिए अपार संभावनाएं हैं। अगर आपकी गणित पर पकड़ मजबूत है, तो सॉफ्टवेयर एनालिस्ट ऐंड प्रोग्रामर, मार्केट रिसर्च ऐंड एनालिस्ट, एक्चुरियल साइंस, एस्ट्रोनॉमी, एस्ट्रोफिजिक्स, मौसम विज्ञान, आंकिक अर्थशास्त्र, संचार प्रौद्योगिकी, अनुवांशिकी अनुसंधान के क्षेत्र में भी भविष्य है। प्लानिंग कमीशन में डाटा कलेक्शन, कैलकुलेशन और उनका वर्गीकरण जैसे कार्यों में गणित विषय जानने वालों की आवश्यकता रहती है। भारतीय सांख्यिकी संस्थान समेत कई प्रतिष्ठित संस्थान बारहवीं तक मैथ्स पढ़े छात्रों को स्टेटेस्टिक्स के विभिन्न कोर्सेज में प्रवेश देते हैं। स्टेटेस्टिक्स में बीए ऑनर्स भी किया जा सकता है, जिसके बाद कई कंपनियों में जॉब मिल सकती है।

इसी तरह एक्चुरियल मैथमेटिक्स की बदौलत आप बीमा उद्योग से जुड़ सकते हैं, क्योंकि यह बीता से संबंधित नौकरी खोजने में मददगार साबित होता है। इसमें विशेषज्ञता हासिल कर शोध विश्लेषक बना जा सकता है। फाइनेंशियल मैथमेटिक्स में एक्सपर्ट हैं, तो शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट से लेकर विभिन्न वित्तीय संस्थानों में कार्य करने का अवसर मिल सकता है।

यदि आप इस विषय को रुचिपूर्ण तरीके से दूसरे छात्रों को समझा सकते हैं, तो मैथ्स टीचर के रूप में भी आपके पास कई विकल्प हैं। इसमें भी प्रारंभिक से लेकर उच्च स्तर तक कॅरियर बुलंद है, जैसे टीजीटी, पीजीटी टीचिंग के रूप में। उच्च स्तर की बात करें, तो विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर आदि पदों पर पहुंचकर अपनी सेवाएं दे सकते हैं। इसके अलावा अपना खुद का कोचिंग इंस्टीट्यूट खोलकर, बच्चों को प्रतिभावान गणितज्ञ बनाने का कार्य कर सकते हैं।

प्रमुख संस्थान

  • रामानुजम मैथमेटिकल सोसाइटी, बंगलूरू।
  • डिपार्टमेंट आफ मैथमेटिक्स ऐंड एस्ट्रोनॉमी, लखनऊ यूनिवर्सिटी।
  • आईआईटी कानपुर, दिल्ली, रुड़की और गुवाहटी।
  • भाभा एटॉमिक रिसर्च इंस्टीट्यूट, मुंबई।
  • मैथमेटिकल साइंस फाउंडेशन, नई दिल्ली।
  • हरीशचंद्र रिसर्च इंस्टीट्यूट, इलाहाबाद।
  • बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी।
  • पंजाब यूनिवर्सिटी, पंजाब।
  • चेन्नई मैथमेटिकल इंस्टीट्यूट, चेन्नई।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।