
सवाल आपके और जवाब हमारे कॅरियर विशेषज्ञ के Publish Date : 22/02/2026
सवाल आपके और जवाब हमारे कॅरियर विशेषज्ञ के
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
रेलवे में ग्रेजुएट के लिए कैसी संभावनाएं हैं?
उत्तर प्रदेश भारतीय रानवे में ग्रेजुएट के लिए अनेक प्रतिष्ठित और स्थायी नौकरी के अवसर उपलब्ध हैं। इसके विभिन्न तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों पर भर्ती रेलवे भर्ती चोर्ड (आरआरबी) और यूपीएससी के माध्यम से होती है। प्रमुख आधार पर ट्रेनों के संचालन तथा माल परिवहन की निगरानी के लिए गुड्स गाई, स्टेशन पर ट्रेन परिचालन और यात्री सेवाओं का दायित्व संभालने के लिए स्टेशन मास्टर, कमर्शियल तथा रेल ट्रांसपोर्ट प्रबंधन से जुड़े कमर्शियल अप्रेंटिस ट्रैफिक अप्रेंटिस जैसे पद इंजीनियरिंग ग्रेजुएट डिप्लोमा धारकों के लिए जूनियर इंजीनियर को जॉब्स, प्रशासन और लेखा कार्य के लिए सीनियर क्लर्क जूनियर अकाउंटेंट, यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से इंजीनियरिंग मैनेजमेंट ग्रेजुएट्स के पद तथा रेलवे इंजीनियरिंग सर्विसेज में अधिकारी स्तर के पदों का नाम लिया जा सकता है।
मुझे बौद्ध अध्ययन विषय का महत्व, कोर्स और इससे संबंधित करियर अवसरों पर जानकारी दें?
बौद्ध अध्ययन या बुद्धिस्ट स्टडीज एक बहुआयामी विषय है। इसमें धर्म, दर्शन, इतिहास, संस्कृति, मनोविज्ञान और नैतिकता जैसे विशिष्ट विषयों का अध्ययन किया जाता है। यह विषय व्यक्ति के नैतिक विकास, मानसिक शांति और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देता है। इसके साथ ही एशियाई सभ्यताओं, कला, साहित्य और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को समझने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इस विषय में स्नातक (बीए), स्नातकोत्तर (एमए), एमफिल और पीएचडी जैसे एकेडमिक कोर्स उपलब्ध हैं। कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों, बौद्ध संस्थानों और विदेशी विश्वविद्यालयों में ये पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इसके बाद विश्वविद्यालयों, कालेजों और शोध संस्थानों में प्रोफेसर या रिसर्चस्कालर के रूप में जाब्स के अवसर मिल सकते हैं। पर्यटन, संग्रहालय, पुरातत्व विभाग, अंतरराष्ट्रीय संगठन, सांस्कृतिक कूटनीति अनुवाद, प्रकाशन और एनजीओ में भी ऐसे एक्सपर्ट्स के लिए, करियर की संभावनाएं होती हैं।
वानिकी (फारेस्ट्री) विषय के बाद क्या करियर हो सकता है?
राघव उप्रेती, देहरादून, उत्तराखंड चानिकी या फार्मस्ट्री एक महत्वपूर्ण विषय है। यह जंगलों, वन्यजीवों, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, प्रबंधन और टिकाऊ उपयोग से संबंधित है। पर्यावरण संकट, जलवायु परिवर्तन और जैव-विविधता संरक्षण को चुनौतियों के कारण वानिकी क्षेत्र का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इस विषय के प्रमुख कोर्सेज में बीएससी (वानिको फारेस्ट्री), बीटेक बीएससी (एग्रेकल्चर वानिकी आधारित) बार डिप्लोमा इन फारेस्ट्री आदि मुख्य हैं। पोस्ट ग्रेजुएशन स्तर पर एमएससी (वानिकी), एयोफारेस्ट्री, वाइल्ड लाइफ साइंस, पर्यावरण विज्ञान और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के अलावा पीएचडी आदि का नाम लिया जा सकता है। इसके बाद सरकारी क्षेत्र में फारेस्ट गार्ड, रेंजर, असिस्टेंट कंजरवेटर आफ फारेस्ट (एसीएफ), इंडियन फारेस्ट सर्विस (आइएफएस) अधिकारी जैसे पद प्रमुख रूप से उपलब्ध हो सकते हैं। इन पदों के लिए राज्य लोक सेवा आयोग या यूपीएससी के माध्यम से भी चयन होता है। हर साल इसके लिए आवेदन निकलते हैं। प्राइवेट सेक्टर में पर्यावरण कंसल्टेंट, वाइल्डलाइफ मैनेजर, एग्रोफारेस्ट्री एक्सपर्ट, एनजीओ में प्रोजेक्ट आफिसर, लकड़ी एवं कागज उद्योग, इको-टूरिज्म, कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट्स और रिसर्च संस्थानों में भी अवसर उपलब्ध हैं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
