फ्लाइट डिस्पैचर बनकर भरें भविष्य की उड़ान      Publish Date : 28/02/2026

फ्लाइट डिस्पैचर बनकर भरें भविष्य की उड़ान

                                                                                                        प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

आज एविएशन कंपनियां काफी फल-फूल रही हैं। लोग अब कम से कम समय में सुरक्षा के साथ एक जगह से दूसरी जगह सफर कर लेते हैं, लेकिन कभी आपने सोचा है कि आसान दिखने वाली इस हवाई यात्रा को सफल बनाने के लिए कितने लोग काम करते हैं। फ्लाइट को उड़ाने के पूरी प्रकिया में सबसे अहम रोल हैं फ्लाइट डिस्पैचर का।

फ्लाइट डिस्पैचर पर ही चालन के अलावा समस्त गतिविधियों योजनाबद्ध रूप से संचालन की जिम्मेदारी होती है। आप भी डिस्पेचर बनकर अपना कॅरियर बना सकते हैं।

एक फ्लाइट को सफलता पूर्वक उड़ाने के लिए जितना श्रेय फ्लाइट कैप्टन को दिया जाता है। उतना ही उसमें काम करने वाले स्टाफ का भी होता है। खास तौर पर फ्लाइट डिस्पैचर के बिना तो कैप्टन अपना काम कर ही नहीं सकता है। तभी तो फ्लाइट डिस्पैचर को कैप्टन ऑफ ग्राउंड कहा जाता है। एक विमान डिस्पैचर की जिम्मेदारी एक एयरलाइन के समुचित संचालन के लिए महत्वपूर्ण होती है।

जिम्मेदारी भरा ये काम

                            

दूर से देखने में भले ही लगता हो कि फ्लाइट को उड़ाने का जिम्मा कैप्टन पर होता है, लेकिन असल में एक पूरी फ्लाइट में बैठे यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी फ्लाइट डिस्पैचर पर होती है जिसे उन्हें बखूबी से निभाना पड़ता है।

क्या है काम

यह बेहद ही जिम्मेदारी और रोमांच से भरा काम है, इसलिए इसमें काम करने वालों को मोटी सैलरी दी जाती है। वह कैप्टन को सरकार की पॉलिसी के अनुसार गाइड करते हैं और फ्लाइट की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। वह जहाज की उड़ान और लैंडिग प्लान करते हैं। साथ ही सुरक्षा उपायों की पुष्टि और निजी, वाणिज्यिक, और कार्गो विमान के लिए मौसम की स्थिति पर नजर रखने का काम भी करते हैं।

बनाना पड़ता है प्लान

फ्लाइट डिस्पैचर विमान के फ्यूल, मैंटेनेंस, दूरी और गति का पूरा लेखा जोखा रखता है। वह हर दिन फ्लाइट प्लान बनाते हैं जिसमें फ्लाइट के उड़ने से उतरने तक का पूरा प्लान होता है। इसके अलावा वह मौसम के हिसाब फ्लाइट का रूट भी बदलते रहते हैं।

योग्यता

फ्लाइट डिस्पैचर बनने के लिए किसी खास योग्यता की जरूरत नहीं है और न ही इसके लिए किसी खास कोर्स की आवश्कता होती है। लेकिन फ्लाइट डिस्पैचर बनने के लिए डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एवियेशन अथॉरिटी से प्रमाण पत्र लेना पड़ता है।

एफएए प्रमाण जरूरी

प्रमाणीकरण के लिए सभी उम्मीदवारों को एफएए के प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेना होता है। डिस्पैचर प्रशिक्षण कार्यक्रम अक्सर सामुदायिक कॉलेजों और प्रमाणपत्र कार्यक्रम के रूप में विमानन स्कूलों के माध्यम से उपलब्ध होता है। इन कार्यक्रमों में आमतौर पर 2 सेमेस्टर और कवर विमानन मौसम विज्ञान, निजी पायलट जमीन स्कूल, उड्डयन नियमों, विमान प्रणाली शामिल होती है।

ये है जरूरी

यदि आप फ्रेशर हैं तो आप असिस्टेंट फ्लाइट डिस्पैचर के तौर पर एवरलाइन ज्वॉइन कर सकते हैं।ऑन जॉब ट्रेनिंग के 6 महीने बाद आप फ्लाइट डिस्पैचर बनने के लिए परीक्षा दे सकते हैं। परीक्षा पास करने के बाद ही आप फ्लाइट डिस्पैचर बनने लायक होते हैं।

आयु

फ्लाइट डिस्पैचर बनने के लिए उम्मीदवार की आयु 18 साल से अधिक होनी चाहिए। इसमें लड़की और लड़कों को समान वेतन और सुविधाएं दी जाती हैं।

इन पदों पर मिलेगी नौकरी

  • फ्लाइट डिस्पैचर
  • अंसिटेंट फ्लाइट डिस्पैचर
  • डिस्पैच क्लर्क
  • जूनियर फ्लाइट डिस्पैचर
  • रेडियो ऑपरेटर्स
  • स्टेशन मैनेजर्स
  • फ्लाइट ऑपरेशन ऑफिसर
  • ऑपरेशन असिस्टेंट
  • ग्रांउड डिस्पैच कंट्रोलर

ये होनी चाहिए क्वालिटी

  • उम्दा संचार कौशल
  • कॉल रूटिंग सॉफ्टवेयर की जानकारी
  • ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर की जानकारी
  • डेटाबेस इंटरफेस और विमानन जमीन सहायता कार्यक्रमों की जानकारी
  • मौसम विज्ञान का ज्ञान
  • विमान नेविगेशन की समझ
  • इंस्ट्रूमेंटेशन सिस्टम की जानकारी
  • लैंडिंग/टेकऑफ प्रक्रिया की जानकारी
  • आपातकालीन स्थिति पर कंट्रोल करने की क्षमता
  • एफएए नियमों और कानूनों का ज्ञान
  • बोलने पढ़ने और लिखने में अंग्रेजी की दक्षता

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।