
नौकरियों का बिग बाजार Publish Date : 01/03/2026
नौकरियों का बिग बाजार
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
कोरोना काल में घर से बाहर निकलना कम होने से ऑनलाइन शॉपिंग में काफी तेजी आई है। इसके अलावा, हाल में रिटेल सेक्टर की लोकप्रिय कंपनी फ्यूचर ग्रुप को रिलायंस द्वारा खरीद लिया गया। माना जा रहा है कि इन सबसे आने वाले दिनों में रिटेल सेक्टर में अधिक नौकरियां सामने आएंगी, जिसका फायदा युवाओं को मिल सकता है-
गोल्डमैन की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत का ई-कॉमर्स कारोबार साल 2024 तक करीब 99 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। अगले चार साल में इसकी वृद्धि भी 27 फीसद तक रहने की उम्मीद है। वैसे, ई-कॉमर्स कंपनियों की बढ़ती उपयोगिता का उदाहरण हमारे सामने है। कोरोना काल में किस तरह से ये कंपनियां लोगों के लिए एक बड़ी राहत बनकर उभरी हैं। एक कॉल पर हमारे घर तक ग्रॉसरी से लेकर फल, सब्जियां, कपड़े, दवाइयां, खाना सबकुछ पहुंच रहा है। कोरोना के संक्रमण और शारीरिक दूरी के नियम को देखते हुए माना जा रहा है कि यह शॉपिंग ट्रेंड आने वाले समय में भी जारी रहेगा और लोग अपनी जरूरत की चीजें ऑनलाइन ही मंगाने को ज्यादा तरजीह देंगे।

यह बढ़ती डिमांड का ही तकाजा है कि आज अमेजन, फ्लिपकार्ट, जोमैटो, जियोमार्ट जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियां लग्जरी ब्रांड के अलावा ऑनलाइन ग्रॉसरी के फील्ड में भी तेजी से आगे आं रही हैं। वहीं, दूसरी ओर देश में नेट यूजर्स का बेस भी लगातार बढ़ता जा रहा है। तभी तो आज इंटरनेट के जरिए शॉपिंग के मामले में यहां के लोगों ने चीन, ब्राजील, इंडोनेशिया, थाईलैंड और फिलीपींस जैसे देशों को भी पीछे छोड़ दिया है। ई-कॉमर्स में आए बूम के कारण आने वाले दिनों में डिलीवरी ब्वॉय से लेकर सप्लाई चेन मैनेजमेंट, कंटेंट डेवलपमेंट, रिटेल मैनेजमेंट, मार्केटिंग तथा फाइनेंस में प्रशिक्षितलोगों के लिए कहीं ज्यादा मौके होंगे।
लॉजिस्टिक्स, सेल्स, कंटेंट में अवसरः कोरोना के कारण एक ओर जहां तमाम सेक्टर्स में हजारों-लाखों लोगों को अपनी नौकरियां गंवानी पड़ी है या नौकरी जाने का डर सता रहा है, वहीं इसके उलट ई-कॉमर्स की डिमांड में काफी तेजी आई है। खासतौर से पिछले छह महीने से डिलीवरी ब्वॉय की जबरदस्त डिमांड है। स्टाफिंग फर्म टीम लीज तथा मैनपावर की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना काल मेंई-कॉमर्स सेक्टर में आई तेजी के बाद इन दिनों सेल्स, लॉजिस्टिक्स तथा कंटेंट डेवलपमेंट स्किल वाले लोगों की बड़े पैमाने पर हायरिंग की जा रही है। यह हायरिंग अमेजन, फ्लिपकार्ट, स्वीगी, बिग बॉस्केट तथा पेटीएम जैसी सभी ऑनलाइन कंपनियों में देखी जा रही है।
कोर्स एवं योग्यताएं: लॉजिस्टिक्स या सप्लाई चेन के फील्ड में आने के लिए इन दिनों देश के कई संस्थानों में डिप्लोमा तथा पीजी डिप्लोमा से लेकर ग्रेजुएशन तक के विभिन्नकोर्स कराए जा रहे हैं। आमतौर पर इन पाठ्यक्रमों के अंतर्गत युवाओं को मार्केटिंग स्ट्रेटेजी, फाइनेंस मैनेजमेंट, कस्टमर रिलेशंस तथा सप्लाई चेन मैनेजमेट जैसे विभिन्न विषयों के बारे में जानकारी दी जाती है। किसी भी संकाय के स्टूडेंट ये कोर्स कर सक़ते हैं।
सैलरी पैकेज ई-कॉमर्स में एंट्री लेवल पर किसी भी सेक्शन में 20 से 25 हजार रुपये तक सैलरी आसानी से मिल जाती है।
प्रमुख संस्थान
• इंदिरा गांधी ओपनयूनिवर्सिटी, नई दिल्ली www.ignou.ac.in
• गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, दिल्ली www.ipu.ac.in
• एमिटी बिजनेस स्कूल, नोएडा www.amity.edu
• अन्ना यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, तमिलनाडु www.annauniv.edu
• डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर मराठवाड़ा यूनिवर्सिटी महाराष्ट्र www.bamu.ac.in

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
