
परीक्षा के लिए मॉक टेस्ट के लाभ Publish Date : 26/01/2026
परीक्षा के लिए मॉक टेस्ट के लाभ
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
परीक्षा की अच्छी तैयारी के लिए मॉक टेस्ट देकर अपनी गलतियां सुधारते चले तो परीक्षा के अच्छे परिणाम आने तय होते हैं।
कर्मचारी चयन आयोग के द्वारा एसएससी एमटीएस परीक्षा 2025-26 परीक्षा की तारीख घोषित कर दी गई है, जो कि 4 फरवरी 2026 से प्रारंभ होगी। परीक्षा का समय अब काफी नजदीक आ गया है। इसलिए अंतिम समय की तैयारी पर पूरा ध्यान देना बहुत जरूरी है। इस समय पूरे सिलेबस को दोबारा पढ़ने की कोशिश करने के स्थान पर केवल महत्वपूर्ण टॉपिक ट्रिक और शॉर्ट नोट्स पर फोकस करें। परीक्षा के अंतिम दिनों में नया कुछ पढ़ने के बजाय जो आपने पहले पढ़ा है उसका स्मार्ट रिवीजन करें।
यह तरीका आपको समय की बचत करने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी देगा और याद रखें कि शांत दिमाग और सही योजना के साथ पढ़ाई करना सफलता की कुंजी माना जाता है। परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तनाव मुक्त रहें, मानसिक दबाव से बचें और खुद पर पूरा भरोसा बनाए रखें। अंतिम समय की सही तैयारी आपको परीक्षा में कुछ अंक और अच्छी रैंक दिलाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
कठिन प्रश्नों पर समय व्यर्थ न करें

सेट 1 में अंकगणित योग्यता और रिवीजन से 20 से 30 प्रश्न होते हैं जो कि कुल 120 अंकों के होते हैं और इसमें नेगेटिव मार्किंग भी नहीं होती है। इसलिए सभी प्रश्न बिना जल्दबाजी और तनाव के हल करने का प्रयास करें। इसके लिए हर प्रश्न को ध्यान से पढ़े अगर कोई सवाल कठिन लगे तो उसे छोड़कर पहले आसान प्रश्नों को हल करने का प्रयास करें। कठिन प्रश्नों में समय बर्बाद करने से बचें खासकर रीजनिंग में सावधानी बनाकर रखें।
नेगेटिव मार्किंग पर भी ध्यान रखें
अब सेट 2 की बात करते हैं। इस सेट में सामान्य ज्ञान और अंग्रेजी के 25-25 प्रश्न होते हैं और प्रत्येक प्रश्न तीन अंक का होता है और एक अंक की नेगेटिव मार्किंग भी होती है। इसलिए यहां सटीकता बहुत जरूरी है। तुक्का ना लगे खासकर समान ज्ञान में और केवल वही प्रश्न हल करें जिनके उत्तर आपको बिल्कुल सही पता हो। अंग्रेजी में जल्दबाजी न करें, कंप्रीहेंशन से ही उत्तर दें और अंत में मॉडल पेपर का अभ्यास अवश्य करें। यदि मॉडल पेपर आप देखकर अभ्यास करेंगे तो सफलता के अधिक चांसेस बने रहेंगे।
अपनी गलतियों की पहचान करते चलें
ध्यान रखें कि मॉक टेस्ट या प्रैक्टिस के दौरान जिन प्रश्नों मैं आपकी गलती हुई हो उन्हें अलग से नोट कर लें। साथ ही उसमें यह भी लिखे की यह गलती क्यों हुई और क्या कॉन्सेप्ट कमजोर था, जल्दबाजी हुई थी या प्रश्न को ठीक से नहीं पढ़ा गया था। इससे आपकी कमजोरी जल्दी पहचान में आती है और बार-बार होने वाली गलतियां रुकती हैं एवं आपकी सटीकता वह आत्मविश्वास दोनों में स्पष्ट सुधार होता है। समय निकालकर अपनी गलतियां की पहचान अवश्य करें, ऐसा करने से आपको काफी सुधार दिखाई देगा।
रिवीजन के लिए 3-2-1 की तकनीक अपनाएं
इस तकनीक के अनुसार परीक्षा से 3 दिन या 3 घंटे पहले केवल शॉर्ट नोट्स फार्मूले और महत्वपूर्ण तथ्यों को दोहराएं। इसके बाद दो दिन या 2 घंटे पहले उन सवालों को देखें जो पहले गलत हुए हों। साथ ही ट्रिकी टॉपिक और करंट अफेयर्स पर भी ध्यान दें और अंत में परीक्षा से एक दिन या 1 घंटे पहले एक नजर से पूरा रिवीजन करें और कोई भी नया टॉपिक पढ़ने से बचें ताकि आपका दिमाग शांत और आत्मविश्वास बना रहे और आप अपने एग्जाम में सफलता प्राप्त कर सकें।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
