
पढ़ाई के साथ कमाई के मौके Publish Date : 28/01/2026
पढ़ाई के साथ कमाई के मौके
प्रोफेसर आर. एस. सेगर
केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद से दूसरे देशों के साथ अच्छे संबंध बनाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। जर्मनी, जापान और रूस के बाद अब न्यूजीलैंड के साथ अच्छे संबंधों का ही नतीजा है कि इस देश में भी भारतीय युवाओं के लिए अवसर और बढ़ने वाले हैं। यह देश इंडस्ट्री ओरिएंटेड पढ़ाई कराने के साथ-साथ भारतीय छात्रों को अब ज्यादा जाब के अवसर उपलब्ध कराने जा रहा है। अमेरिका, ब्रिटेन या कनाडा जैसे देशों को वीजा नीतियों में बदलाव होने से भारतीय छात्र अब न्यूजीलैंड जाना अधिक पसंद कर रहे हैं। पढ़ाई के लिए न्यूजीलैंड जाने के कुछ प्रमुख कारण हैं।
सुंदर और शांतिपूर्ण देशः न्यूजीलैंड के बारे में कहा जाता है कि इट इज हेवन आन अर्थ यानी धरती पर अगर कोई स्वर्ग है तो वह न्यूजीलैंड है। यह शांतिपूर्ण और सुरक्षित देशों में से एक माना जाता है। चूंकि पढ़ाई के लिए स्थान बहुत मायने रखता है। किसी अच्छी जगह जाकर विद्या अर्जन करनाअच्छा माना जाता है। इसलिए इस खूबसूरत छोटे देश में जाना छात्र पसंद करते हैं। कनाडा की तरह यह भी एक ठंडा देश है।

अलग तरह की पढ़ाई: न्यूजीलैंड अपनी पढ़ाई के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यहां को पढ़ाई अन्य देशों से बिल्कुल अलग है। यहां प्रैक्टिकल तरीके से पढ़ाई कराने पर काफी जोर दिया जाता है। यहां की यूनिवर्सिटीज कालेज में पढ़ाई के दौरान संबंधित इंडस्ट्रीज में काम सीखने का मौका भी दिया जाता है। केवल सुबह से शाम तक यहां पढ़ना ही नहीं होता है। कुल मिलाकर, न्यूजीलैंड में इंडस्ट्री कनेक्ट पढ़ाई कराई जाती है, जैसे-अगर कोई छात्र वहां एग्रीकल्वर में ग्रेजुएशन कर रहा है तो उसे किसानों के बीच खेत में जाकर 15 दिन, महीनेभर या दो से तीन महीने तक का अपना प्रोजेक्ट पूरा करना होता है।
पढ़ते हुए कमाने का अवसरः यह देश छात्रों को पढ़ाई के दौरान कमाने का भी अवसर देता है। यहां पढ़ाई करते हुए प्रति सप्ताह करीब 20 घंटे काम करके पैसा कमा सकते हैं। इस देश में यदि आप यूजी की पढ़ाई के लिए जा रहे हैं तो हर साल करीब 70 से 80 लाख रुपये पढ़ाई पर खर्च आता है। अन्य दूसरे खर्च मिलाकर करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपये तक कुल खर्च होता है।ऐसे में वर्क बीजा में आसानी की वजह से यहां छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने में अब बहुत मदद मिलेगी। इस देश से ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन करने पर पांच साल और काम करने का मौका मिल जाता है।
जाब के मौकेः यहां आप आइटी, साइबर सिक्योरिटी, हेल्थकेयर, कृषि तथा पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नौकरी के अवसर पा सकते हैं। हाल के एफटीए के तहत अब म्यूजिक, योगा और कुकिंग की जानकारी रखने वाले युवाओं को भी वहां हर साल जाब के अवसर मिलेंगे। हाल के ट्रेड एग्रीमेंट के बाद न्यूजीलैंड ने वर्क वीजा में थोड़ी सहूलियत देकर इसे छात्रों के लिए और आसान बना दिया है, ताकि छात्र वहां पढ़ सकें और काम भी कर सकें। चूंकि भारत के पास एक अच्छा टैलेंट पूल है, यूएस को सख्ती के बाद न्यूजीलैंड इस अवसर का लाभ उठाना चाहता है. इसलिए भी यह भारत के टैलेंट को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है।

यहां सेक्टर स्पेसिफिक क्षेत्रों में प्रोफेशनल्स की भारी मांग है। यहां स्किल्ड आधारित सेक्टर जैसे कि हेल्थकेयर में कुशल और प्रशिक्षित लोगों की इतनी मांग है कि यह इसकी पढ़ाई कराने के साथ-साथ आपकी जाब भी सुनिश्चित करा सकता है। साइबर सिक्योरिटी में भी यहां इसी तरह के अवसर हैं। कुल मिलाकर, स्टेम (साइंस, टेक्नोलाजी, मैथ) से जुड़े प्रोफेशनल्स की यहां बहुत मांग है। दरअसल, न्यूजीलैंड एग्रीकल्चर, डेयरी, हेल्थकेयर या साइबर सिक्योरिटी जैसे सेक्टर स्पेसिफिक स्किल्स को ध्यान में रखकर हर साल एक ग्रीन लिस्ट तैयार करता है, जिसमें वे सभी स्किल्स शामिल होते हैं, जिनकी उसे आने वाले दिनों में आवश्यकता होगी। फिर इसीको ध्यान में रखकर वह भारत समेत अन्य देशों के टैलेंट को प्रोत्साहित करता है।
लोकप्रिय पाठ्यक्रमः आइटी/साइबर सिक्योरिटी, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर तथा क्रिएटिव आर्ट्स की पढ़ाई के लिए न्यूजीलैंड काफी मशहूर है। उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के कारण ही यहां की आकलैंड यूनिवर्सिटी, ओटागी यूनिवर्सिटी, वाइकाटो यूनिवर्सिटी या मैसी जैसी कुल आठ यूनिवर्सिटी विश्व की टाप रैंकिंग वाली यूनिवर्सिटीज में शामिल हैं। इसकी डिग्री को भी हर जगह महत्व दिया जाता है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
