कॅरियर के लिए सोशल मीडिया पर निर्भर न रहें      Publish Date : 01/02/2026

          कॅरियर के लिए सोशल मीडिया पर निर्भर न रहें

                                                                                                                                                         प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

“फर्क नहीं पड़ता अगर इंस्टाग्राम फॉलोअर जीरो हों, इतने स्किलफुल बने कि आपकी उपेक्षा मुश्किल हो जाए”

मैं एक साइंटिस्ट हूं, किताबें और ब्लॉग भी लिखता हूं। लेकिन, आप मुझे फेसबुक या एक्स पर ढूंढने की कोशिश न करें, क्योंकि मैं वहां आपको नहीं मिलूंगा। मुझे लगता है कि मेरी तरह युवाओं को भी सोशल मीडिया से दूरी बनानी चाहिए। मैं इसके पीछे ये तर्क नहीं दूंगा कि इससे आपका सामाजिक जीवन बड़ा सतही हो जाता है या फिर ये संस्कृति के खिलाफ है। मैं सिर्फ यह कहूंगा कि सतर्कता से उपयोग न हो, तो इससे आपके कॅरियर को नुकसान भी पहुंच सकता है।

जॉब मार्केट में बने रहने के लिए

यह कहा जाता है कि आपको अपने कथित सोशल मीडिया ब्रांड का ध्यान रखना चाहिए। यह आपको उन अवसरों तक पहुंचाता है, जिन्हें आप अन्यथा चूक सकते हैं। इससे आपका नेटवर्क बनता है। अगर आप सोशल मीडिया पर नहीं हैं, तो इसका मतलब है कि आप जॉब मार्केट से भीअदृश्य हैं। मुझे ये सारे तर्क पूरा सच नहीं लगते।

योग्यता की कद्र हर जगह

पंजीवादी अर्थव्यवस्था में बाजार उनको हाथोंहाथ लेता है. जो योग्य, दुर्लभ और मूल्यवान हैं। एक भी हैशटैग कर सकता है या 16 वर्ष का किशोर पि फिर किसी वायरल लेख को दोबारा पोस्ट कर सकता है। व्यवसायिक कामयाबी कठिन है, लेकिन जटिल नहीं। आपको बस अपनी स्किल के विकास पर ध्यान न देना है। स्टीव मार्टिन ने कहा है, इतने कौशलवान बनो कि लोग आपकी उपेक्षा न कर पाएं। अगर आप ऐसा करते हैं, तो आपकी राह खुद आसान हो जाएगी, आपके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स कितने ही क्यों न हों।

नेटवर्क जरूरी है

उपयोगी नेटवर्क उतना भी दुर्लभ नहीं है, जितना सोशल मीडिया समर्थक दावा करते हैं। मैं अगर अपना उदाहरण लूं, तो अपनी अकादमिक और बतौर लेखक स्थिति सुधारने से मुझे नए अवसर मिलने लगे। मैंने अपनी वेबसाइट पर फिल्टर नेटवर्क की संख्या बढ़ाने के लिए नहीं, उसे सीमित करने के लिए लगाया है। नेटवर्क जरूरी है, लेकिन इसे बनाने के लिए सिर्फ सोशल मीडिया को एकमात्र जरिया मानना गलत है।

ध्यान भटकाता है

                                                     

मुश्किल कार्यों को ध्यान भटकाए बगैर करने की क्षमता तेजी से जटिल होती अर्थव्यवस्था में मूल्यवान होती जारही है। सोशल मीडिया पर खुद को ब्रांड के तौर पर विकसित करने का समर्पण प्रोफेशनल ग्रोथ के लिए एक उदासीन विचार है। यह आपका समय और ध्यान उन कामों से हटाता है, जो सबसे महत्वपूर्ण हैं। बजाय इसके, आप दुनिया को यह समझाने लगते हैं कि आप कितने महत्वपूर्ण हैं।

संतुलन बनाए रखें

वर्तमान पीढ़ी को यह समझना चाहिए कि सोशल मीडिया मजेदार है, लेकिन अगर आप सोचते हैं कि आपके पोस्ट, लाइक वगैरह करना समय का सही उपयोग है, तो आप खुद को धोखा ही दे रहे हैं। सोशल मीडिया का सतर्कता से उपयोग करें, उसके हाथों अपना उपयोग न होने दें।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।